पोर्ट लुइस,18 जुलाई (युआईटीवी)- विदेश मंत्री एस.जयशंकर भारत तथा मॉरीशस के मध्य के विशेष संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए ‘‘सार्थक वार्ता’’ करने के उद्देश्य से मंगलवार को दो दिवसीय यात्रा पर मॉरीशस पहुँचे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल में विदेश मंत्री के पद पर एस.जयशंकर को फिर से नियुक्त किया गया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर की मॉरीशस की यह यात्रा भारत एवं मॉरीशस के संबंधों के महत्व को दर्शाती है। साथ ही यह यात्रा भारत की ‘पड़ोस प्रथम की नीति’,‘विजन सागर’ और ‘ग्लोबल साउथ’ (अल्प विकसित देशों) के प्रति प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करती है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने मॉरीशस यात्रा के दूसरे और अंतिम दिन द्वीप राष्ट्र के कई नेताओं से मुलाकात की,जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम,पूर्व प्रधानमंत्री पॉल बेरेन्जर और कई अन्य नेता भी शामिल थे।
उन्होंने सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री रामगुलाम से मुलाकात की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने एक पोस्ट में लिखा,पूर्व प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम से मुलाकात कर बहुत खुशी हुई। लंबे समय से दोनों देशों के बीच चले आ रहे द्विपक्षीय संबंधों और इसे आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ। उनके द्वारा भारत-मॉरीशस के संबंधों के लिए जो समर्थन किया जाता रहा है,मैं उसकी सराहना करता हूँ।
विदेश मंत्री एस.जयशंकर पूर्व प्रधानमंत्री रामगुलाम से मुलाकात करने के बाद एक और पूर्व प्रधानमंत्री पॉल बेरेन्जर से मुलाकात की। इस मुलाकात को उन्होंने प्रासंगिक वैश्विक मुद्दों पर जीवंत चर्चा बताया है।
भारत एवं मॉरीशस के बीच के संबंधों तथा हिंद महासागर क्षेत्र की प्रगति,समृद्धि और कल्याण को लेकर मॉरीशस के विपक्षी नेता अरविन बुलेल से एस. जयशंकर की मुलाकात के दौरान चर्चा हुई। विपक्ष के नेता डॉ. अरविन बुलेल से मुलाकात पर एक्स पर विदेश मंत्री ने लिखा कि उनसे मिलकर ख़ुशी हुई। भारत-मॉरीशस के बीच के संबंधों तथा हिंद महासागर क्षेत्र की प्रगति,समृद्धि और कल्याण के महत्व पर इस मुलाकात के दौरान चर्चा की गई। उन्होंने हमारे देशों के मध्य के संबंधों को निरंतर मजबूत बनाने के लिए जो समर्थन किया है,मैं उसका स्वागत करता हूँ।
इसके बाद पार्टी मॉरीशियन सोशल डेमोक्रेट के नेता जेवियर लूक डूवल से भी विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मुलाकात की।
उनका ग्रांड बोइस में प्रधानमंत्री प्रविंद जुगनॉथ के साथ एक मेडिक्लिनिक के शुभारंभ करने का कार्यक्रम भी है। भारतीय अनुदान से इस मेडिक्लिनिक का निर्माण किया गया है और यह देश की सिग्नेचर परियोजनाओं में से एक है।
पीएम जुगनॉथ से विदेश मंत्री जयशंकर ने मंगलवार को मुलाकात की थी। दोनों देशों के नेताओं के बीच रक्षा और सामुद्रिक मामलों में सहयोग,विकास परियोजनाओं इत्यादि पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच चार सामुदायिक परियोजनाओं के वित्त पोषण के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर भी हुए।

