तेल अवीव,28 मई (युआईटीवी)- गाजा के सबसे दक्षिणी शहर राफ़ा में किए गए इजरायली हमले में बड़ी संख्या में विस्थापित फिलिस्तीनी की मौत हुई है,जिसे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक “दुखद दुर्घटना” बताया है। अंतरराष्ट्रीय जगत में इस घटना के लिए इजरायल की खूब निंदा की जा रही है। हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक,कम-से-कम 45 लोग इस इजरायली हमले में मारे गए,जबकि सैकड़ों अन्य नागरिक घायल भी हुए हैं।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक,सोमवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इजरायली संसद में कहा कि जितने भी नागरिक इजरायल गाजा लड़ाई में फँसे हुए हैं,उनकी सुरक्षा के लिए “हर संभव सावधानी” बरतना बहुत महत्वपूर्ण है।
लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि संघर्ष में जो लोग शामिल नहीं हैं,उनको निशाना न बनाए जाने के लिए इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने काफी प्रयास किए। हालाँकि,हमास के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कसम खाई है।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि,जब तक हम अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर लेते,तब तक हम अपने युद्ध को समाप्त नहीं करेंगे।
आगे उन्होंने कहा कि,लगभग दस लाख नागरिकों को हमने पहले ही राफ़ा में निकाल लिया है और हमारे तरफ से पूरा प्रयास किया गया कि उनको किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुँचाया जाए। लेकिन दुर्भाग्य से गलती हो गई। इस घटना की जाँच की जा रही है।
इस बीच इजरायल द्वारा राफ़ा पर किए गए हमले के बाद मध्यस्थों को हमास ने कथित तौर पर बता दिया है कि युद्ध विराम या कैदी विनिमय समझौते पर वह कोई भी बातचीत करने के लिए तैयार नहीं है।
सोमवार को बेरूत में एक संवाददाता सम्मेलन में हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ओसामा हमदान ने कहा कि इजरायली बंधकों को हम नहीं छोड़ेंगे और यदि छोड़ना होगा तो हम उन्हें अपनी शर्तों छोड़ेंगे।