एस.एम. कृष्णा (तस्वीर क्रेडिट@mansamirdha)

पूर्व विदेश मंत्री और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एस.एम.कृष्णा ने बेंगलुरू स्थित आवास में ली अंतिम सांस

नई दिल्ली,10 दिसंबर (युआईटीवी)- पूर्व विदेश मंत्री,कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल सोमनहल्ली मल्लैया कृष्णा (एस. एम. कृष्णा) का 92 वर्ष की आयु में 9 दिसंबर 2024 को निधन हो गया । उनका निधन बेंगलुरू स्थित उनके आवास पर हुआ। उनके निधन से देश ने एक महत्वपूर्ण राजनेता और कर्नाटका ने अपने एक महान नेता को खो दिया है। एस.एम. कृष्णा के निधन की खबर जैसे ही सामने आई,पूरे राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। उनकी मृत्यु को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे,कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया समेत कई नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया और उनके परिवार के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

एस. एम. कृष्णा का जन्म 1 मई 1932 को कर्नाटका के शिमोगा जिले के उस्मानाबाद में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बेंगलुरू और बाद में कॉलेज की पढ़ाई बेंगलुरू विश्वविद्यालय से की थी। उन्होंने कानून की पढ़ाई की थी और बाद में एक वकील के रूप में अपनी करियर की शुरुआत की। राजनीति में कदम रखने से पहले वे एक जाने-माने वकील थे।

एस.एम. कृष्णा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1960 के दशक में की। उन्होंने कर्नाटक विधानसभा के सदस्य के रूप में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की और बाद में कर्नाटक राज्य सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। वह कांग्रेस पार्टी के सदस्य थे और उन्होंने राज्य स्तर पर कई महत्वपूर्ण निर्णयों में योगदान दिया। कर्नाटक में उन्होंने एक सशक्त नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई और उन्हें राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए याद किया जाता है।

एस.एम. कृष्णा की राष्ट्रीय राजनीति में सबसे बड़ी पहचान 2009 में बनी,जब उन्हें भारत के विदेश मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया। यह उनके राजनीतिक करियर का एक अहम मोड़ था। विदेश मंत्री के रूप में उन्होंने भारतीय विदेश नीति को मजबूती प्रदान की और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।

एस.एम. कृष्णा के विदेश मंत्री बनने से पहले,उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में भी कार्य किया था। 1999 से 2004 तक वह कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे और उन्होंने राज्य के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएँ बनाई। उनके मुख्यमंत्री रहते हुए कर्नाटक में कई प्रमुख विकासात्मक योजनाओं को क्रियान्वित किया गया। इसके बाद,उन्हें केंद्र सरकार में विदेश मंत्री बनने का अवसर मिला,जो उनके करियर की एक अहम उपलब्धि थी।

विदेश मंत्री के रूप में,उन्होंने भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए कई पहल की। उनके कार्यकाल के दौरान,उन्होंने भारत की विदेश नीति को नई दिशा देने की कोशिश की। उन्होंने विदेश मंत्रालय में कई सुधार किए और भारत के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने के लिए कड़ी मेहनत की।

एस.एम. कृष्णा को उनके कड़े नेतृत्व, दूरदर्शिता और समझदारी के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उनके नेतृत्व में कर्नाटक ने विकास के कई नए आयाम देखे। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने राज्य में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा दिया और कर्नाटक को एक अग्रणी राज्य बना दिया।

विदेश मंत्री के रूप में भी उनका योगदान अविस्मरणीय था। उन्होंने भारत के अंतर्राष्ट्रीय रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए कई अहम दौरों का आयोजन किया और विदेशों में भारत की स्थिति को मजबूत किया। उन्होंने भारतीय कूटनीति में एक नया दृष्टिकोण पेश किया और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर भारत के विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

एस.एम. कृष्णा का व्यक्तित्व बहुत ही संयमित और विचारशील था। उनका ध्यान हमेशा नीति निर्माण पर था और उन्होंने हमेशा देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका योगदान भारतीय राजनीति में हमेशा याद रखा जाएगा,विशेष रूप से उनके कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों और उनके द्वारा लागू की गई योजनाओं के कारण।

एस.एम. कृष्णा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा जी के निधन से मुझे अत्यंत दुःख हुआ है। उनके समर्पण और नेतृत्व के कारण भारत ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान बनाई। उनके परिवार और चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं।”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी ट्वीट कर एस.एम. कृष्णा को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि वह एक प्रतिष्ठित नेता थे जिन्होंने भारतीय राजनीति में अपनी अनमोल भूमिका निभाई। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और राज्य के अन्य नेताओं ने भी उनके योगदान को याद किया और उनके परिवार के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

कर्नाटक सरकार ने पूर्व विदेश मंत्री और राज्य के वरिष्ठ नेता एसएम कृष्णा के निधन पर तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सिद्धारामैया ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके योगदान को याद किया। एसएम कृष्णा कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके थे और केंद्र सरकार में विदेश मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएँ दी थीं। उनके निधन से कर्नाटक और देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। सरकार ने इस शोक अवधि के दौरान सरकारी दफ्तरों में आधिकारिक कार्यों को कम करने का निर्णय लिया है।

एस.एम. कृष्णा का निधन भारतीय राजनीति और कर्नाटक के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके नेतृत्व और कार्यों ने राज्य और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन से न केवल कर्नाटक बल्कि सम्पूर्ण देश ने एक महान नेता को खो दिया है। उनकी दूरदर्शिता,कूटनीतिक समझ और समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा।