वॉशिंगटन,24 फरवरी (युआईटीवी)- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक लोकप्रिय कॉलेज फुटबॉल पॉडकास्ट पर दिए गए विस्तृत इंटरव्यू में खेल के बदलते नियमों,नेतृत्व शैली,सरकारी नियुक्तियों और वफादारी जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। जॉर्जिया के रोम शहर में स्थित प्रसिद्ध द वर्सिटी रेस्टोरेंट में 19 फरवरी को रिकॉर्ड किए गए इस इंटरव्यू में ट्रंप ने पॉडकास्ट होस्ट जोश पैट के साथ लंबी बातचीत की। यह इंटरव्यू रविवार रात प्रसारित हुआ और इसके कई अंश अब चर्चा का विषय बने हुए हैं।
बातचीत के दौरान जब कॉलेज और पेशेवर फुटबॉल में लागू किए गए नए किकऑफ नियम पर ट्रंप से सवाल किया गया तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में अपनी असहमति जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें फुटबॉल में हुए कई बदलाव पसंद नहीं हैं,खासकर नया किकऑफ नियम। ट्रंप ने कहा कि किकऑफ खेल की शुरुआत का प्रतीक होता है और इसमें एक अलग ही रोमांच और ऊर्जा होती है। उनके अनुसार,नए नियम ने खेल के उस “ग्लैमर और शान” को कम कर दिया है,जो दर्शकों को आकर्षित करता था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कॉलेज फुटबॉल इस नियम को नहीं अपनाएगा,क्योंकि इससे खेल का मूल स्वरूप प्रभावित होता है।
ट्रंप ने कहा कि जब वे फुटबॉल देखते हैं तो उन्हें पारंपरिक अंदाज और खेल की तीव्रता पसंद आती है। उनका मानना है कि सुरक्षा के नाम पर किए जा रहे कुछ बदलाव खेल की प्रतिस्पर्धात्मक भावना को कमजोर कर सकते हैं। हालाँकि,उन्होंने खिलाड़ियों की सुरक्षा के महत्व को नकारा नहीं,लेकिन संकेत दिया कि संतुलन बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने टिप्पणी की कि यह बदलाव एनएफएल के लिए अच्छा संकेत नहीं है और कॉलेज स्तर पर इसे अपनाने से पहले गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
इंटरव्यू में ट्रंप से यह भी पूछा गया कि वे किन मैचों को देखने के लिए चुनते हैं और किन टीमों को फॉलो करते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि वे कुछ विशेष खिलाड़ियों और टीमों को करीब से देखते हैं। उन्होंने जॉर्जिया टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें यह टीम बेहद पसंद है। उन्होंने टीम के क्वार्टरबैक की भी तारीफ की और कहा कि वह एक बेहतरीन खिलाड़ी बनने की क्षमता रखता है। ट्रंप ने कहा कि वे इस सीजन उसे बहुत ध्यान से देखेंगे। उनके इस बयान को जॉर्जिया के फुटबॉल प्रशंसकों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
बातचीत के दौरान ट्रंप ने कॉलेज फुटबॉल जगत के प्रमुख हस्तियों के साथ अपने संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनकी बातचीत कई बार राजनीति और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों तक भी पहुँच जाती है। उन्होंने कहा कि कोच और खेल जगत के बड़े लोग उनसे अक्सर ईरान,वेनेज़ुएला और अन्य वैश्विक मुद्दों पर सवाल पूछते हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि खेल और राजनीति के बीच संवाद का दायरा केवल खेल तक सीमित नहीं रहता।
लीडरशिप और सरकारी नियुक्तियों के मुद्दे पर ट्रंप ने अपने पहले और वर्तमान कार्यकाल के अनुभवों की तुलना की। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पहली बार पद सँभाला था,तब उनके पास सरकारी ढाँचे के संचालन का पूर्व अनुभव नहीं था। उस समय उन्होंने कुछ बहुत अच्छे लोगों को चुना,लेकिन कुछ ऐसे भी थे,जिन्हें वे अब,अधिक अनुभव होने के बाद,शायद न चुनते। ट्रंप ने स्वीकार किया कि अनुभव ने उनके दृष्टिकोण को बदला है और अब वे निर्णय लेने में अधिक सतर्क और रणनीतिक हैं।
उन्होंने कहा कि अब उनके पास “जबरदस्त कैबिनेट” है और वे नियुक्तियों में वफादारी तथा क्षमता दोनों को महत्व देते हैं। ट्रंप का यह बयान उनके प्रशासनिक दृष्टिकोण को दर्शाता है,जिसमें वे अनुभव और भरोसे को अहम मानते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि नेतृत्व केवल लोकप्रियता का प्रश्न नहीं है,बल्कि सही लोगों को सही जिम्मेदारी देने की कला भी है।
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह इंटरव्यू केवल खेल तक सीमित नहीं था,बल्कि उन्होंने इसे अपने व्यापक राजनीतिक संदेश के मंच के रूप में भी इस्तेमाल किया। फुटबॉल जैसे लोकप्रिय खेल के जरिए वे आम अमेरिकी मतदाताओं से जुड़ने का प्रयास करते दिखाई दिए। खेल,राष्ट्रवाद और नेतृत्व जैसे विषय अमेरिकी राजनीतिक विमर्श में अक्सर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।
इस इंटरव्यू ने यह भी दिखाया कि ट्रंप खुद को केवल एक राजनीतिक नेता के रूप में नहीं,बल्कि खेल और सांस्कृतिक मुद्दों पर राय रखने वाले सार्वजनिक व्यक्तित्व के रूप में भी प्रस्तुत करते हैं। फुटबॉल के नियमों पर उनकी नाराजगी पारंपरिक मूल्यों और पुरानी व्यवस्था के प्रति उनके झुकाव को दर्शाती है,जो उनकी राजनीतिक विचारधारा के अनुरूप भी माना जाता है।
कॉलेज फुटबॉल पॉडकास्ट पर दिया गया यह इंटरव्यू कई स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर जहाँ खेल प्रेमी उनके किकऑफ नियम पर बयान को लेकर बहस कर रहे हैं,वहीं राजनीतिक विश्लेषक उनके नेतृत्व और हायरिंग से जुड़े विचारों को महत्वपूर्ण मान रहे हैं। ट्रंप ने इस बातचीत के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया कि वे खेल,राजनीति और प्रशासन – तीनों क्षेत्रों में अपनी मजबूत और स्पष्ट राय रखने से पीछे नहीं हटते।
