न्यूयॉर्क,25 फरवरी (युआईटीवी)- अमेरिका की राजनीति में आव्रजन का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कांग्रेस से अपील की है कि वह एक संघीय कानून पारित करे,जिसके तहत किसी भी राज्य को अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों को व्यावसायिक ड्राइवर लाइसेंस जारी करने से रोका जाए। अपने हालिया स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में ट्रंप ने इस प्रस्तावित कानून को “डेलिला लॉ” नाम देने की बात कही। यह नाम एक बच्ची,डेलिला कोलमैन,के नाम पर रखा गया है,जो एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थी। ट्रंप ने इस घटना को अवैध आव्रजन नीति की विफलता से जोड़ते हुए अपने पूर्ववर्ती जो बाइडेन पर तीखा हमला बोला।
कांग्रेस को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह चाहते हैं कि ऐसा कानून बने जो राज्यों को अवैध अप्रवासियों को कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस देने से स्पष्ट रूप से रोके। उन्होंने कहा कि यह कदम देश की सड़कों को सुरक्षित बनाने और अमेरिकी नागरिकों की रक्षा करने के लिए जरूरी है। उनके संबोधन के दौरान सार्वजनिक दीर्घा में मौजूद डेलिला कोलमैन और उसके पिता मार्कस कोलमैन को विशेष रूप से बुलाया गया। जैसे ही ट्रंप ने डेलिला का जिक्र किया,सदन में उपस्थित सांसदों ने खड़े होकर तालियाँ बजाईं। डेलिला के पिता ने भावुक होकर अपनी बेटी को गोद में उठा लिया,जिससे माहौल कुछ क्षणों के लिए भावनात्मक हो गया।
राष्ट्रपति ने अपने भाषण में उस दुर्घटना का उल्लेख किया,जिसमें डेलिला गंभीर रूप से घायल हुई थी। हालाँकि,उन्होंने चालक का नाम या उसके देश का खुलकर उल्लेख नहीं किया,लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि चालक एक अवैध अप्रवासी था,जिसे बाइडेन प्रशासन की नीतियों के तहत देश में प्रवेश मिला और बाद में कैलिफोर्निया में कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर दिया गया। ट्रंप ने इसे “खुली सीमा नीति” का परिणाम बताते हुए कहा कि ऐसी नीतियाँ अमेरिकी परिवारों को खतरे में डाल रही हैं।
गृह सुरक्षा विभाग के अनुसार,यह दुर्घटना जून 2024 में कैलिफोर्निया में हुई थी। जाँच में सामने आया कि ट्रक चालक प्रताप सिंह अक्तूबर 2022 में मैक्सिको के रास्ते अमेरिका में दाखिल हुआ था। दुर्घटना के समय वह 18 पहियों वाला ट्रक चला रहा था और कथित तौर पर तेज गति से कंस्ट्रक्शन जोन में प्रवेश कर गया। बताया गया कि वह समय पर वाहन नहीं रोक पाया,जिससे कई गाड़ियों की आपस में टक्कर हो गई और कई लोग घायल हो गए। डेलिला को गंभीर चोटें आई थीं और चिकित्सकों ने शुरुआती दौर में आशंका जताई थी कि वह शायद कभी सामान्य जीवन नहीं जी पाएगी।
ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि डॉक्टरों ने शुरुआत में यह तक कह दिया था कि डेलिला शायद कभी चल-फिर या बोल नहीं पाएगी और सामान्य रूप से भोजन भी नहीं कर सकेगी,लेकिन उन्होंने उसे “प्रेरणा का प्रतीक” बताते हुए कहा कि वह अब ठीक हो रही है, पहली कक्षा में पढ़ रही है और धीरे-धीरे चलना सीख रही है। ट्रंप ने इस उदाहरण का उपयोग करते हुए कहा कि अमेरिकी बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके लिए सख्त आव्रजन तथा लाइसेंसिंग नीतियाँ आवश्यक हैं।
अपने संबोधन में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अधिकांश अवैध अप्रवासी अंग्रेजी भाषा में दक्ष नहीं होते और सड़क संकेतों जैसे दिशा,गति सीमा,खतरे या स्थान संबंधी सूचनाओं को ठीक से नहीं पढ़ पाते। उनके इस बयान ने एक नई बहस को जन्म दिया है। आलोचकों का कहना है कि ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने से पहले राज्यों में लिखित और व्यावहारिक परीक्षा की व्यवस्था होती है,जिससे चालक की योग्यता का आकलन किया जाता है। वहीं समर्थकों का तर्क है कि अगर कोई व्यक्ति वैध दस्तावेजों के बिना देश में रह रहा है,तो उसे व्यावसायिक वाहन चलाने की अनुमति देना सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता है।
डेलिला लॉ का प्रस्ताव ऐसे समय में सामने आया है,जब अमेरिका में आव्रजन नीति पहले से ही राजनीतिक ध्रुवीकरण का प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। रिपब्लिकन पार्टी लंबे समय से सख्त सीमा नियंत्रण और अवैध प्रवासियों पर कठोर कार्रवाई की माँग करती रही है,जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी मानवीय दृष्टिकोण और सुधारवादी उपायों की वकालत करती है। ट्रंप के इस नए प्रस्ताव को आगामी चुनावी माहौल में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम के रूप में भी देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कांग्रेस में यह विधेयक पेश होता है,तो उस पर तीखी बहस होगी। कई राज्यों, विशेषकर कैलिफोर्निया जैसे राज्यों,ने पहले से ही कुछ परिस्थितियों में अवैध प्रवासियों को ड्राइविंग लाइसेंस देने की अनुमति दी है,ताकि वे बीमा कवर के साथ वाहन चला सकें और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग कर सकें। ऐसे में संघीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास राज्यों के अधिकारों और संघीय ढाँचे से जुड़ी बहस को भी जन्म दे सकता है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि डेलिला लॉ को कांग्रेस में कितना समर्थन मिलेगा,लेकिन इतना तय है कि इस मुद्दे ने अमेरिकी राजनीति में एक नई चर्चा छेड़ दी है। ट्रंप ने अपने भाषण के जरिए यह संकेत दे दिया है कि आव्रजन और सार्वजनिक सुरक्षा उनके राजनीतिक एजेंडे के केंद्र में रहेंगे। डेलिला की कहानी को सामने लाकर उन्होंने भावनात्मक अपील के साथ-साथ नीति बदलाव की माँग को भी मजबूती देने की कोशिश की है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाती है और क्या यह पहल वास्तव में कानून का रूप ले पाती है या नहीं।
