मनीष सिसोदिया

दिल्‍ली आबकारी घोटाला: सिसोदिया की जमानत याचिका पर 14 जुलाई को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, 10 जुलाई (युआईटीवी/आईएएनएस)- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्‍ली आबकारी नीति घोटाला मामले में राज्‍य के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर 14 जुलाई को सुनवाई करने पर सहमति व्यक्त की।

भारत के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ विशेष अनुमति याचिका को शुक्रवार को सूचीबद्ध करने पर सहमत हुई है। सिसोदिया की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने उनकी पत्नी सीमा सिसोदिया के खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की।

सिंघवी ने अदालत को बताया, “यह जमानत का मामला है। महिला (सिसोदिया की पत्नी) को दूसरी बार अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। यह एक वास्तविक आपातकाल है। अगर इसे 14 जुलाई को सूचीबद्ध किया जा सकता है।”

पीठ ने मामले में सुनवाई पहले करने पर सहमति व्यक्त की और कहा, “ठीक है, 14 जुलाई को सुनवाई करें।”

आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता ने पिछले सप्‍ताह शीर्ष अदालत का रुख किया था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें ईडी द्वारा जांच किए जा रहे धन शोधन के आरोपों के सिलसिले में जमानत देने से इनकार कर दिया था।

उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने 3 जुलाई को यह कहते हुए सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया कि वह धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जमानत देने की दोहरी शर्तों और जमानत का अनुदान के लिए ट्रिपल टेस्ट को पूरा करने में सक्षम नहीं थे।

प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि उसने दिल्ली शराब नीति मामले के सिलसिले में गिरफ्तार मंत्री मनीष सिसोदिया, उनकी पत्नी और कुछ अन्य आरोपी व्यक्तियों की 52.24 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है।

इससे पहले, उच्च न्यायालय ने इसी घोटाले से संबंधित सीबीआई मामले में यह देखते हुए कि उनके खिलाफ आरोप बहुत गंभीर थे, उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था।

इस साल 26 फरवरी को सीबीआई द्वारा सिसौदिया को गिरफ्तार करने के बाद ईडी ने 9 मार्च को उन्हें गिरफ्तार किया था। अप्रैल में विशेष न्यायाधीश एम.के. नागपाल ने आप नेता को यह कहते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया था कि सबूत, प्रथम दृष्टया, अपराध में उनकी संलिप्तता के बारे में बहुत कुछ कहते हैं।

मामले से परिचित सूत्रों ने कहा कि दिल्ली के आबकारी नीति घोटाला मामले में चल रही जांच से पता चला है कि पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कथित तौर पर विभिन्न तरीकों से 622.67 करोड़ रुपये की अपराध आय (पीओसी) अर्जित की थी।

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