वाशिंगटन,29 जून (युआईटीवी)- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ चल रहे आपराधिक मुकदमे की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इस मुकदमे को एक “राजनीतिक प्रतिशोध” बताया और दावा किया कि यह गाजा युद्धविराम और ईरान से बातचीत जैसी महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक पहलों में गंभीर बाधा बन सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने यह प्रतिक्रिया अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर दी, जहाँ उन्होंने इजरायली नेतृत्व को समर्थन देते हुए अमेरिकी भूमिका को भी प्रमुखता से रेखांकित किया।
ट्रंप ने कहा कि बेंजामिन नेतन्याहू कोई साधारण नेता नहीं हैं,बल्कि वह युद्ध नायक हैं,जिन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के परमाणु खतरे को रोकने में अहम भूमिका निभाई है। ट्रंप ने लिखा, “बीबी नेतन्याहू ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के न्यूक्लियर खतरे से छुटकारा दिलाने में शानदार काम किया है।”
उन्होंने कहा कि नेतन्याहू इस समय हमास के साथ गाजा संघर्ष के बीच चल रही बातचीत में भी शामिल हैं,जिसका उद्देश्य बंधकों को सुरक्षित वापस लाना है। ऐसे में उन पर अदालत में मुकदमा चलाना और उन्हें हर दिन कोर्ट में बैठने को मजबूर करना पूरी तरह अनुचित और नुकसानदायक है।
ट्रंप ने स्पष्ट रूप से इस मुकदमे को न्यायिक प्रक्रिया की आड़ में किया गया राजनीतिक हमला बताया। उन्होंने लिखा, “बिना किसी ठोस आधार (सिगार, डॉल वगैरह जैसे मामूली मुद्दे) पर एक प्रधानमंत्री को अदालत में घसीटना राजनीतिक बदले की कार्रवाई है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह की ‘अन्यायपूर्ण कार्रवाई’ न सिर्फ नेतन्याहू की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाती है,बल्कि इससे अमेरिका और इजरायल द्वारा मिलकर की जा रही कूटनीतिक कोशिशें भी कमजोर होती हैं। ट्रंप के अनुसार,ऐसे मामलों से ईरान और हमास के साथ चल रही शांति वार्ता पर भी असर पड़ेगा।
ट्रंप ने यह याद दिलाने में भी देर नहीं लगाई कि अमेरिका इजरायल की रक्षा के लिए हर साल अरबों डॉलर खर्च करता है। उन्होंने लिखा, “संयुक्त राज्य अमेरिका इजरायल की सुरक्षा और समर्थन के लिए हर साल अरबों डॉलर खर्च करता है,जो किसी अन्य देश की तुलना में कहीं अधिक है।”
इस बात पर ज़ोर देते हुए उन्होंने यह संदेश भी दिया कि अमेरिका इस तरह के ‘अन्याय’ को बर्दाश्त नहीं करेगा। उनके अनुसार,नेतन्याहू पर चल रही कानूनी कार्रवाई अमेरिका और इजरायल के साझा हितों पर हमला है।
अपने पोस्ट के अंत में ट्रंप ने नेतन्याहू को पूरी तरह समर्थन देते हुए लिखा, “बीबी को जाने दो! उन्हें एक बहुत बड़ा काम करना है!” उनका आशय था कि नेतन्याहू को मौजूदा समय में न्यायिक परेशानियों से मुक्त कर देना चाहिए,ताकि वह अपनी कूटनीतिक जिम्मेदारियों को पूरी तरह निभा सकें।
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान उस समय आया है,जब इजरायल गाजा में संघर्ष विराम और ईरान से तनाव कम करने की कोशिशों में जुटा है। नेतन्याहू पहले से ही भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं और उन पर कई आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। ट्रंप की टिप्पणी इस बात को दर्शाती है कि अमेरिका के कुछ प्रभावशाली नेता इसे अंतर्राष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा के लिए एक नकारात्मक संकेत मान रहे हैं।
उनके इस बयान से यह भी स्पष्ट होता है कि अमेरिकी राजनीति में नेतन्याहू को अब भी मजबूत समर्थन प्राप्त है। ट्रंप की तरह कई अमेरिकी नेता मानते हैं कि नेतन्याहू की भूमिका मौजूदा पश्चिम एशियाई हालात में बेहद महत्वपूर्ण है और उन्हें राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार नहीं बनाना चाहिए।
