मुंबई,5 फरवरी (युआईटीवी)- मुंबई के जुहू इलाके में मशहूर फिल्म निर्माता और निर्देशक रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की घटना ने न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री, बल्कि आम लोगों के बीच भी गहरी चिंता पैदा कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने महानगर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद से मुंबई क्राइम ब्रांच लगातार जाँच में जुटी हुई है और अब इस केस में एक के बाद एक अहम खुलासे सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है,जिससे मामले की परतें और खुलने लगी हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक,इस नए आरोपी को पुणे से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान आशाराम फसले के रूप में हुई है। जाँच एजेंसियों का दावा है कि आशाराम फसले ने ही इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले शूटर को बंदूक मुहैया कराई थी। इस गिरफ्तारी के साथ ही अब तक इस केस में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गुरुवार को इन सभी पाँचों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा,जहाँ मुंबई क्राइम ब्रांच उन्हें आगे की पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की माँग करेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों की पुलिस कस्टडी की अवधि आज समाप्त हो रही है। ऐसे में जाँच एजेंसियाँ चाहती हैं कि सभी आरोपियों से एक साथ पूछताछ की जाए,ताकि पूरे नेटवर्क और साजिश की कड़ियों को जोड़ा जा सके। हालाँकि,इस पूरे मामले में सबसे अहम कड़ी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग करने वाला मुख्य शूटर अभी तक फरार है। उसकी तलाश में मुंबई क्राइम ब्रांच की कई टीमें बनाई गई हैं,जो अलग-अलग शहरों और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। शुरुआती जाँच में यह आशंका जताई जा रही है कि वारदात के बाद शूटर मुंबई छोड़कर किसी दूसरे शहर या राज्य में भाग चुका है।
पुलिस जाँच में यह भी सामने आया है कि रोहित शेट्टी के घर पर हमला पूरी तरह से योजनाबद्ध था। आरोपियों ने अचानक यह कदम नहीं उठाया,बल्कि कई दिनों तक उनके घर और आसपास के इलाके की रेकी की गई थी। रोहित शेट्टी की दिनचर्या, घर के बाहर की गतिविधियाँ और सुरक्षा व्यवस्था को बारीकी से समझा गया। इसके बाद सही मौके का इंतजार किया गया और फिर वारदात को अंजाम दिया गया। जिस समय फायरिंग की गई,उस वक्त आसपास ज्यादा हलचल न हो,इसका भी ध्यान रखा गया था।
वारदात के तुरंत बाद शूटर मौके से फरार हो गया। सीसीटीवी फुटेज में उसे एक स्कूटी पर तेजी से भागते हुए देखा गया था। यही फुटेज पुलिस जाँच की दिशा तय करने में अहम साबित हुई। फुटेज के आधार पर जब स्कूटी की जानकारी जुटाई गई, तो पता चला कि यह वाहन पुणे से मुंबई लाया गया था। इसके बाद जाँच का दायरा मुंबई से बाहर तक फैल गया और पुणे लिंक सामने आया। इसी जाँच के दौरान आशाराम फसले की भूमिका उजागर हुई,जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार,इस पूरे ऑपरेशन में कई लोग शामिल थे और हर किसी की भूमिका अलग-अलग थी। कुछ आरोपियों का काम सिर्फ स्कूटी को एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाना था,ताकि शूटर के पास भागने का साधन मौजूद रहे। वहीं कुछ लोग इस हमले की पूरी प्लानिंग और पैसों के इंतजाम में शामिल थे। हथियार की सप्लाई से लेकर लॉजिस्टिक सपोर्ट तक,हर कदम सोच-समझकर उठाया गया था। हालाँकि,पूछताछ के दौरान कुछ गिरफ्तार आरोपियों ने यह दावा भी किया है कि उन्हें यह नहीं बताया गया था कि निशाना रोहित शेट्टी का घर होगा। उनका कहना है कि उन्हें सिर्फ एक ‘काम’ करने के लिए कहा गया था,बिना किसी बड़े नाम का जिक्र किए।
इस घटना के पीछे की मंशा को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। क्या यह महज डराने की कोशिश थी या इसके पीछे किसी तरह की धमकी,फिरौती या पुरानी दुश्मनी का मामला है? पुलिस इन सभी एंगल से जाँच कर रही है। एंटी एक्सटॉर्शन सेल की एंट्री इस बात की ओर इशारा करती है कि जाँच एजेंसियाँ इस केस को जबरन वसूली या धमकी से जुड़े किसी बड़े नेटवर्क से भी जोड़कर देख रही हैं। हालाँकि,अभी तक इस बारे में आधिकारिक तौर पर कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है।
फायरिंग की इस घटना के बाद रोहित शेट्टी की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। उनके जुहू स्थित घर के बाहर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और इलाके में गश्त भी तेज कर दी गई है। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भविष्य में इस तरह की कोई घटना दोबारा न हो। वहीं,फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और मुंबई पुलिस से कलाकारों और फिल्मकारों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है।
रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की घटना अब सिर्फ एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क और साजिश की ओर इशारा कर रही है। पुणे से हथियार सप्लायर की गिरफ्तारी ने इस केस को एक नया मोड़ दे दिया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस मुख्य शूटर को कब तक पकड़ पाती है और इस हमले के पीछे की असली वजह क्या सामने आती है। आने वाले दिनों में कोर्ट में होने वाली पेशी और रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ से इस हाई-प्रोफाइल केस में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
