नाबालिग की मौत की आशंका के बाद भारतीय दंपति के प्रत्यर्पण की मांग करेगी अमेरिकी पुलिस

न्यूयॉर्क, 8 अप्रैल (युआईटीवी/आईएएनएस)| एफबीआई और अन्य अमेरिकी संघीय एजेंसियां एक दंपति को प्रत्यर्पित करने के लिए काम कर रही हैं, जो गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भारत भाग गए थे। उनके खिलाफ बच्चे को बेसहारा छोड़ने और उसकी जिंदगी को खतरे में डालने का आरोप है, जिसके बारे में अब मृत होने की आशंका है। एवरमैन पुलिस प्रमुख सीडब्ल्यू स्पेंसर ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि कई महीनों से लापता छह साल के नोएल रोड्रिग्ज-अल्वारेज को आखिरी बार अक्टूबर के अंत में या पिछले साल नवंबर की शुरूआत में देखा गया था।

हम चाहते हैं कि इन भगोड़े माता-पिता को गिरफ्तार किया जाए और प्रत्यर्पित करके अमेरिका लाया जाए, ताकि हम उनसे नोएल की गुमशुदगी के बारे में जानकारी ले सकें।

नोएल सिंडी रोड्रिग्ज-सिंह से पैदा हुए 10 बच्चों में से एक था। तीन भाई-बहन अपने दादा-दादी के साथ रहते थे, जबकि नोएल और अन्य एवरमैन के एक इलाके में मलीन झोपड़ी में अपनी मां सिंडी के साथ रहते थे।

स्पेंसर ने कहा कि नोएल की तलाश तब शुरू हुई जब टेक्सास डिपार्टमेंट ऑफ फैमिली सर्विसेज ने 20 मार्च को एवरमैन में कल्याणकारी जांच करने को कहा था। नोएल के सौतेले पिता अर्शदीप सिंह, मां सिंडी और छह बच्चे विमान में सवार होकर भारत रवाना हो गए।

उस समय सिंडी ने पुलिस को बताया कि नोएल अपने बायलोजिकल पिता के साथ मेक्सिको में था, जांच में अधिकारियों ने इस तथ्य को झूठा पाया।

पुलिस जांच में पाया गया कि सिंडी ने नोएल के साथ दुर्व्यवहार किया। वह उसे खाना और पानी नहीं देती थी।

कई मीडिया रिपोटरें के अनुसार, नोएल समय से पहले पैदा हुआ था और कई शारीरिक अक्षमताओं और विकासात्मक विकारों से पीड़ित था।

एनबीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस समय दंपति ने भारत के लिए उड़ान भरी, उस समय उनके खिलाफ कोई वारंट नहीं था, इस प्रकार उन्हें उड़ान भरने में मदद मिली।

पुलिस ने कहा कि बच्चे का शव अभी तक नहीं मिला है, लेकिन खोजी कुत्तों के जरिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू हो चुका है।

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