नई दिल्ली,20 अगस्त (युआईटीवी)- भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की 81वीं जयंती के अवसर पर बुधवार को पूरे देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं तक,सभी ने उन्हें अपनी श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया। इस मौके पर नेताओं ने उनके दूरदर्शी योगदान,आधुनिक भारत की नींव रखने वाली नीतियों और युवा भारत के सपनों को पंख देने वाली सोच को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा, “आज पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें मेरी श्रद्धांजलि।” प्रधानमंत्री का यह संक्षिप्त किंतु गंभीर संदेश इस बात का प्रतीक है कि राजीव गांधी का योगदान दलगत सीमाओं से परे जाकर पूरे राष्ट्र द्वारा स्वीकार किया गया है।
On his birth anniversary today, my tributes to former Prime Minister Shri Rajiv Gandhi Ji.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 20, 2025
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें याद किया। उन्होंने लिखा, “भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर नमन।” वहीं भाजपा सांसद नवीन जिंदल ने राजीव गांधी की तकनीकी सोच और आधुनिक भारत के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए लिखा कि पूर्व प्रधानमंत्री का विज़न आज भी भारत की प्रगति को दिशा देने वाला है। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से उन्नत और आधुनिक भारत का जो सपना उन्होंने देखा था,वही आज डिजिटल भारत और आत्मनिर्भर भारत की रूपरेखा में जीवंत रूप से मौजूद है।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री छगन भुजबल ने राजीव गांधी के दूरगामी निर्णयों को याद किया। उन्होंने कहा कि मताधिकार की उम्र 18 वर्ष करने से लेकर पंचायती राज सुधार,कंप्यूटरीकरण और दूरसंचार क्रांति जैसे फैसलों ने भारत के विकास की नई राह खोली। भुजबल ने यह भी उल्लेख किया कि उनकी जयंती पर हर वर्ष राष्ट्रीय सद्भावना दिवस मनाया जाता है,जो समाज में एकता,सौहार्द और भाईचारे का संदेश देता है।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश को आधुनिकता और उदारीकरण की ओर ले जाने वाले,सूचना,संपर्क और कंप्यूटर क्रांति के प्रणेता,पंचायती राज व्यवस्था को मजबूती देने वाले तथा देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले राजीव गांधी को कोटिशः नमन। तेजस्वी ने कहा कि उनकी दूरदर्शिता और तकनीक के प्रति प्रेम का लाभ आज पूरा देश उठा रहा है,जब डिजिटल इंडिया और टेक्नोलॉजी आधारित शासन व्यवस्था हर नागरिक की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने दिल्ली स्थित वीरभूमि जाकर राजीव गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि राजीव गांधी दूरदर्शी सोच वाले नेता थे,जिन्होंने भारत में सूचना क्रांति की नींव रखी और देश को एक नए युग की ओर अग्रसर किया। गहलोत ने कहा कि युवाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मतदान की आयु 18 वर्ष करना और पंचायती राज को मजबूत करना जैसे कार्य हमेशा याद किए जाएँगे। उन्होंने यह भी लिखा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में राजीव गांधी का योगदान अतुलनीय है और उनकी नीतियाँ आज भी प्रासंगिक हैं।
कांग्रेस के एक और वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा कि राजीव गांधी के प्रगतिशील विचारों ने भारत को नई दिशा दी। उन्होंने भारत में सूचना एवं प्रौद्योगिकी और दूरसंचार क्रांति की शुरुआत की,जिसने देश को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की राह दिखाई। बघेल ने यह भी उल्लेख किया कि पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त बनाकर राजीव गांधी ने गाँव-गाँव तक लोकतंत्र को मजबूत किया और युवाओं को 18 वर्ष की आयु में मतदान का अधिकार देकर देश के भविष्य को आकार देने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि आज उनकी विरासत को जीवित रखते हुए हम सब एक समृद्ध,समावेशी और प्रगतिशील भारत के निर्माण का संकल्प दोहराते हैं।
राजीव गांधी का राजनीतिक जीवन भले ही अपेक्षाकृत छोटा रहा,लेकिन उनकी सोच ने भारत के भविष्य पर गहरी छाप छोड़ी। 40 वर्ष की आयु में प्रधानमंत्री बनने वाले राजीव गांधी उस समय के सबसे युवा प्रधानमंत्री थे। उन्होंने भारत को कंप्यूटर युग की ओर अग्रसर किया और ग्रामीण भारत तक पंचायती राज की व्यवस्था पहुँचाकर लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत किया। उनके शासनकाल में ही दूरसंचार क्रांति ने गति पकड़ी,जिसने भारत को दुनिया से जोड़ने की राह आसान बनाई।
उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देने वाले नेताओं की एक स्वर में यही राय रही कि राजीव गांधी एक दूरदर्शी नेता थे,जिन्होंने भारत को आधुनिकता की राह पर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तकनीकी क्षेत्र में उनकी दूरदृष्टि का परिणाम है कि आज भारत आईटी हब के रूप में पूरी दुनिया में पहचाना जाता है।
81वीं जयंती पर राष्ट्र ने न केवल उन्हें याद किया,बल्कि यह भी स्वीकार किया कि उनकी नीतियों और फैसलों ने भारत को 21वीं सदी के लिए तैयार करने में अहम योगदान दिया। उनकी स्मृति में मनाया जाने वाला राष्ट्रीय सद्भावना दिवस यह संदेश देता है कि भारत की प्रगति केवल तकनीकी और आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है,बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिकता के साथ भी जुड़ी हुई है। यही कारण है कि राजीव गांधी का नाम आज भी भारत की राजनीतिक और सामाजिक स्मृतियों में जीवंत बना हुआ है।
