डोनाल्ड ट्रंप (तस्वीर क्रेडिट@KamalSinghnamo)

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने यूएसएआईडी के 1600 कर्मचारियों को किया बर्खास्त,अन्य को भेजा छुट्टी पर

वाशिंगटन,25 फरवरी (युआईटीवी)- डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास एजेंसी (यूएसएआईडी) के 1,600 से अधिक कर्मचारियों को बर्खास्त करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही अतिरिक्त कर्मचारियों को सवेतन प्रशासनिक अवकाश पर भेजने का भी ऐलान किया गया है। इस कदम की पुष्टि यूएसएआईडी के प्रशासक कार्यालय की ओर से एक आधिकारिक कम्युनिकेशन के माध्यम से की गई,जिसे एजेंसी के कर्मचारियों को भेजा गया था।

ट्रंप प्रशासन के इस कदम के पीछे कई कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। दरअसल,ट्रंप प्रशासन ने पहले यूएसएआईडी को खत्म करने की कोशिश की थी, लेकिन इसके लिए एक फेडरल जज ने कानूनी अड़चनें खड़ी कर दी थीं और अस्थायी रूप से इस प्रकार की कार्रवाइयों को रोक दिया था। हालाँकि,शुक्रवार को एक अदालत के फैसले ने इस रोक को हटा दिया,जिससे प्रशासन को मौजूदा छंटनी की प्रक्रिया को जारी रखने का रास्ता मिल गया।

यूएसएआईडी कर्मचारियों को जो नोटिस भेजा गया है,उसमें कहा गया है कि रविवार,23 फरवरी को रात 11:59 बजे (स्थानीय समय) तक,महत्वपूर्ण मिशन कार्यों,मुख्य नेतृत्व और विशेष रूप से नामित कार्यक्रमों के लिए जिम्मेदार लोगों को छोड़कर सभी प्रत्यक्ष-नियुक्त कर्मचारियों को वैश्विक प्रशासनिक अवकाश पर भेजा जाएगा। बयान में यह भी कहा गया कि वे कर्मचारी जिनका काम महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल होगा,वे इस कार्रवाई से अप्रभावित रहेंगे,हालाँकि कितने कर्मचारी इस श्रेणी में शामिल होंगे,इसका खुलासा नहीं किया गया।

इस कदम के पीछे अरबपति एलन मस्क की सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) की पहल है,जिसने यूएसएआईडी में सुधार का नेतृत्व किया है। मस्क का उद्देश्य एजेंसी के प्रभाव को कम करना है और उन्होंने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि यूएसएआईडी का संचालन अधिक प्रभावी और पारदर्शी हो। इसके बावजूद,यह कदम यूएसएआईडी के कर्मचारियों और इस एजेंसी के कार्यों में असंतोष और विरोध का कारण बन सकता है,क्योंकि यह संगठन दुनिया भर में अमेरिकी मानवीय प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

यूएसएआईडी की स्थापना 1961 में राष्ट्रपति जॉन एफ.कैनेडी के प्रशासन के दौरान की गई थी। यह एजेंसी अमेरिकी सरकार की एक प्रमुख मानवीय शाखा है,जिसका मुख्य उद्देश्य गरीबी को कम करना,बीमारियों का इलाज करना,अकाल और प्राकृतिक आपदाओं में राहत प्रदान करना और मदद करना है। इसके साथ ही,यह गैर-सरकारी संगठनों,स्वतंत्र मीडिया और सामाजिक पहलों का समर्थन करती है, जिससे लोकतंत्र निर्माण और विकास को बढ़ावा मिलता है।

यूएसएआईडी को अक्सर अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण सॉफ्ट पावर टूल्स में से एक माना जाता है। इसे अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के तीन डी स्तंभों—रक्षा,कूटनीति और विकास—के हिस्से के रूप में देखा जाता है। इन तीनों स्तंभों का नेतृत्व क्रमशः रक्षा विभाग,विदेश विभाग और यूएसएआईडी द्वारा किया जाता है। यह एजेंसी विभिन्न देशों में अमेरिकी हितों को बढ़ावा देने,वैश्विक स्वास्थ्य और विकास को सुधारने और अन्य देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है।

यूएसएआईडी के उप प्रशासक और ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी पीट मारोको ने यह भी संकेत दिया कि विदेशों में काम करने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों की यात्रा के लिए रसद का प्रबंधन करने के लिए लगभग 600 अमेरिकी-आधारित कर्मचारी बने रहेंगे। हालाँकि,यह कदम यूएसएआईडी के बड़े हिस्से को प्रभावित करेगा,विशेष रूप से उन कर्मचारियों को जो उन मिशनों पर काम कर रहे हैं,जो अब प्राथमिकता के हिसाब से नहीं माने जाएँगे।

ट्रंप प्रशासन ने यूएसएआईडी की संरचना और संचालन में बदलाव की योजना बनाई है,जिससे संगठन के कार्यों और प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। इसका सीधा असर उन देशों पर पड़ेगा,जो यूएसएआईडी से मिलने वाली सहायता पर निर्भर हैं, जैसे कि अफ्रीका,एशिया और लैटिन अमेरिका के कई देशों में। ये देश अक्सर यूएसएआईडी के जरिए मिलने वाली मानवाधिकार, स्वास्थ्य और विकास की सहायता पर निर्भर रहते हैं।

यह कदम अमेरिका की विदेश नीति और वैश्विक विकास पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है,क्योंकि यूएसएआईडी केवल एक सहायता एजेंसी नहीं है,बल्कि यह अमेरिकी प्रभाव को बढ़ाने का भी एक तरीका है। इसके अलावा,यह भी देखा जा सकता है कि क्या ट्रंप प्रशासन की यह योजना अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और देशों के साथ अमेरिकी संबंधों को प्रभावित करेगी या नहीं।

इस बदलाव के बावजूद,यह महत्वपूर्ण है कि यूएसएआईडी अपने मिशन और उद्देश्यों को बनाए रखे और यह सुनिश्चित करे कि जरूरतमंद देशों को मिलने वाली मदद और समर्थन में कोई रुकावट न आए। यूएसएआईडी के कर्मचारियों और अधिकारियों का योगदान इन देशों में विकास,शिक्षा,स्वास्थ्य और नागरिक समाज के निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण रहा है और यह देखना होगा कि ट्रंप प्रशासन के ये निर्णय इन प्रयासों को कैसे प्रभावित करते हैं।