असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘पूर्वोत्तर की समृद्ध संस्कृति का ब्रांड एंबेसडर’ बताया

नई दिल्ली,25 फरवरी (युआईटीवी)- असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध संस्कृति का ब्रांड एंबेसडर बताया है। उन्होंने यह बात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो के माध्यम से कही। इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक संदेश साझा किया गया,जिसमें उन्होंने कहा, “एक समय था,जब देश में असम और पूर्वोत्तर के विकास की उपेक्षा की जाती थी। यहाँ की संस्कृति को भी नजरअंदाज किया गया था,लेकिन अब पूर्वोत्तर की संस्कृति का ब्रांड एंबेसडर खुद मोदी ही बन चुके हैं।” मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस वीडियो के साथ लिखा, “नरेंद्र मोदी – पूर्वोत्तर की समृद्ध संस्कृति के ब्रांड एंबेसडर”।

यह बयान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति और समृद्धि को बढ़ावा देने के संदर्भ में काफी महत्वपूर्ण है,विशेष रूप से तब जब प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने इस क्षेत्र में विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। आगामी मंगलवार को,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम की राजधानी गुवाहाटी में एडवांटेज असम 2.0 समिट का शुभारंभ करेंगे। यह समिट दो दिन चलेगी और इसका मुख्य फोकस निवेश और बुनियादी ढाँचे पर होगा। इस समिट में 60 से अधिक देशों के राजदूत और मिशन प्रमुख भाग लेंगे। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का हिस्सा है,जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत में आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है।

प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश किए हैं। पिछले 10 सालों में,मोदी सरकार ने रेलवे के लिए 81,000 करोड़ रुपये, सड़क कनेक्टिविटी के लिए 48,000 करोड़ रुपये और भारतमाला परियोजना के तहत 5,196 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया है। इसके अतिरिक्त,उड़ान योजना के तहत 8 नए हवाई अड्डों का निर्माण किया गया है और 71 नए हवाई मार्गों की शुरुआत की गई है। इन सभी कदमों ने पूर्वोत्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी और विकास को नई दिशा दी है,जिससे इस क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।

पूर्वोत्तर के विकास पर ध्यान देते हुए,केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में इस क्षेत्र में हुए सुधारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2004 से 2014 के बीच पूर्वोत्तर में 11,121 हिंसक घटनाएँ हुई थीं,जो 2014 से 2023 के बीच घटकर 3,114 रह गईं,यानी 73 प्रतिशत की कमी आई है। गृह मंत्री शाह ने आँकड़ों के माध्यम से बताया कि सुरक्षा बलों की मृत्यु की घटनाएँ 71 प्रतिशत घटकर 132 रह गईं,जबकि नागरिकों की मौत में 86 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके अलावा,विद्रोह की घटनाओं में भी कमी आई है और पिछले 5 वर्षों में 8,900 से अधिक आतंकवादी समूहों के कैडरों ने मुख्यधारा में आत्मसमर्पण किया है।

गृह मंत्री अमित शाह ने यह भी कहा कि शांति और समृद्धि एक-दूसरे के साथ जुड़ी हुई हैं और उनके बिना कोई राज्य विकसित नहीं हो सकता। उनका यह बयान इस बात को प्रमाणित करता है कि मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर में शांति स्थापित करने और विकास को सुनिश्चित करने के लिए कठोर कदम उठाए हैं। आतंकवाद और हिंसा में कमी आना,साथ ही आत्मसमर्पण करने वाले विद्रोहियों की संख्या में वृद्धि,इस बात का सबूत है कि सरकार का प्रयास सही दिशा में जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर भारत में हुए इन विकास कार्यों ने न केवल क्षेत्र की बुनियादी ढाँचा स्थितियों को बेहतर बनाया है,बल्कि इसके साथ ही पूरे भारत में इस क्षेत्र को एक नई पहचान दिलाई है। ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और प्रधानमंत्री मोदी की विशेष पहल के तहत,यह क्षेत्र अब न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षेत्र के लिए एक मजबूत और स्थिर विकास की दिशा तय की है,जिसे पूरी दुनिया में सराहा जा रहा है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा मोदी को पूर्वोत्तर की संस्कृति का ब्रांड एंबेसडर घोषित करना,एक संकेत है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस क्षेत्र के विकास और समृद्धि की दिशा में बड़ी और सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं।