यरुशलम,1 जुलाई (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 7 जुलाई को व्हाइट हाउस में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मेजबानी करने जा रहे हैं। यह जानकारी व्हाइट हाउस ने ‘द इजरायल टाइम्स’ से पुष्टि करते हुए दी है। यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है,जब गाज़ा में इजरायल-हमास संघर्ष और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य इस मुलाकात के जरिए क्षेत्र में स्थिरता और शांति की दिशा में कदम बढ़ाना है।
डोनाल्ड ट्रंप जनवरी 2025 में दोबारा सत्ता में लौटे थे। इसके बाद से यह नेतन्याहू की व्हाइट हाउस की तीसरी यात्रा होगी। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात न केवल रणनीतिक दृष्टि से अहम मानी जा रही है,बल्कि इसके माध्यम से अमेरिका-इजरायल के रिश्तों को फिर से परिभाषित करने की कोशिश भी देखी जा रही है।
मुलाकात का मुख्य एजेंडा गाज़ा में युद्धविराम,बंधकों की रिहाई,ईरान की परमाणु गतिविधियों पर चर्चा और क्षेत्रीय राजनयिक संतुलन की बहाली होगी।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने सोमवार को प्रेस को संबोधित करते हुए कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप गाजा संघर्ष को खत्म होते देखना चाहते हैं। उन्होंने इस दिशा में अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। प्रशासन इजरायली नेतृत्व से लगातार संपर्क में है।”लेविट ने गाज़ा और इजरायल दोनों में हुई तबाही की तस्वीरों पर चिंता जताई और कहा कि “इन हालात में नागरिकों की जान बचाना राष्ट्रपति की प्राथमिकता है।”
पिछले शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में राष्ट्रपति ट्रंप ने गाजा में जल्द युद्धविराम की संभावना जताई थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका “संघर्ष को खत्म करने के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रहा है” और अगले सप्ताह तक सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
इस बयान से पहले ट्रंप प्रशासन ने क़तर,मिस्र और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधियों के साथ मध्यस्थता के प्रयास तेज कर दिए हैं। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में बंधकों की सुरक्षित रिहाई और हमास के साथ संघर्षविराम की शर्तों पर स्पष्ट रूप से चर्चा होगी।
नेतन्याहू की यह यात्रा ईरान की न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हुए अमेरिकी हमले के बाद हो रही है। ट्रंप ने हाल में दावा किया था कि उन्होंने इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव को युद्धविराम में बदलने में भूमिका निभाई है। हालाँकि,इस बयान की पुष्टि ईरान या इजरायल की ओर से औपचारिक रूप से नहीं हुई है।
स्ट्रैटेजिक अफेयर्स मिनिस्टर रॉन डेरमर इस समय अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए वाशिंगटन में मौजूद हैं। माना जा रहा है कि वह ट्रंप-नेतन्याहू मुलाकात के पहले दौर की रणनीति तैयार कर रहे हैं।
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोमवार शाम को अपने शीर्ष सहयोगियों और मंत्रियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की,जिसमें गाज़ा में चल रहे युद्ध और आगामी वार्ता की रणनीति पर चर्चा हुई। हालाँकि,बैठक में किसी अंतिम समझौते पर सहमति नहीं बन पाई।
एक मंत्री के कार्यालय ने बताया कि, “रविवार रात को गाजा में हुए टकराव के बावजूद समूह युद्ध के भविष्य को लेकर किसी साझा दृष्टिकोण पर नहीं पहुँच सका है।”
यह बात इजरायल के आंतरिक मतभेदों को दर्शाती है, जहाँ कुछ मंत्री हमास के खिलाफ सख्त रुख चाहते हैं,तो कुछ गाजा युद्धविराम की जरूरत को प्राथमिकता दे रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप की यह कोशिश है कि वह खुद को एक ‘डील मेकर’ के रूप में फिर से स्थापित करें,जैसा उन्होंने 2020 में अब्राहम समझौते के समय किया था,लेकिन इस बार हालात पहले से कहीं अधिक जटिल हैं। हमास की कट्टरता,इजरायल की आंतरिक राजनीति और ईरान की नई गतिविधियाँ इस समीकरण को अस्थिर बना रही हैं।
7 जुलाई की मुलाकात क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से निर्णायक हो सकती है। अगर ट्रंप नेतन्याहू को युद्धविराम के लिए राज़ी कर पाते हैं,तो यह उनके लिए एक बड़ी राजनयिक जीत होगी और पश्चिम एशिया के लिए संभावित स्थिरता की शुरुआत।
