संजू सैमसन (तस्वीर क्रेडिट@JaikyYadav16)

तिरुवनंतपुरम में निर्णायक जंग से पहले संजू सैमसन पर टिकी निगाहें,भारत की नजर जीत के साथ टी20 सीरीज खत्म करने पर

तिरुवनंतपुरम ,31 जनवरी (युआईटीवी)- भारत और न्यूजीलैंड के बीच जारी टी20 सीरीज अपने आखिरी पड़ाव पर पहुँच चुकी है। शनिवार को तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाने वाला पाँचवां और अंतिम मुकाबला दोनों टीमों के लिए सिर्फ एक औपचारिक मैच नहीं,बल्कि टी20 विश्व कप से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने का अहम मौका है। भारतीय टीम पहले ही शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम कर चुकी है,लेकिन चौथे टी20 में मिली हार के बाद कप्तान और टीम मैनेजमेंट की कोशिश होगी कि आखिरी मैच जीतकर सीरीज का अंत सकारात्मक नोट पर किया जाए।

टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला आत्मविश्वास दोबारा हासिल करने और कुछ अहम खिलाड़ियों की फॉर्म परखने का भी अवसर है। चौथे मैच में हार के बावजूद भारतीय खेमे में घबराहट का माहौल नहीं है,लेकिन कुछ व्यक्तिगत प्रदर्शन जरूर चिंता का विषय बने हुए हैं। इन्हीं में सबसे बड़ा नाम विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का है,जिन पर इस मुकाबले में सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।

ग्रीनफील्ड स्टेडियम संजू सैमसन का होम ग्राउंड है और यह उनके लिए भावनात्मक रूप से भी बेहद खास मुकाबला है। अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेलना हर खिलाड़ी के लिए प्रेरणादायक होता है,लेकिन मौजूदा हालात में यह संजू के लिए एक बड़ी परीक्षा भी है। पिछले चार मैचों में संजू सैमसन का बल्ला खामोश रहा है और वह सिर्फ 40 रन ही बना सके हैं। टॉप ऑर्डर में वापसी के बाद से वह अपनी टाइमिंग तलाशते नजर आए हैं और तेज गेंदबाजों के खिलाफ उन्हें खास तौर पर परेशानी हो रही है।

चौथे टी20 में संजू जिस तरह आउट हुए, उसने उनकी तकनीकी दिक्कतों को उजागर कर दिया। बाएँ हाथ के स्पिनर मिशेल सेंटनर की एक तेज और अंदर की ओर घूमती गेंद उनके बाहरी किनारे से टकराई और सीधे स्टंप्स में जा लगी। यह विकेट सिर्फ एक गलती नहीं,बल्कि उस संघर्ष का संकेत था,जिससे वह इस सीरीज में जूझते रहे हैं। ऐसे में पाँचवां टी20 उनके लिए सिर्फ एक मैच नहीं,बल्कि अपने चयन और भविष्य को लेकर खुद को साबित करने का आखिरी बड़ा मौका माना जा रहा है।

शुक्रवार को ग्रीनफील्ड स्टेडियम में अभ्यास सत्र के दौरान माहौल कुछ अलग ही नजर आया। संजू सैमसन का क्रेज साफ दिख रहा था। दर्जनों पत्रकार,टीवी कैमरे और बड़ी संख्या में प्रशंसक अपने होमटाउन हीरो को एक्शन में देखने के लिए स्टेडियम पहुँचे। अभ्यास के दौरान संजू ने अतिरिक्त समय बल्लेबाजी की और अपनी तकनीकी खामियों को दूर करने की कोशिश की। उन्होंने खास तौर पर तेज गेंदबाजों के खिलाफ अपनी फुटवर्क और शॉट सिलेक्शन पर काम किया,ताकि मैच के दिन वह ज्यादा आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतर सकें।

भारतीय प्लेइंग इलेवन को लेकर भी चर्चाएँ तेज हैं। पाँचवें टी20 में ईशान किशन की वापसी की संभावना जताई जा रही है। ईशान आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं और सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड भी मजबूत रहा है। ऐसे में विकेटकीपर बल्लेबाज की भूमिका को लेकर संजू सैमसन और ईशान किशन के बीच सीधी प्रतिस्पर्धा मानी जा रही है। अगर संजू इस मुकाबले में भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहते हैं,तो विश्व कप से पहले ईशान किशन प्राथमिक विकल्प के तौर पर आगे निकल सकते हैं।

हालाँकि,यह भी माना जा रहा है कि चूँकि भारतीय टीम सीरीज पहले ही जीत चुकी है और मैच तिरुवनंतपुरम में खेला जा रहा है,इसलिए टीम मैनेजमेंट संजू सैमसन को एक और मौका देने के मूड में है। होम ग्राउंड का फायदा और घरेलू दर्शकों का समर्थन संजू के आत्मविश्वास को बढ़ा सकता है। यही वजह है कि प्लेइंग इलेवन में उनका शामिल होना लगभग तय माना जा रहा है।

टीम इंडिया के नजरिए से यह मुकाबला सिर्फ बल्लेबाजी क्रम ही नहीं,बल्कि गेंदबाजी संयोजन के लिहाज से भी अहम है। कप्तान और कोचिंग स्टाफ चाहेंगे कि सभी विभागों में संतुलित प्रदर्शन देखने को मिले। न्यूजीलैंड की टीम ने चौथे टी20 में दमदार वापसी कर यह दिखा दिया है कि वह आखिरी मैच में भी पूरी ताकत झोंकने से पीछे नहीं हटेगी। कीवी टीम के लिए भी यह मुकाबला टी20 विश्व कप से पहले अपनी कमजोरियों को पहचानने और आत्मविश्वास हासिल करने का आखिरी मौका है।

ग्रीनफील्ड स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को मदद देती है। यहाँ स्पिनरों को बीच के ओवरों में टर्न मिल सकता है,जबकि नई गेंद से तेज गेंदबाजों को भी स्विंग का फायदा मिलता है। ऐसे में मुकाबला रोमांचक होने की पूरी उम्मीद है। भारतीय प्रशंसकों की निगाहें जहाँ टीम की जीत पर होंगी,वहीं तिरुवनंतपुरम के दर्शक खास तौर पर यह देखना चाहेंगे कि उनका चहेता खिलाड़ी संजू सैमसन इस दबाव भरे मुकाबले में कैसा प्रदर्शन करता है।

विश्व कप से पहले यह आखिरी मौका है,जब संजू सैमसन अपने आलोचकों को जवाब दे सकते हैं और चयनकर्ताओं को यह संदेश दे सकते हैं कि वह बड़े मंच के लिए पूरी तरह तैयार हैं। घरेलू मैदान,घरेलू समर्थन और निर्णायक मुकाबला—इन सभी के बीच शनिवार की शाम संजू सैमसन के करियर के लिहाज से यादगार बनती है या सवालों को और गहरा करती है,इसका जवाब मैदान पर उनके बल्ले से ही मिलेगा।