नई दिल्ली,1 जनवरी (युआईटीवी)- भारत के स्टार जेवलिन थ्रोअर और करोड़ों युवाओं की प्रेरणा नीरज चोपड़ा ने साल 2025 को “खूबसूरत यादों” के साथ अलविदा कहा। वर्ष के अंतिम दिन उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने प्रशंसकों और शुभचिंतकों को भावुक संदेश भेजते हुए न सिर्फ बीते पलों का आभार जताया,बल्कि उस प्यार,समर्थन और भरोसे को भी सलाम किया,जिसने उनके करियर और व्यक्तिगत जीवन को नई दिशा दी। नीरज ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि 2025 उनके लिए परिवार,दोस्तों और शुभचिंतकों के बीच बिताए गए “यादगार पलों” से भरा रहा। उन्होंने कहा कि सभी के स्नेह और आशीर्वाद ने इस वर्ष को विशेष बना दिया और उनके जीवन की खुशियों को कई गुना बढ़ा दिया।
यह साल नीरज के लिए मैदान से बाहर भी बेहद अहम रहा। जनवरी 2025 में उन्होंने अपनी लंबे समय से साथी रही हिमानी मोर चोपड़ा से विवाह किया। उनके जीवन के इस नए अध्याय ने प्रशंसकों को भी खुशी का मौका दिया। शादी के बाद 25 दिसंबर को आयोजित भव्य रिसेप्शन में खेल जगत,राजनीति और मनोरंजन से जुड़े कई चेहरों ने शिरकत की। नीरज ने इस अवसर पर शामिल हुए सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके लिए यह सिर्फ समारोह नहीं,बल्कि जीवनभर संजोकर रखने वाली स्मृति है। उन्होंने स्वीकार किया कि शादी और रिसेप्शन के दौरान मिले प्यार और सम्मान ने उन्हें भावुक कर दिया और यह एहसास दिलाया कि मैदान के बाहर भी लोगों के साथ उनका रिश्ता उतना ही मजबूत और आत्मीय है।
खेल के नजरिए से देखें तो 2025 नीरज के करियर में उतार-चढ़ाव भरा रहा। दोहा डायमंड लीग में उन्होंने अपने करियर की बड़ी उपलब्धियों में एक जोड़ते हुए 90 मीटर का महत्वपूर्ण आँकड़ा पार किया,जो किसी भी जेवलिन थ्रोअर के लिए मील का पत्थर माना जाता है। इस प्रदर्शन ने साबित किया कि नीरज अब भी विश्व स्तर पर शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल हैं और बड़े टूर्नामेंटों में पदक जीतने की उनकी क्षमता पर कोई संदेह नहीं किया जा सकता। हालाँकि,फिटनेस संबंधी चुनौतियों और कुछ प्रतियोगिताओं में लय बनाए रखने में आई मुश्किलों के कारण वह सीजन के अंत में ओवरऑल आठवें स्थान पर रहे। यह परिणाम भले उम्मीद के मुताबिक नहीं था,लेकिन इससे उनके जज्बे और आगे की तैयारी पर कोई असर नहीं पड़ा।
Ending 2025 with beautiful memories
A beautiful time with family, friends, and endless blessings.
Thank you for being part of our celebration and showering us with love. pic.twitter.com/tC4kRWxbNv
— Neeraj Chopra (@Neeraj_chopra1) December 31, 2025
वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपना खिताब बचाने में नाकाम रहने के बाद नीरज ने स्वीकार किया कि खेल में हर दिन नया होता है और हर मुकाबला सीखने का अवसर देता है। इस बीच उन्होंने ओस्ट्रावा में आयोजित गोल्डन स्पाइक टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया,जबकि डायमंड लीग फाइनल में दूसरे स्थान पर रहे। इन उपलब्धियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह अभी भी शीर्ष स्तर की प्रतियोगिताओं में जोरदार वापसी करने की क्षमता रखते हैं। इसके अलावा,बेंगलुरु में आयोजित “एनसी क्लासिक” में उन्होंने न सिर्फ हिस्सा लिया,बल्कि आयोजन की मेजबानी भी की और खिताब जीतकर देश के उभरते एथलीटों के लिए प्रेरक मिसाल पेश की।
नीरज चोपड़ा ने साल के अंत में एक और बड़ा फैसला लिया—अपने नए कोच के रूप में चेक गणराज्य के महान जेवलिन थ्रोअर जान जेलेजनी को चुना। जेलेजनी तीन बार ओलंपिक चैंपियन रह चुके हैं और 98.48 मीटर के वर्ल्ड रिकॉर्ड के मालिक हैं। माना जा रहा है कि उनके अनुभव और तकनीकी ज्ञान से नीरज को नई दिशा और मजबूती मिलेगी। यह बदलाव नीरज की उस सोच को दर्शाता है,जिसमें वह लगातार खुद को बेहतर बनाने और उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रखने का प्रयास करते रहते हैं।
नीरज चोपड़ा का सफर सिर्फ पदकों और रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्रिकेट-केंद्रित देश में उन्होंने ट्रैक एंड फील्ड को नई पहचान दिलाई और युवाओं के बीच यह विश्वास जगाया कि मेहनत,अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर वैश्विक मंच पर भी भारत स्वर्णिम सफलता हासिल कर सकता है। 2020 टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने इतिहास रचा और स्वतंत्र भारत के पहले एथलेटिक्स ओलंपिक चैंपियन बने। इसके बाद 2024 पेरिस ओलंपिक में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक सिल्वर और एक गोल्ड जोड़कर उन्होंने अपने नाम को दुनिया के शीर्ष एथलीटों की सूची में और भी मजबूत किया।
आज,जब नीरज 2025 की यादों को समेटकर 2026 की ओर देख रहे हैं,तो उनके सामने नए लक्ष्य,नई चुनौतियाँ और नए सपने हैं। उनका मानना है कि खेल में कोई भी उपलब्धि अंतिम नहीं होती,हर जीत के साथ जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। यही कारण है कि वह लगातार अपने खेल को निखारने और देश के युवा खिलाड़ियों के लिए उदाहरण बनने की कोशिश करते रहते हैं।
बीता हुआ साल नीरज के लिए निजी खुशी और पेशेवर संघर्ष—दोनों का संगम रहा। परंतु हर चुनौती के बीच उन्होंने जिस संतुलन,विनम्रता और सकारात्मकता का परिचय दिया,उसने उन्हें केवल एक महान खिलाड़ी ही नहीं,बल्कि एक सच्चे स्पोर्ट्समैन के रूप में स्थापित कर दिया। जैसे-जैसे नया साल आगे बढ़ रहा है,पूरे देश की नज़रें एक बार फिर से उनके थ्रो पर टिक गई हैं—इस उम्मीद के साथ कि नीरज चोपड़ा आने वाले समय में भी भारत का सिर ऊँचा करते रहेंगे और अपनी “खूबसूरत यादों” को और भी सुनहरी उपलब्धियों से सजाएँगे।
