मुंबई,6 जनवरी (युआईटीवी)- अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ का दूसरा ट्रेलर सोमवार को जारी कर दिया गया है। यह फिल्म 1975 के आपातकाल के समय की घटनाओं और उनके राजनीतिक प्रभावों पर आधारित है। फिल्म की निर्माता,निर्देशक और प्रमुख अभिनेत्री कंगना रनौत ने फिल्म के बारे में बताया कि इसकी कहानी केवल एक विवादित नेता के बारे में नहीं है,बल्कि यह उन विषयों पर आधारित है,जो आज भी प्रासंगिक हैं और जिनसे दर्शक आसानी से जुड़ सकते हैं।
फिल्म ‘इमरजेंसी’ के नए ट्रेलर में पहले ट्रेलर की तुलना में और भी अधिक राजनीतिक इंटेंसिटी और दमखम को दिखाया गया है।फिल्म के ट्रेलर में 1975 के उथल-पुथल भरे दिनों और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा की गई उस ऐतिहासिक घोषणा, “इंदिरा इज इंडिया,” को प्रमुखता से दिखाया गया है,जो उस समय के राजनीतिक माहौल को दर्शाता है। कंगना ने इसे एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कहानी के रूप में प्रस्तुत किया है,जो आज के समय में भी अत्यधिक प्रासंगिक है।
फिल्म के बारे में बात करते हुए कंगना रनौत ने कहा कि, “चुनौतियों से भरी एक लंबे सफर के बाद,मुझे खुशी है कि हमारी फिल्म ‘इमरजेंसी’ आखिरकार 17 जनवरी को बड़े पर्दे पर रिलीज के लिए तैयार है। यह कहानी सिर्फ एक विवादित नेता के बारे में नहीं है,यह उन विषयों पर आधारित है,जो आज भी प्रासंगिक हैं,जिससे यह यात्रा कठिन और महत्वपूर्ण दोनों बन जाती है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस फिल्म को गणतंत्र दिवस से ठीक एक सप्ताह पहले रिलीज किया जाएगा। यह फिल्म हमारे संविधान की दृढ़ता पर विचार करने का एक अवसर है और यह अपने प्रियजनों के साथ देखने के लिए एक उपयुक्त समय है।
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फिल्म के निर्माता उमेश केआर बंसल ने कहा कि 1975 में हुए आपातकाल को 50 साल पूरे होने वाले हैं और इस फिल्म के माध्यम से यह एक ऐतिहासिक पुनर्कथन होने के साथ-साथ लोकतंत्र की दृढ़ता का भी प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि इस फिल्म में उन लोगों को श्रद्धांजलि दी गई है,जिन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया। यह फिल्म दर्शकों को सवाल करने,जुड़ने और स्वतंत्रता की कीमत को समझने की चुनौती देती है और साथ ही यह लोकतांत्रिक मूल्यों की अहमियत को भी उजागर करती है।
कंगना ने आगे बताया कि इस फिल्म की रिलीज एक महत्वपूर्ण समय पर हो रही है, जब देश अपने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के महत्व को फिर से याद करता है। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म दर्शकों को उस समय की जटिलताओं और संघर्षों से अवगत कराएगी और इस फिल्म के जरिए लोगों को यह समझ में आएगा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए कितनी मुश्किलें और बलिदान किए गए थे।
फिल्म ‘इमरजेंसी’ में कंगना रनौत के अलावा अनुपम खेर,महिमा चौधरी,मिलिंद सोमन,श्रेयस तलपड़े,विशाक नायर और दिवंगत सतीश कौशिक जैसे प्रमुख कलाकार भी हैं। यह फिल्म 1975 के आपातकाल के दौरान की घटनाओं और उस समय के राजनीतिक परिवर्तनों को दिखाती है। फिल्म के संगीत की रचनाएँ संचित बलहारा और जी.वी. प्रकाश कुमार द्वारा की गई हैं,जो इस फिल्म के भावनात्मक प्रभाव को और भी बढ़ाती हैं।
यह फिल्म 17 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार है और इसके निर्माता-निर्देशक के साथ कंगना रनौत की प्रमुख भूमिका भी है। फिल्म का निर्माण जी स्टूडियो,मणिकर्णिका फिल्म्स और रेणु पिट्टी ने मिलकर किया है। कंगना रनौत द्वारा निर्देशित इस फिल्म को एक सिनेमाई मील का पत्थर माना जा रहा है,जो दर्शकों को स्वतंत्रता की कीमत और लोकतंत्र की दृढ़ता के महत्व को समझाने की चुनौती देती है।
‘इमरजेंसी’ एक ऐतिहासिक फिल्म है,जो न केवल 1975 के आपातकाल की घटनाओं को दर्शाती है,बल्कि यह भी दर्शाती है कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र की रक्षा के लिए किस प्रकार की कुर्बानियाँ दी गई थीं। कंगना रनौत की फिल्म दर्शकों को अपनी जड़ों और लोकतंत्र की कीमत को फिर से समझने का अवसर प्रदान करेगी।
