मुंबई,23 मार्च (युआईटीवी)- बॉलीवुड की ‘क्वीन’ के नाम से मशहूर कंगना रनौत आज सिर्फ एक सफल अभिनेत्री ही नहीं,बल्कि एक सक्रिय सांसद के रूप में भी अपनी पहचान बना चुकी हैं। हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से गाँव से निकलकर मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री में अपना मुकाम बनाना उनके लिए आसान नहीं था। संघर्ष,असफलताएँ और चुनौतियों से भरे इस सफर में कई ऐसे मोड़ आए,जिन्होंने उनके करियर और व्यक्तित्व को गहराई से प्रभावित किया। 23 मार्च को उनके जन्मदिन के मौके पर उनकी चर्चित फिल्म “फैशन” से जुड़े कुछ ऐसे किस्से सामने आते हैं,जो उनके संघर्ष और समर्पण को दर्शाते हैं।
कंगना रनौत ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘गैंगस्टर’ से की थी,जिसमें उनके अभिनय को काफी सराहना मिली थी। इस फिल्म के बाद उन्हें इंडस्ट्री में पहचान तो मिली,लेकिन उस सफलता को बनाए रखना उनके लिए आसान नहीं था। उन्हें लीड रोल में लगातार काम नहीं मिल रहा था और करियर में स्थिरता की कमी महसूस हो रही थी। ऐसे में जब ‘फैशन’ का प्रस्ताव आया,तो उन्होंने इसे शुरुआत में ठुकराने का मन बनाया क्योंकि इसमें उनका किरदार छोटा था,लेकिन परिस्थितियों के चलते उन्हें यह फिल्म स्वीकार करनी पड़ी।
‘फैशन’ में कंगना ने ‘सोनाली’ नाम की एक मॉडल का किरदार निभाया,जो नशे की लत और करियर की असफलताओं के बीच जूझ रही होती है। यह किरदार बेहद जटिल और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण था। कंगना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि इस भूमिका को निभाना उनके लिए बेहद कठिन अनुभव रहा। उस समय वह खुद भी इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रही थीं,इसलिए इस किरदार की पीड़ा और मानसिक स्थिति से वह खुद को जोड़ पा रही थीं।
फिल्म के निर्देशक मधुर भंडारकर ने भी इस बात का जिक्र किया था कि कंगना ने अपने किरदार को बहुत गंभीरता से लिया। उन्होंने ‘सोनाली’ के डिप्रेशन और मानसिक संघर्ष को इतनी गहराई से महसूस किया कि इसका असर उनके वास्तविक जीवन पर भी पड़ने लगा। शूटिंग के दौरान वह अक्सर चुप और उदास रहती थीं,जिससे यह साफ जाहिर होता था कि वह अपने किरदार में पूरी तरह डूब चुकी हैं।
फिल्म का एक चर्चित दृश्य,जिसमें कंगना रैंप वॉक करते हुए गिर जाती हैं,आज भी दर्शकों के बीच याद किया जाता है। इस सीन को परफेक्ट बनाने के लिए कंगना ने घंटों रिहर्सल की थी। उन्होंने इस किरदार के हर पहलू को बारीकी से समझने और उसे वास्तविक बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। यही समर्पण उनके अभिनय में भी साफ नजर आया,जिसने दर्शकों और समीक्षकों को प्रभावित किया।
कंगना ने अपने किरदार को और अधिक वास्तविक बनाने के लिए उन लोगों से भी मुलाकात की,जो नशे की लत से जूझ रहे थे। उन्होंने उनके व्यवहार,सोच और जीवनशैली को करीब से समझा,ताकि वह अपने अभिनय में उस सच्चाई को ला सकें। फिल्म में नशे से जुड़े कई सीन थे,जिन्हें निभाने के लिए उन्होंने काफी रिसर्च की। हालाँकि,इस प्रक्रिया ने उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाला और वह खुद भी डिप्रेशन का शिकार हो गईं।
फिल्म के रिलीज के बाद कंगना ने यह भी महसूस किया कि ‘फैशन’ के जरिए उन्होंने फैशन इंडस्ट्री के कई पहलुओं को बढ़ावा दिया, जैसे मैगजीन कल्चर,अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड्स और एयरपोर्ट लुक ट्रेंड। इन सभी चीजों ने एक नई संस्कृति को जन्म दिया,जिसका हिस्सा बनना उनके लिए मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। यह दबाव उनके व्यक्तिगत जीवन में भी महसूस किया गया।
हालाँकि,इन सभी कठिनाइयों के बावजूद ‘फैशन’ कंगना के करियर के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई। इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला,जो उनके करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड था। इस सम्मान ने न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया,बल्कि इंडस्ट्री में उनकी स्थिति को भी मजबूत किया।
कंगना ने खुद बताया था कि नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद उन्हें फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नामों से बधाई के फोन आए। यह उनके लिए एक नई शुरुआत का संकेत था,जिसने उनके गिरते हुए करियर को फिर से संजीवनी दी। इसके बाद उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया और खुद को एक मजबूत अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया।
आज कंगना रनौत का नाम बॉलीवुड की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में शामिल है,जिन्होंने अपने दम पर सफलता हासिल की है। ‘फैशन’ जैसी फिल्में उनके करियर की नींव को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती हैं,भले ही इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा हो।
‘फैशन’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी,बल्कि कंगना रनौत के जीवन का एक ऐसा अध्याय थी, जिसने उन्हें अंदर से झकझोर दिया और साथ ही उन्हें नई ऊँचाइयों तक पहुँचने का रास्ता भी दिखाया। उनके जन्मदिन के मौके पर यह कहानी उनके संघर्ष,समर्पण और अभिनय के प्रति उनके जुनून की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश करती है।
