अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (तस्वीर क्रेडिट@Mahsar_khan)

फ्लोरिडा में डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा,बोले– कूटनीति और सैन्य शक्ति से बदली दुनिया की राजनीति,अमेरिका पहले से ज्यादा मजबूत

वाशिंगटन,17 जनवरी (युआईटीवी)- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपनी सरकार की विदेश नीति,सैन्य कार्रवाइयों और आर्थिक उपलब्धियों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कूटनीति और निर्णायक सैन्य कदमों के जरिए न केवल अमेरिका की वैश्विक स्थिति को मजबूत किया है,बल्कि दुनिया की राजनीति की दिशा भी बदल दी है। ट्रंप ने दावा किया कि उनके नेतृत्व में अमेरिका ने ऐसे फैसले लिए जिनके नतीजे “तेज, स्पष्ट और प्रभावशाली” रहे हैं।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे पहले वैश्विक कूटनीतिक हालात का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में शांति कायम हुई है,जिसे कभी असंभव माना जाता था। ट्रंप के अनुसार, “किसी ने नहीं सोचा था कि यह संभव होगा,लेकिन आज मध्य पूर्व में शांति है।” उन्होंने यह भी कहा कि केवल एक साल के भीतर कई अहम समझौते हुए हैं,जिनसे लंबे समय से चले आ रहे संघर्षों को शांत करने में मदद मिली है। ट्रंप ने इसे अपनी सरकार की कूटनीतिक रणनीति की बड़ी सफलता बताया।

भारत और पाकिस्तान के संदर्भ में भी राष्ट्रपति ट्रंप ने अहम दावा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के हस्तक्षेप से दो परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच टकराव टल गया। ट्रंप के मुताबिक,अगर समय पर कदम नहीं उठाए जाते तो हालात बेहद गंभीर हो सकते थे। उन्होंने कहा कि अमेरिका की पहल से “लाखों लोगों की जान बची” और क्षेत्र में बड़े संघर्ष को रोका जा सका। इस बयान के जरिए ट्रंप ने दक्षिण एशिया में शांति बनाए रखने में अमेरिका की भूमिका को रेखांकित किया।

ईरान को लेकर ट्रंप ने अपने संबोधन में बेहद सख्त रुख दिखाया। उन्होंने दावा किया कि ईरान की परमाणु योजनाओं को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। ट्रंप ने कहा कि ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के तहत अमेरिका ने ईरान की परमाणु संवर्धन क्षमता को नष्ट कर दिया। उनके अनुसार,यह कदम वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से जरूरी था और इससे दुनिया को एक बड़े खतरे से बचाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अब ऐसे किसी भी देश को परमाणु हथियार विकसित करने की इजाजत नहीं देगा,जो वैश्विक शांति के लिए खतरा बन सकता है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने आतंकवाद के खिलाफ की गई कार्रवाइयों का भी विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने आतंकवादी संगठनों के शीर्ष नेताओं के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए हैं। इसमें आईएसआईएस के संस्थापक और ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी जैसे नाम शामिल हैं। ट्रंप के मुताबिक,इन कार्रवाइयों से अमेरिका की सुरक्षा और सैन्य ताकत में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि अब दुनिया जानती है कि अमेरिका अपने नागरिकों और हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

लैटिन अमेरिका के संदर्भ में ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को लेकर चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने मादुरो को पकड़ लिया है और उन्हें “कानून तोड़ने वाला” करार दिया। ट्रंप ने कहा कि यह ऐसा कदम है जिसे दुनिया का कोई दूसरा देश अंजाम नहीं दे सकता था। उनके अनुसार,यह कार्रवाई रिश्तों को नए सिरे से परिभाषित करने और क्षेत्रीय तनाव को कम करने की बड़ी कोशिश का हिस्सा है। ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका अब उन नेताओं के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाएगा,जो कानून और लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन करते हैं।

आर्थिक मोर्चे पर राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी सरकार की नीतियों को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका में अब तक का सबसे ज्यादा विदेशी निवेश आ रहा है। ट्रंप के मुताबिक,करीब 18 ट्रिलियन डॉलर का निवेश देश में हो रहा है और आने वाले समय में यह आँकड़ा और बढ़ सकता है। उन्होंने करों में कटौती,नियमों को आसान बनाने और सख्त शुल्क नीति को इस आर्थिक सफलता का मुख्य कारण बताया। ट्रंप ने कहा कि इन फैसलों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और अमेरिका एक बार फिर वैश्विक निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बन रहा है।

विनिर्माण क्षेत्र को लेकर ट्रंप ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका में ऐतिहासिक स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियाँ बढ़ी हैं। उनके शब्दों में, “आज अमेरिका में पहले से कहीं ज्यादा कारखाने बन रहे हैं।” ट्रंप ने ऑटोमोटिव और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेक्टर का उदाहरण देते हुए कहा कि कंपनियाँ अब अपना उत्पादन विदेशों से वापस अमेरिका में शिफ्ट कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि टैरिफ नीति ने इसमें अहम भूमिका निभाई है,जिससे घरेलू उद्योग को मजबूती मिली है।

शेयर बाजार और आम नागरिकों की बचत को लेकर भी ट्रंप ने सकारात्मक तस्वीर पेश की। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार मजबूत प्रदर्शन कर रहा है और रिटायरमेंट सेविंग्स,खासकर 401(के) अकाउंट,पहले से कहीं बेहतर स्थिति में हैं। ट्रंप ने इसे उनकी आर्थिक नीतियों की सीधी सफलता बताया और कहा कि इससे आम अमेरिकियों का भविष्य सुरक्षित हो रहा है।

इमिग्रेशन के मुद्दे पर राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सख्त रुख को दोहराया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने दक्षिणी सीमा को पूरी तरह सुरक्षित कर दिया है। ट्रंप ने अवैध प्रवेश को “घुसपैठ” करार देते हुए कहा कि इसे रोक दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सख्ती खासतौर पर हिंसक अपराधियों और आपराधिक गिरोहों के खिलाफ की गई है,जबकि तय नियमों और कानूनों के तहत कानूनी आप्रवासन जारी है।

अपने पूरे संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप ने यह संदेश देने की कोशिश की कि उनकी सरकार ने अमेरिका को सैन्य,कूटनीतिक और आर्थिक तीनों मोर्चों पर पहले से ज्यादा ताकतवर बनाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब कमजोर नहीं,बल्कि निर्णायक फैसले लेने वाला देश है,जिसकी नीतियाँ न केवल उसके नागरिकों,बल्कि पूरी दुनिया पर असर डाल रही हैं।