नई दिल्ली,18 अक्टूबर (युआईटीवी)- भारतीय निवेशकों को हाल ही में डबल रिटर्न और नकली ट्रेडिंग ऐप्स के जाल से बचने के लिए सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। यह चेतावनी बाजार नियामक सेबी और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की ओर से जारी की गई है,जिसमें निवेशकों को फेक ऐप्स और गारंटीड रिटर्न का झांसा देने वाले स्कैम्स से सतर्क रहने की सख्त सलाह दी गई है। इस दिशा में निवेशकों की मदद के लिए दोनों संस्थाओं ने अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में यूट्यूब वीडियो भी साझा किए हैं,ताकि आम जनता आसानी से इसे समझ सके।
एनएसई इंडिया के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर शेयर किए गए 36 सेकंड के वीडियो में स्पष्ट किया गया कि नकली ऐप्स देखने में असली जैसी ही लग सकती हैं,लेकिन इन पर निवेश करना अत्यधिक जोखिमपूर्ण होता है। वीडियो में कहा गया कि इन ऐप्स का मुख्य उद्देश्य निवेशकों को झांसे में फँसाना होता है। शुरुआती चरण में ये ऐप्स अपने यूजर को गारंटीड और उच्च रिटर्न का भरोसा दिलाते हैं। इसके बाद,स्कैमर्स उन्हें फेक ऐप डाउनलोड करवाकर अपने जाल में फँसाते हैं।
बाजार नियामकों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी ट्रेडिंग ऐप का इस्तेमाल करने से पहले यह सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है कि वह ऐप ऑथेंटिक और सेबी या एनएसई द्वारा मान्यता प्राप्त हो। फेक ऐप्स से निवेशकों की निजी जानकारी चोरी होने और उनके निवेश पर भारी नुकसान होने का खतरा रहता है। सेबी और एनएसई ने निवेशकों को यह सलाह दी कि वे हमेशा सेबी की इंवेस्टर साइट पर उपलब्ध वेरिफाइड ऐप्स की लिस्ट से ही ट्रेडिंग ऐप्स डाउनलोड करें,ताकि उन्हें स्कैम और वित्तीय धोखाधड़ी का सामना न करना पड़े।
इसी प्रकार,निवेशकों को डबल रिटर्न स्कैम से भी सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। एक 40 सेकंड के वीडियो में बताया गया कि निवेशकों को किसी भी “इंवेस्टमेंट गुरु” या ऑनलाइन ग्रुप की झूठी टिप्स पर भरोसा करके पैसे डबल करने का लालच दिया जा सकता है। इन स्कैम्स में निवेशकों को विशेष ऑफर या डील के लिए क्लिक करने के लिए कहा जाता है। केवल एक क्लिक से यूजर की जेब खाली हो सकती है और उनकी वित्तीय जानकारी भी खतरे में पड़ सकती है।
सेबी और एनएसई ने जोर देकर कहा कि निवेशकों को केवल सेबी-रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार से ही सलाह लेनी चाहिए। किसी भी पेमेंट को सिर्फ वेरिफाइड बैंक अकाउंट या यूपीआई आईडी के माध्यम से करना चाहिए। ऐसा करने से निवेशक किसी भी धोखाधड़ी या स्कैम से बच सकते हैं और अपनी पूँजी को सुरक्षित रख सकते हैं।
इस महीने की शुरुआत में, 6 से 12 अक्टूबर तक आयोजित वर्ल्ड इंवेस्टर वीक 2025 के शुभारंभ के मौके पर सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडे ने कहा था कि प्रतिभूति बाजार भारत के विकास इंजन हैं। उन्होंने निवेशकों से अपील की थी कि यह इंजन पारदर्शिता और ईमानदारी की मजबूत नींव पर ही चले। तुहिन कांत पांडे ने यह भी कहा कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर ने निवेशकों के लिए बाजारों में भागीदारी आसान बनाई है,लेकिन इसके साथ ही स्कैमर्स के पास भी नए और आधुनिक टूल्स हैं,जिनके माध्यम से वे निवेशकों को धोखा देने के लिए लगातार नई रणनीतियाँ तैयार कर रहे हैं।
तुहिन कांत पांडे ने निवेशकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी। उनका कहना था कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाले निवेशों में निवेशकों को ऐप्स,वेबसाइट्स और निवेश सलाह देने वाले समूहों की प्रामाणिकता की जाँच करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यदि निवेशक सावधानी नहीं बरतते हैं,तो उनकी निजी और वित्तीय जानकारी जोखिम में पड़ सकती है और उनके निवेश का नुकसान हो सकता है।
वास्तव में,डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निवेशकों के लिए जोखिम तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप्स हैं,जो निवेशकों को आकर्षक रिटर्न का लालच देकर अपने जाल में फँसाते हैं। स्कैमर्स अक्सर असली और नकली ऐप्स में अंतर करने के लिए धोखाधड़ीपूर्ण तकनीकों का उपयोग करते हैं। इसलिए निवेशकों को हमेशा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐप्स और प्लेटफॉर्म रजिस्टर्ड और वैध हों।
सेबी और एनएसई की यह पहल विशेष रूप से छोटे और नए निवेशकों के लिए उपयोगी है,जो अक्सर आकर्षक रिटर्न की लालसा में बिना सतर्क हुए निवेश कर बैठते हैं। दोनों संस्थाओं ने यह भी स्पष्ट किया कि निवेशकों को हमेशा किसी भी ऑफर,टिप्स या डील के पीछे पड़े लालच से दूर रहना चाहिए और किसी भी निर्णय को लेने से पहले पूरी जानकारी और वेरिफिकेशन करना चाहिए।
इन वीडियो और सार्वजनिक संदेशों का उद्देश्य निवेशकों में जागरूकता फैलाना और उन्हें डिजिटल निवेश के खतरों से बचाना है। इसके अलावा,ये वीडियो आम जनता के लिए सरल भाषा में तैयार किए गए हैं,ताकि हर निवेशक,चाहे वह अनुभवी हो या नया,इस संदेश को आसानी से समझ सके और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सके।
सेबी और एनएसई की ओर से जारी यह चेतावनी निवेशकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। डबल रिटर्न स्कैम और फेक ऐप्स जैसी धोखाधड़ी से बचने के लिए निवेशकों को सतर्क रहना और केवल वैध और वेरिफाइड प्लेटफॉर्म का उपयोग करना चाहिए। डिजिटल दुनिया में निवेश को सरल बनाना इन संस्थाओं का लक्ष्य है,लेकिन इसके साथ ही यह भी आवश्यक है कि निवेशक अपनी सुरक्षा और पूँजी की रक्षा करने के लिए सतर्क रहें। निवेशकों की सुरक्षा और बाजार की पारदर्शिता बनाए रखना ही सेबी और एनएसई की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में वे लगातार कदम उठा रहे हैं।
