द हेग,20 मई (युआईटीवी)- विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस समय तीन देशों की आधिकारिक यात्रा पर हैं और इस दौरे की शुरुआत उन्होंने नीदरलैंड से की है। 20 मई को (स्थानीय समयानुसार) नीदरलैंड पहुँचे जयशंकर ने वहाँ के विदेश मंत्री कैस्पर वेल्डकैंप और रक्षा मंत्री रूबेन ब्रेकेलमांस के साथ महत्वपूर्ण मुलाकातें कीं। इन बैठकों में आतंकवाद,रक्षा सहयोग,वैश्विक कूटनीति और भारतीय समुदाय की भूमिका जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। जयशंकर की यह यात्रा सिर्फ एक औपचारिक कूटनीतिक दौरा नहीं,बल्कि भारत और नीदरलैंड के बीच बहुआयामी संबंधों को और गहराई देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है।
सबसे पहले विदेश मंत्री एस.जयशंकर और नीदरलैंड के विदेश मंत्री कैस्पर वेल्डकैंप के बीच बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने के संकल्प को दोहराया। वेल्डकैंप ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की वकालत की। यह बयान उस समय आया है,जब भारत आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाने की कोशिशों में जुटा है। जयशंकर ने इस समर्थन के लिए नीदरलैंड का आभार व्यक्त किया और आतंकवाद के खिलाफ साझी रणनीति पर जोर दिया।
Thank FM Caspar Veldkamp @ministerBZ of the Netherlands for hosting me today in The Hague.
Appreciate Netherlands’ strong condemnation of the Pahalgam attack. And support for zero tolerance against terrorism.
Had wide-ranging discussions on deepening our bilateral partnership… pic.twitter.com/oYgk7ygRvG
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) May 19, 2025
जयशंकर ने अपने डच समकक्ष के साथ न केवल आतंकवाद जैसे वैश्विक खतरों पर चर्चा की,बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापार,पर्यावरण,तकनीकी सहयोग और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस यात्रा से जुड़ी जानकारियाँ साझा कीं और नीदरलैंड की मेहमाननवाज़ी के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने लिखा कि भारत और नीदरलैंड के बीच गहरे द्विपक्षीय संबंध हैं,जो लोकतंत्र, कानून के शासन और वैश्विक स्थिरता जैसे साझा मूल्यों पर आधारित हैं। ये दोनों देश संयुक्त राष्ट्र, डब्ल्यूटीओ और अन्य वैश्विक मंचों पर एक-दूसरे का सहयोग करते रहे हैं।
विदेश मंत्री ने नीदरलैंड के रक्षा मंत्री रूबेन ब्रेकेलमांस से भी मुलाकात की। इस बातचीत में दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी को और मज़बूत करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। भारत रक्षा क्षेत्र में विदेशी निवेश और तकनीकी सहयोग को लेकर गंभीर है और नीदरलैंड जैसे तकनीकी रूप से उन्नत देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी भारत के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।
Pleased to meet Defence Minister Ruben Brekelmans in The Hague today.
Exchanged views on our respective security perspectives and challenges. Also spoke about the benefits of forging a bilateral defence partnership. @DefensieMin
🇮🇳 🇳🇱 pic.twitter.com/RZ4SPQDnKT
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) May 19, 2025
जयशंकर ने नीदरलैंड में बसे भारतीय समुदाय से भी संवाद किया। उन्होंने भारत और नीदरलैंड के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका की सराहना की। नीदरलैंड में एक बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं,जो स्थानीय समाज में तो योगदान देते ही हैं,साथ ही भारत की छवि और हितों को भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाते हैं। जयशंकर ने कहा कि भारत की कूटनीतिक सफलता में प्रवासी भारतीय एक ‘सॉफ्ट पावर’ के रूप में कार्य कर रहे हैं।
यह यात्रा केवल नीदरलैंड तक सीमित नहीं है। विदेश मंत्री एस.जयशंकर की यह यात्रा तीन देशों को कवर करती है और इसका समापन 24 मई को होगा। इस दौरान वे अन्य दो यूरोपीय देशों के प्रमुख नेताओं से भी मिलेंगे और द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा करेंगे। इसमें व्यापार,सुरक्षा,जलवायु परिवर्तन,ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक दक्षिण के मुद्दे प्रमुख रूप से शामिल हैं।
जयशंकर की इस यात्रा से पहले वह इस महीने की शुरुआत में जर्मनी भी गए थे,जहाँ उन्होंने जर्मनी के नवनियुक्त चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से मुलाकात की। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत यूरोप के साथ अपने संबंधों को नई दिशा और गति देने में जुटा है।
Interacted with representatives of the Indian community this evening.
Value the contribution of the community to building a stronger relationship between India and the Netherlands.
🇮🇳 🇳🇱 pic.twitter.com/bPWk0GrebV
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) May 19, 2025
हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत को न केवल नीदरलैंड बल्कि कई अन्य देशों से भी समर्थन मिला है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने भी हमले की निंदा करते हुए भारत के साथ एकजुटता दिखाई। उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और आतंकवाद के सभी रूपों को अस्वीकार्य बताया।
भारत के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि इन तीनों देशों के साथ भारत के मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। भारत और नीदरलैंड के संबंध तो 75 वर्षों से भी पुराने हैं और यह रिश्ता लोकतंत्र,शांति और स्थिरता जैसे मूल्यों पर आधारित है।
एस. जयशंकर की यह यात्रा भारत की विदेश नीति में ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना को दर्शाती है,जहाँ भारत वैश्विक मंचों पर न केवल अपना पक्ष मज़बूती से रख रहा है, बल्कि समान विचारधारा वाले देशों के साथ साझेदारी को भी गहरा कर रहा है। नीदरलैंड के साथ भारत के संबंध न केवल ऐतिहासिक हैं,बल्कि भविष्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। चाहे वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई हो,रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी या फिर प्रवासी भारतीयों की भूमिका हर क्षेत्र में यह दौरा भारत के हितों को और सुदृढ़ करता है।
