फीफा विश्व कप 2026 से पहले मेक्सिको में कड़ी सुरक्षा तैयारी (तस्वीर क्रेडिट@fifamedia)

फीफा विश्व कप 2026 से पहले मेक्सिको में कड़ी सुरक्षा तैयारी,1 लाख सुरक्षाकर्मियों की होगी तैनाती

मेक्सिको सिटी,7 मार्च (युआईटीवी)- आगामी फीफा विश्व कप 2026 की तैयारियों के बीच मेक्सिको ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा ऐलान किया है। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शाइनबाम ने शनिवार को कहा कि विश्व कप के दौरान देश में करीब एक लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा,ताकि खिलाड़ियों,अधिकारियों और दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

राष्ट्रपति शीनबाम ने यह घोषणा जलिस्को राज्य की राजधानी ग्वाडलहारा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की। उन्होंने कहा कि विश्व कप की मेजबानी मेक्सिको के लिए गर्व का अवसर है और सरकार इस आयोजन को सफल बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा, “जैसा कि आप देख सकते हैं,हम विश्व कप के लिए तैयार हैं। हम यहाँ जलिस्को के लोगों को यह बताने आए हैं कि हम सब एक साथ हैं और इस खूबसूरत राज्य के लोगों की शांति,सुरक्षा और भलाई के लिए काम कर रहे हैं।”

राष्ट्रपति ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए व्यापक योजना तैयार की गई है। इसके तहत देशभर में करीब 100,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इन सुरक्षाकर्मियों में सेना,पुलिस और निजी सुरक्षा एजेंसियों के सदस्य शामिल होंगे। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विश्व कप के दौरान किसी भी प्रकार की सुरक्षा चुनौती सामने न आए और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सामने मेक्सिको की सकारात्मक छवि प्रस्तुत की जा सके।

यह घोषणा ऐसे समय में की गई है,जब हाल ही में देश के कुछ हिस्सों में हिंसा की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले महीने एक सैन्य अभियान के दौरान कुख्यात कार्टेल सरगना नेमेसियो ओसेगुएरा सेर्वेंटेस की मौत के बाद कई इलाकों में तनाव की स्थिति देखी गई थी। सर्वेंटेस को “एल मेंचो” के नाम से भी जाना जाता था और वह शक्तिशाली आपराधिक संगठन जालिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल का प्रमुख माना जाता था।

22 फरवरी को एल मेंचो की मौत के बाद उसके संगठन से जुड़े हथियारबंद लोगों ने कई स्थानों पर मैक्सिकन सेना के साथ गोलीबारी की घटनाएँ अंजाम दीं। कुछ इलाकों में सड़कों को जाम कर दिया गया और कई वाहनों में आग लगा दी गई। इन घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों को और अधिक सतर्क कर दिया है। खासतौर पर जलिस्को क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।

ग्वाडलहारा में स्थिति को लेकर चिंता इस वजह से भी बढ़ी है कि यहाँ बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जाते हैं। अधिकारियों के अनुसार इस शहर में 12,000 से अधिक लोग लापता हैं,जो संगठित अपराध की गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है। इसी कारण सरकार विश्व कप से पहले सुरक्षा ढाँचे को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

सरकार द्वारा तैयार की गई सुरक्षा योजना में सेना और पुलिस की बड़ी भूमिका होगी। योजना के अनुसार लगभग 20,000 सैनिकों और 55,000 पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से तैनात किया जाएगा। इसके अलावा निजी सुरक्षा कंपनियों के हजारों सदस्य भी सुरक्षा प्रबंधों में सहयोग करेंगे। इन सभी बलों का समन्वय करके एक व्यापक सुरक्षा ढाँचा तैयार किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा अभियान के लिए आधुनिक तकनीक और उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें करीब 2,500 सैन्य और नागरिक वाहनों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा 24 एयरक्राफ्ट भी निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहेंगे। सुरक्षा बलों को एंटी-ड्रोन सिस्टम से भी लैस किया जाएगा,ताकि किसी भी संभावित हवाई खतरे को तुरंत निष्क्रिय किया जा सके।

इसके साथ ही विस्फोटक या अन्य संदिग्ध वस्तुओं का पता लगाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित कुत्तों की भी मदद ली जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन सभी उपायों से विश्व कप के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

पूरे सुरक्षा अभियान की जिम्मेदारी वरिष्ठ सैन्य अधिकारी रोमन विलालवाज़ो को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सामने एक सुरक्षित और व्यवस्थित मेक्सिको की छवि पेश करना है। उन्होंने कहा, “पहली चुनौती यह है कि हम दुनिया को दिखाएँ कि मेक्सिको भरोसेमंद,सुरक्षित और अच्छी तरह से संगठित है। दूसरी चुनौती यह है कि हमारी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनने वाली किसी भी गतिविधि का प्रभावी ढंग से सामना करने में सक्षम है।”

विल्लाल्वाजो ने बताया कि मैक्सिकन सुरक्षा बलों ने जनवरी महीने से ही विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिया है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विश्व कप जैसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय आयोजन के दौरान संभावित सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की क्षमता को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले हफ्तों में इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को और तेज किया जाएगा।

मेक्सिको इस बार अमेरिका और कनाडा के साथ मिलकर विश्व कप की सह-मेजबानी कर रहा है। टूर्नामेंट का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान तीनों देशों में कुल मिलाकर दर्जनों मैच खेले जाएँगे।

मेक्सिको में कुल 13 मैच आयोजित होने हैं। इनमें से पाँच मैच मेक्सिको सिटी में खेले जाएँगे,जबकि चार मैच ग्वाडलहारा और चार मैच मॉन्टेरी में आयोजित किए जाएँगे। इन मैचों के लिए लाखों फुटबॉल प्रशंसकों के देश में आने की उम्मीद है,जिससे सुरक्षा व्यवस्था का महत्व और भी बढ़ जाता है।

इस बीच फीफा के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने भी हाल ही में कहा था कि उन्हें विश्व कप की मेजबानी करने की मेक्सिको की क्षमता पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि मेक्सिको का फुटबॉल इतिहास समृद्ध रहा है और यहाँ के लोग इस खेल के प्रति बेहद उत्साही हैं।

मेक्सिको सरकार का मानना है कि व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक तकनीक के उपयोग से विश्व कप का आयोजन सुरक्षित और सफल बनाया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य यह है कि यह टूर्नामेंट न केवल खेल के लिहाज से बल्कि आयोजन और सुरक्षा के स्तर पर भी दुनिया के सामने एक सकारात्मक उदाहरण पेश करे।