नई दिल्ली, 7 दिसंबर (युआईटीवी/आईएएनएस)| अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के मुख्य भवन में रैनसमवेयर हमले के दो हफ्ते बाद मंगलवार को सर्वर सुविधाएं आंशिक रूप से बहाल हो गईं। एक अधिकारी ने कहा कि मंगलवार को नई राजकुमारी अमृता कौर (आरएके) ओपीडी में कुछ ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण, दोनों नए और फॉलो-अप किए गए। हालांकि, सुविधाओं को अभी तक पूरी तरह से चालू नहीं किया गया है और पूरी तरह से ऑनलाइन पंजीकरण में लौटने में कुछ और दिन लगेंगे।
अधिकारी ने कहा, सभी कंप्यूटरों को स्कैन किया गया है और एंटीवायरस को सुरक्षा के लिए अपलोड किया गया है।
एम्स का सर्वर डाउन होने के बाद अस्पताल ने मैनुअल भर्ती के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए थे। नए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) में कहा गया है कि ई-अस्पताल के बंद होने तक अस्पताल में मरीजों का प्रवेश, डिस्चार्ज या स्थानांतरण मैन्युअल रूप से किया जाएगा।
नए एसओपी के अनुसार, विशिष्ट स्वास्थ्य पहचान (यूएचआईडी) नहीं होने की स्थिति में संपर्क नंबर को रोगी की पहचान संख्या माना जाना चाहिए।
अस्पताल ने कहा था, “एम्स में भर्ती, डिस्चार्ज और ट्रांसफर मैन्युअल रूप से किया जाना है। इंडेंट मैन्युअल रूप से किया जाना है।”
अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कार्यसमिति के निर्देशों के अनुसार मृत्यु या जन्म प्रमाणपत्र मैन्युअल रूप से प्रपत्रों पर जारी किए जाने हैं।