मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (तस्वीर क्रेडिट@TGRising2047)

मूसी नदी के किनारे विकसित होगा रात्रि पर्यटन,रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा: रेवंत रेड्डी

हैदराबाद,7 मार्च (युआईटीवी)- तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद को वैश्विक स्तर का आधुनिक शहर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वाकांक्षी योजना पर जोर दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि शहर की ऐतिहासिक मूसी नदी के किनारों को विकसित करते हुए यहाँ रात्रि पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। उनका कहना है कि इस पहल से न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी,बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी यह घोषणा कोठवालगुडा में बने नए इको हिल पार्क के उद्घाटन समारोह के दौरान कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए रेडियल रोड-2 इंटरचेंज की आधारशिला भी रखी। यह परियोजना बुडवेल लेआउट को बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करेगी और शहर के तेजी से बढ़ते शहरी ढाँचे को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मूसी नदी के किनारे व्यापक विकास योजना के तहत हरित क्षेत्र,मनोरंजन सुविधाएँ,पैदल मार्ग,सांस्कृतिक स्थल और पर्यटन केंद्र विकसित किए जाएँगे। उन्होंने बताया कि नदी के तट पर रात्रि पर्यटन को प्रोत्साहित करने से स्थानीय व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। होटल,रेस्तरां,मनोरंजन गतिविधियाँ और छोटे व्यापारों के माध्यम से हजारों लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बुनियादी ढाँचे का निर्माण करना नहीं है,बल्कि शहर को रहने और घूमने के लिए अधिक आकर्षक बनाना भी है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई बड़े शहरों में नदी किनारे के क्षेत्रों को पर्यटन और सार्वजनिक जीवन के केंद्र के रूप में विकसित किया गया है और उसी मॉडल को ध्यान में रखते हुए हैदराबाद में भी व्यापक विकास की योजना तैयार की जा रही है।

हालाँकि,इस परियोजना को लेकर राजनीतिक विवाद भी जारी है। विपक्षी दलों भारत राष्ट्र समिति और भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि मूसी नदी तट विकास परियोजना के कारण बड़ी संख्या में लोग बेघर हो सकते हैं। विपक्ष का दावा है कि नदी के किनारे रहने वाले कई परिवारों को इस योजना के कारण अपने घर छोड़ने पड़ सकते हैं।

इन आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने परियोजना का बचाव किया और कहा कि कोई भी व्यक्ति प्रदूषित वातावरण में रहने की इच्छा नहीं रखता। उन्होंने कहा कि मूसी नदी लंबे समय से प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है और सरकार का लक्ष्य इस नदी को साफ-सुथरा और आकर्षक बनाना है,ताकि यह शहर की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सके।

मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि बड़े विकास कार्यों के दौरान कुछ समुदायों को अस्थायी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है,लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार प्रभावित लोगों को किसी भी हालत में असहाय नहीं छोड़ेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन लोगों की जमीन या घर इस परियोजना के कारण प्रभावित होंगे,उन्हें समुचित मुआवजा और पुनर्वास प्रदान किया जाएगा।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए व्यापक पुनर्वास योजना तैयार की जाएगी। इसमें आवास,बुनियादी सुविधाएँ और आवश्यक सामाजिक ढाँचा शामिल होगा,ताकि प्रभावित परिवारों को नई जगह पर बेहतर जीवन स्तर मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास और मानवीय संवेदनशीलता दोनों को साथ लेकर चलना सरकार की प्राथमिकता है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार हैदराबाद की वैश्विक पहचान को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शहर की सुंदरता को बहाल करना और इसे दुनिया के प्रमुख महानगरों की श्रेणी में लाना सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि जब सरकार शहर को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाती है,तो कुछ लोग केवल राजनीतिक कारणों से उसका विरोध करते हैं।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि कुछ आलोचक यह कहते हैं कि यदि पहले की सरकारें ऐसा नहीं कर सकीं,तो वर्तमान सरकार को भी ऐसा नहीं करना चाहिए,लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार शहर के विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि शहर के विकास के लिए अंतर्राष्ट्रीय अनुभवों का भी अध्ययन किया जा रहा है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को विदेशों में भेजा गया है,ताकि वे विभिन्न देशों के सफल शहरी विकास मॉडलों का अध्ययन कर सकें। इन अनुभवों के आधार पर हैदराबाद के लिए दीर्घकालिक शहरी नियोजन रणनीति तैयार की जा रही है।

उन्होंने अपने भाषण में शमशाबाद स्थित राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा के विकास का उदाहरण भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब इस हवाई अड्डे की परियोजना शुरू की गई थी,तब भी इसका काफी विरोध हुआ था। कई लोगों ने उस समय इस परियोजना की आलोचना की थी,लेकिन आज वही हवाई अड्डा शहर और राज्य की आर्थिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि इसी तरह वर्तमान विकास परियोजनाएँ भी आने वाले वर्षों में हैदराबाद की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। उन्होंने कहा कि शहर तेजी से एक वैश्विक आईटी, व्यापार और पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है और इसके लिए मजबूत बुनियादी ढाँचा और आधुनिक शहरी सुविधाएँ आवश्यक हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भविष्य की परिवहन योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने घोषणा की कि शमशाबाद को आने वाले समय में बुलेट ट्रेन नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार हैदराबाद को हाई-स्पीड रेल के माध्यम से बेंगलुरु, अमरावती और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा कि हाई-स्पीड रेल परियोजनाएँ न केवल यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाएँगी,बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देंगी। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे,जिससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य हैदराबाद को एक स्वच्छ,आधुनिक और वैश्विक मानकों वाला शहर बनाना है। मूसी नदी तट विकास परियोजना,शहरी बुनियादी ढाँचे में सुधार और भविष्य की परिवहन योजनाएँ इसी व्यापक दृष्टि का हिस्सा हैं। सरकार का मानना है कि इन पहलों से शहर के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा और हैदराबाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेगा।