वाशिंगटन,7 जुलाई (युआईटीवी)- अमेरिकी राजनीति में दो बड़ी हस्तियों राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के बीच तीखा टकराव सामने आया है। ट्रंप ने एलन मस्क को ‘पटरी से उतरी ट्रेन’ तक कह दिया है और यह सियासी झगड़ा सिर्फ व्यक्तिगत नहीं,बल्कि विचारधारात्मक और नीतिगत टकराव में भी बदलता नजर आ रहा है।
इस पूरे विवाद की शुरुआत एलन मस्क द्वारा ‘अमेरिका पार्टी’ नाम से एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा से हुई। मस्क का यह कदम अमेरिकी द्विदलीय व्यवस्था के प्रति गहरे असंतोष को दर्शाता है। उनका आरोप है कि अमेरिका में अब लोकतंत्र की जगह भ्रष्टाचार और निजी स्वार्थ की एक “एकीकृत राजनीतिक मशीन” हावी हो चुकी है,जिसमें डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स दोनों ही शामिल हैं।
मस्क के मुताबिक, “अमेरिका अब द्विदलीय भ्रष्टाचार और अनियंत्रित सरकारी खर्च के कारण दिवालिया हो रहा है। यह अब लोकतंत्र नहीं रहा,बल्कि एक छद्म एकदलीय व्यवस्था बन चुका है।” उन्होंने कहा कि “अमेरिका पार्टी” का उद्देश्य लोगों को स्वतंत्रता लौटाना है।
एलन मस्क की इस घोषणा के कुछ ही घंटों बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर तीखी प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने लिखा, “मुझे एलन मस्क को पूरी तरह से पटरी से उतरते देख दुख हुआ है। पिछले पाँच हफ्तों में वह एक मलबे में बदल गए हैं। अब वह एक तीसरी राजनीतिक पार्टी शुरू करना चाहते हैं,जबकि वह अमेरिका में कभी भी सफल नहीं हुए हैं।”
ट्रंप का यह बयान स्पष्ट रूप से इस बात का संकेत है कि वह मस्क को राजनीतिक रूप से गंभीर चुनौती मानने लगे हैं। उन्होंने मस्क की पार्टी को ‘पूर्ण अराजकता और व्यवधान’ की ओर ले जाने वाला कदम बताया और दावा किया कि केवल रिपब्लिकन पार्टी ही अमेरिका को स्थिर नेतृत्व प्रदान कर सकती है।
इस टकराव में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) मैंडेट हैं। ट्रंप ने हाल ही में एक बड़े विधेयक पर हस्ताक्षर किए हैं,जिसे उन्होंने “वन बिग ब्यूटीफुल बिल” कहा। इस कानून के जरिए अमेरिका में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर बनाए गए बाध्यकारी नियमों को खत्म कर दिया गया है।
ट्रंप ने कहा, “अब अमेरिका के लोग जो वाहन चाहें वह खरीद सकते हैं,गैसोलीन से चलने वाले,हाइब्रिड (जो अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं) या नई तकनीकों पर आधारित वाहन। इलेक्ट्रिक व्हीकल अब कोई मजबूरी नहीं हैं।”
ट्रंप का यह निर्णय एलन मस्क जैसे ईवी उद्योग के नेताओं को सीधा नुकसान पहुँचाने वाला है। मस्क ने लंबे समय से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दिया है और टेस्ला इसी लक्ष्य पर केंद्रित कंपनी है। ट्रंप का कहना है कि मस्क इस कानून से नाखुश हैं और यही कारण है कि उन्होंने उनके खिलाफ राजनीतिक कदम उठाया है।
ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि मस्क कभी उनके समर्थक थे। उन्होंने लिखा, “जब मस्क ने मुझे पूर्ण समर्थन दिया था,तब मैंने उनसे पूछा था कि क्या उन्हें यह पता है कि मैं ईवी मैंडेट को खत्म करने वाला हूँ। यह तो मेरे हर भाषण और हर बातचीत में शामिल था। उन्होंने कहा कि उन्हें इससे कोई दिक्कत नहीं है,जिससे मैं चौंक गया था।”
ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि मस्क चाहते थे कि उनका एक करीबी दोस्त नासा का प्रमुख बने,लेकिन ट्रंप ने यह प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया क्योंकि वह व्यक्ति एक “ब्लू ब्लडेड डेमोक्रेट” था,जो कभी भी किसी रिपब्लिकन का समर्थन नहीं करता रहा था। ट्रंप ने कहा कि नासा को ऐसा व्यक्ति नहीं चलाना चाहिए,जो निजी कंपनियों के साथ गहरे संबंध रखता हो।
शनिवार को मस्क ने एक व्यापक बयान जारी कर अमेरिकी राजनीति पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि दोनों प्रमुख दल डेमोक्रेट और रिपब्लिकन देश को भ्रष्टाचार और अराजकता की ओर धकेल रहे हैं। उन्होंने अमेरिकी जनता से “अमेरिका पार्टी” के जरिए राजनीतिक विकल्प चुनने की अपील की।
मस्क का कहना था, “यह लोकतंत्र नहीं है। यह भ्रष्टाचार से प्रेरित एक सड़ी-गली व्यवस्था है,जिसे अब बदलने की जरूरत है। अमेरिका पार्टी उन लोगों के लिए है जो स्वतंत्रता,पारदर्शिता और जिम्मेदार शासन चाहते हैं।”
अमेरिकी इतिहास में तीसरी पार्टियों का अस्तित्व नया नहीं है,लेकिन उनका प्रभाव सीमित ही रहा है। ट्रंप का कहना है कि तीसरी पार्टियाँ सिर्फ वोटों का बँटवारा करती हैं और अंततः कट्टरपंथी ताकतों को फायदा पहुँचाती हैं। उन्होंने मस्क की पार्टी को भी इसी श्रेणी में रखा है।
हालाँकि,एलन मस्क की लोकप्रियता,तकनीकी प्रभाव और सोशल मीडिया पर पकड़ को देखते हुए इस नई पार्टी को शुरुआती समर्थन मिल सकता है,खासकर उन मतदाताओं से जो पारंपरिक पार्टियों से असंतुष्ट हैं।
डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क के बीच यह संघर्ष सिर्फ दो व्यक्तित्वों की लड़ाई नहीं है। यह अमेरिका की बदलती राजनीतिक सोच,तकनीक और नीति की दिशा तथा लोकतंत्र की परिभाषा को लेकर भी गहराई से जुड़ा हुआ है। ट्रंप जहाँ पारंपरिक शक्ति केंद्रों और संरक्षणवाद पर ज़ोर दे रहे हैं,वहीं मस्क स्वतंत्रता,पारदर्शिता और सत्ता के पुनर्वितरण की बात कर रहे हैं।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मस्क की ‘अमेरिका पार्टी’ अमेरिकी राजनीति में कोई वास्तविक बदलाव ला पाती है या ट्रंप की आलोचना सही साबित होती है,लेकिन एक बात तय है कि इस टकराव ने 2026 के अमेरिकी मध्यावधि चुनावों और 2028 की राष्ट्रपति दौड़ के लिए राजनीतिक माहौल को पहले से कहीं ज्यादा गर्म कर दिया है।
