महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस नेताओं की भावभीनी श्रद्धांजलि (तस्वीर क्रेडिट@INCIndia)

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस नेताओं की भावभीनी श्रद्धांजलि,बापू के विचारों को बताया भारत की आत्मा

नई दिल्ली,30 जनवरी (युआईटीवी)- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर देशभर में उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया गया। इस मौके पर कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं ने भी बापू को नमन करते हुए उनके विचारों,आदर्शों और बलिदान को देश की आत्मा का आधार बताया। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे,लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी,कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने अपने-अपने संदेशों के जरिए महात्मा गांधी के सत्य,अहिंसा और प्रेम के दर्शन को आज के समय में और भी प्रासंगिक बताया।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए बापू के जीवन मूल्यों को याद किया। उन्होंने प्रसिद्ध भजन की पंक्तियाँ उद्धृत करते हुए लिखा, “वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे,पर-दुख्खे उपकार करे तोये मन अभिमान ना आणे रे।” खड़गे ने कहा कि जिस नफरत ने हमें बापू से जुदा किया,उसका समाधान भी बापू के दिखाए रास्ते में ही है। उन्होंने सत्य के उजाले,अहिंसा की ताकत और प्रेम की करुणा को याद करते हुए कहा कि महात्मा गांधी का जीवन इन मूल्यों का सजीव उदाहरण था। बलिदान दिवस पर उन्होंने राष्ट्रपिता को नमन करते हुए यह संदेश दिया कि आज भी समाज और राजनीति को गांधी के आदर्शों की सबसे अधिक आवश्यकता है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस अवसर पर महात्मा गांधी को याद करते हुए एक विस्तृत और विचारोत्तेजक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी केवल एक व्यक्ति नहीं थे,बल्कि एक विचार थे,एक ऐसी सोच जो समय,सत्ता और हिंसा से ऊपर है। राहुल गांधी ने लिखा कि इस सोच को कभी एक साम्राज्य ने मिटाने की कोशिश की,कभी नफरत की विचारधारा ने और कभी अहंकारी सत्ता ने,लेकिन हर बार यह सोच और मजबूत होकर सामने आई। उन्होंने कहा कि गांधी ने देश को आजादी के साथ यह मूलमंत्र दिया कि सत्ता की ताकत से बड़ी सत्य की शक्ति होती है और हिंसा व भय से बड़े अहिंसा और साहस होते हैं। राहुल गांधी के अनुसार,यह सोच कभी खत्म नहीं हो सकती क्योंकि गांधी भारत की आत्मा में अमर हैं। उन्होंने बापू को उनके शहीदी दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए उनके एक महत्वपूर्ण कथन को साझा किया। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, “सच्चा लोकतंत्र तभी आ सकता है,जब हर व्यक्ति का जीवन सुरक्षित और स्वतंत्र हो।” प्रियंका गांधी का यह संदेश गांधी के लोकतांत्रिक और मानवीय दृष्टिकोण को रेखांकित करता है। उनके अनुसार,गांधी का सपना केवल राजनीतिक आजादी तक सीमित नहीं था,बल्कि वह एक ऐसे समाज की कल्पना करते थे,जहाँ हर व्यक्ति को सम्मान,सुरक्षा और स्वतंत्रता मिले। प्रियंका गांधी का यह संदेश वर्तमान लोकतांत्रिक चुनौतियों के बीच गांधी के विचारों की प्रासंगिकता को उजागर करता है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर एक तीखा और विस्तृत बयान साझा किया। उन्होंने बापू के बलिदान को स्वतंत्रता के यज्ञ की पूर्णाहुति बताते हुए कहा कि उनकी प्रार्थनामय काया ने नफरत की तीन गोलियों को रोककर सांप्रदायिक ताकतों की साजिश को विफल कर दिया। पवन खेड़ा ने अपने संदेश में उन ताकतों पर भी तीखा हमला किया,जिन्हें उन्होंने देशद्रोही और साम्प्रदायिक करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस कायरतापूर्ण कृत्य ने देश को आजादी के तुरंत बाद अंधकार में धकेलने की कोशिश की,उसी गिरोह ने हमेशा देश और देशवासियों को धोखा दिया है।

पवन खेड़ा ने आगे लिखा कि वह गिरोह ब्रिटिश शासन के दौरान अंग्रेजों का पोषक रहा और आजादी की लड़ाई को कमजोर करने की कोशिश करता रहा। आजादी के बाद भी उसने हिंदुस्तान की जनता के महान पुरुषार्थ को नकारते हुए स्वतंत्रता संग्राम, उसमें शामिल सेनानियों, उसके वैचारिक मूल्यों,प्रतीकों और विरासत का योजनाबद्ध तरीके से अपमान किया। उन्होंने कहा कि उस साम्प्रदायिक गिरोह को यह भ्रम था कि राष्ट्रपिता के नश्वर शरीर को मिटाकर उनके विचारों को भी मिटाया जा सकता है। अब उसी भ्रम के तहत यह समझा जा रहा है कि महात्मा गांधी के नाम को मिटाकर उनकी लोक-स्मृति को समाप्त किया जा सकता है।

अपने बयान में पवन खेड़ा ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी दुनिया जिस महापुरुष के विचार और दर्शन के आगे नतमस्तक है,उसकी महानता पर किसी कृतघ्न गिरोह की क्षुद्रता का कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने महात्मा गांधी की तुलना संसार के क्षितिज पर दैदीप्यमान सूर्य से करते हुए कहा कि उनके वैचारिक प्रकाश से पूरी दुनिया आलोकित होती है। बापू के बलिदान दिवस पर उन्होंने श्रद्धांजलि और सादर नमन अर्पित करते हुए यह संदेश दिया कि गांधी के विचार समय और परिस्थितियों से परे हैं।

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस नेताओं के ये संदेश केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहे,बल्कि उन्होंने मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक हालात में गांधी के विचारों की अहमियत को भी रेखांकित किया। सत्य,अहिंसा,प्रेम,साहस और लोकतंत्र जैसे मूल्य,जिन्हें गांधी ने अपने जीवन से स्थापित किया,आज भी देश के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि नफरत,हिंसा और विभाजन के दौर में गांधी के रास्ते पर चलकर ही समाज को एकजुट और मजबूत बनाया जा सकता है।

हर साल 30 जनवरी को मनाया जाने वाला यह दिन देश को यह याद दिलाता है कि महात्मा गांधी का बलिदान केवल अतीत की घटना नहीं,बल्कि एक सतत प्रेरणा है। कांग्रेस नेताओं की ओर से दी गई श्रद्धांजलि इस बात का संकेत है कि बापू के विचार आज भी राजनीतिक विमर्श और सामाजिक चेतना का अहम हिस्सा बने हुए हैं। उनके सिद्धांतों को अपनाकर ही एक समावेशी, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक भारत का सपना साकार किया जा सकता है।