प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@RitamVarta)

कटक मेडिकल कॉलेज आग हादसे पर प्रधानमंत्री मोदी ने की मुख्यमंत्री माझी से बात,राहत व जाँच के दिए निर्देश

भुवनेश्वर,16 मार्च (युआईटीवी)- ओडिशा के कटक स्थित प्रमुख सरकारी अस्पताल में लगी आग की घटना के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार दोनों सक्रिय हो गई हैं। सोमवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को लेकर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से टेलीफोन पर बात की और पूरी स्थिति की जानकारी ली। यह बातचीत उस दुखद घटना के बाद हुई,जिसमें कटक के प्रतिष्ठित एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई थी और कई मरीजों तथा उनके परिजनों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ा।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने फोन पर उनसे विस्तार से बात की और घटना से जुड़ी हर जानकारी ली। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि आग लगने के बाद प्रशासन और चिकित्सा टीमों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया था। अस्पताल में भर्ती मरीजों को सुरक्षित निकालकर अन्य वार्डों और अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया,ताकि उन्हें समय पर इलाज मिल सके और उनकी जान को किसी तरह का खतरा न हो।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को यह भी बताया कि प्रभावित मरीजों को विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और डॉक्टरों की टीमें लगातार उनकी निगरानी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस पूरी घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और हर स्तर पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। मरीजों को सुरक्षित निकालने और उन्हें उचित चिकित्सा देखभाल देने के लिए अस्पताल प्रशासन,स्वास्थ्य विभाग और आपातकालीन सेवाओं की टीमों ने मिलकर काम किया।

मुख्यमंत्री माझी ने अपने संदेश में यह भी बताया कि राज्य सरकार ने इस घटना की गहन जांच के लिए उच्चस्तरीय न्यायिक जाँच का आदेश दे दिया है। इस जाँच का उद्देश्य आग लगने के कारणों का पता लगाना और यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करेगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है,तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएँगे।

प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने स्वयं सुबह अस्पताल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रशासन और जिला अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली और उन्हें निर्देश दिया कि प्रभावित मरीजों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी तरह से प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और उन्हें हर जरूरी मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों और राहत एजेंसियों की टीमें आपसी तालमेल के साथ लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए और मरीजों की सुरक्षा तथा उपचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

इस घटना में जिन लोगों की जान गई है,उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता की घोषणा भी की है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहायता पीड़ित परिवारों को इस कठिन समय में कुछ राहत देने के उद्देश्य से दी जा रही है।

दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी,जबकि इस हादसे में घायल हुए लोगों को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार इस मुश्किल समय में राज्य सरकार के साथ पूरी तरह खड़ी है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहयोग दिया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पतालों में इस तरह की घटनाएँ स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी होती हैं। बड़े सरकारी अस्पतालों में अक्सर मरीजों की संख्या बहुत अधिक होती है और ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत मजबूत बनाए रखना आवश्यक होता है। आग जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए अस्पतालों में पर्याप्त सुरक्षा उपाय,आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता बेहद जरूरी होती है।

कटक का एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ओडिशा के सबसे बड़े और प्रमुख सरकारी अस्पतालों में से एक माना जाता है। यहाँ न केवल कटक बल्कि राज्य के कई अन्य जिलों से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में इस अस्पताल में हुई घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर कई सवाल भी खड़े किए हैं।

हालाँकि,प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। अस्पताल में सामान्य सेवाओं को धीरे-धीरे बहाल करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। साथ ही जाँच एजेंसियाँ घटना के कारणों का पता लगाने के लिए काम कर रही हैं।

फिलहाल पूरे राज्य में इस घटना को लेकर चिंता और दुख का माहौल है। सरकार और प्रशासन का ध्यान राहत,बचाव और जाँच प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने पर केंद्रित है। आने वाले दिनों में न्यायिक जाँच की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि आग लगने की असली वजह क्या थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन सुधारात्मक कदमों की आवश्यकता है।