नई दिल्ली,31 जनवरी (युआईटीवी)- दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में आम आदमी पार्टी (आप ) के नेता अरविंद केजरीवाल को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का समर्थन मिलेगा। शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट करके इस बात की जानकारी दी है कि वह आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के अन्य नेताओं के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। इसके साथ ही,शत्रुघ्न सिन्हा ने दिल्ली के प्रमुख नेताओं मनीष सिसोदिया और आतिशी के लिए भी प्रचार करने की बात कही।
शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने पोस्ट में बताया कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर वह दिल्ली चुनाव में अपने मित्र और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के समर्थन में प्रचार करेंगे। उन्होंने लिखा कि, “मैं अपने मित्र और सबसे चर्चित, पढ़े-लिखे, आईआईटियन अरविंद केजरीवाल के लिए दिल्ली चुनाव प्रचार करूँगा। मेरा प्रचार अभियान 1 फरवरी से 3 फरवरी के बीच शुरू हो सकता है। अरविंद और उनकी पार्टी को मेरी शुभकामनाएँ। जय हिंद।”
इस पोस्ट के माध्यम से शत्रुघ्न सिन्हा ने यह भी बताया कि वह दिल्ली की विभिन्न विधानसभा सीटों पर प्रचार करेंगे,जिनमें नई दिल्ली,कालकाजी,जंगपुरा और ग्रेटर कैलाश जैसी प्रमुख सीटें शामिल हैं। इन सीटों से आम आदमी पार्टी के प्रमुख उम्मीदवार अरविंद केजरीवाल,मनीष सिसोदिया,आतिशी और सौरभ भारद्वाज हैं। शत्रुघ्न सिन्हा का मानना है कि इन सीटों पर प्रचार करने से वह पूर्वांचल के वोटरों को आकर्षित कर सकते हैं,जो दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण वोट बैंक साबित हो सकते हैं। नई दिल्ली से अरविंद केजरीवाल, कालकाजी से आतिशी,जंगपुरा से मनीष सिसोदिया और ग्रेटर कैलाश से सौरभ भारद्वाज के लिए टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा चुनावी सभा करेंगे।
टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के अलावा,दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के पक्ष में अन्य नेताओं के भी प्रचार करने की संभावना है। दरअसल,दिल्ली विधानसभा चुनावों के ऐलान के बाद,तृणमूल कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से आम आदमी पार्टी को समर्थन देने का ऐलान किया था। इसके परिणामस्वरूप,शत्रुघ्न सिन्हा जैसे नेताओं ने अपने समर्थन का खुलासा किया है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को कई अन्य नेताओं से भी समर्थन मिल रहा है। इनमें समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव का भी नाम प्रमुख है। 30 जनवरी को अखिलेश यादव ने दिल्ली के किराड़ी क्षेत्र में अरविंद केजरीवाल के साथ रोड शो किया। इस दौरान अखिलेश यादव ने केजरीवाल की पार्टी को समर्थन दिया और उनकी जीत की कामना की। इसके अलावा,समाजवादी पार्टी के अन्य सांसदों ने भी आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया और दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोट माँगे,जो यह दिखाता है कि इंडिया ब्लॉक गठबंधन के तहत आम आदमी पार्टी को विपक्षी दलों का समर्थन प्राप्त हो रहा है। यह दिल्ली में केजरीवाल के नेतृत्व में पार्टी की स्थिति को और मजबूत कर सकता है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 की वोटिंग 5 फरवरी को होगी और चुनाव परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएँगे। दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर यह चुनाव हो रहा है, जिसमें आम आदमी पार्टी (आप ) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच मुख्य मुकाबला होने की संभावना है। पिछले दो चुनावों में आम आदमी पार्टी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। 2015 में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में 70 में से 67 सीटें जीतकर रिकॉर्ड बनाया था, जबकि भाजपा को केवल 3 सीटें मिली थीं। फिर 2020 में, आम आदमी पार्टी ने 70 में से 62 सीटें जीतकर पुनः शानदार प्रदर्शन किया, जबकि भाजपा की सीटों की संख्या बढ़कर 8 हो गई। कांग्रेस पार्टी दोनों चुनावों में कोई सीट नहीं जीत पाई थी।
दिल्ली विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस का समर्थन आम आदमी पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक रणनीति साबित हो सकता है। शत्रुघ्न सिन्हा और अखिलेश यादव जैसे नेताओं का समर्थन पार्टी को क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर एक नई मजबूती प्रदान कर सकता है। यह समर्थन आम आदमी पार्टी के पक्ष में एक मजबूत राजनीतिक धारा बना सकता है,जिससे वह आगामी चुनावों में एक और शानदार जीत की ओर बढ़ सके।
इसके अलावा,टीएमसी और समाजवादी पार्टी का समर्थन यह दर्शाता है कि राष्ट्रीय राजनीति में आम आदमी पार्टी की स्थिति मजबूत हो रही है। यह गठबंधन दिल्ली के चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकता है,क्योंकि विपक्षी दलों का एकजुट होना आम आदमी पार्टी के लिए बड़े लाभ की बात हो सकती है।
आखिरकार, दिल्ली विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही दिन बाकी हैं और हर पार्टी अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार में जुटी हुई है। अब यह देखना होगा कि क्या आम आदमी पार्टी इस बार भी अपनी शानदार जीत का सिलसिला जारी रख पाती है या फिर भाजपा और अन्य विपक्षी दलों के साथ मुकाबला कड़ा होगा।