राफेल नडाल

स्पेन के दिग्गज टेनिस स्टार और ‘किंग ऑफ क्ले’ राफेल नडाल ने टेनिस से संन्यास का किया ऐलान

मैड्रिड,11 अक्टूबर (युआईटीवी)- स्पेन के महान टेनिस खिलाड़ी और ‘किंग ऑफ क्ले’ के नाम से मशहूर राफेल नडाल ने आखिरकार अंतर्राष्ट्रीय टेनिस से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। गुरुवार को उन्होंने एक वीडियो संदेश के जरिए यह बड़ी घोषणा की, जिससे उनके प्रशंसकों और टेनिस प्रेमियों के बीच भावुकता की लहर दौड़ गई। नडाल ने बताया कि स्पेन में आयोजित होने वाला डेविस कप फाइनल उनका अंतिम पेशेवर टूर्नामेंट होगा।

राफेल नडाल का करियर इतिहास में सबसे बेहतरीन टेनिस करियरों में से एक रहा है। उन्होंने 22 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन के रूप में अपना नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज कराया है। नडाल को टेनिस की दुनिया में सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक माना जाता है और उनके संन्यास से खेल जगत में एक युग का अंत हो जाएगा। उनके चिर-प्रतिद्वंद्वी नोवाक जोकोविच,जो 24 मेजर खिताब जीत चुके हैं, उनसे आगे हैं, लेकिन नडाल की विरासत और उनकी खेल भावना हमेशा टेनिस प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेगी।

नडाल ने अपने संन्यास की घोषणा करते हुए कहा, “मैं आप सभी को यह बताने के लिए यहाँ हूँ कि मैं पेशेवर टेनिस से संन्यास ले रहा हूँ। पिछले कुछ साल बहुत कठिन रहे हैं, खासकर पिछले दो साल। यह एक मुश्किल निर्णय रहा है, लेकिन इस जीवन में जो भी शुरुआत होती है, उसका अंत भी होता है। मुझे लगता है कि यह मेरे लंबे और सफल करियर को समाप्त करने का सही समय है,जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।”

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उनका अंतिम टूर्नामेंट डेविस कप फाइनल होगा, जिसमें वह स्पेन का प्रतिनिधित्व करेंगे। नडाल ने कहा, “मुझे लगता है कि यह एक सर्कल पूरा हो रहा है,क्योंकि मेरी खुशी के सबसे शानदार पलों में से एक 2004 में सेविले में डेविस कप फाइनल था।”

राफेल नडाल का करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने 92 बार टूर-स्तरीय खिताब जीते हैं और 209 सप्ताह तक एटीपी रैंकिंग में नंबर 1 पर रहे। 2001 में पेशेवर बनने के बाद से नडाल एटीपी टूर के सबसे अग्रणी सितारों में से एक रहे हैं। उनके 22 ग्रैंड स्लैम खिताबों में रिकॉर्ड 14 रोलां गैरो खिताब शामिल हैं,जो उन्हें “किंग ऑफ क्ले” के रूप में स्थापित करता है। इसके अलावा,उन्होंने चार यूएस ओपन खिताब,दो ऑस्ट्रेलियन ओपन और दो विंबलडन खिताब भी अपने नाम किए हैं।

नडाल ने न केवल ग्रैंड स्लैम बल्कि ओलंपिक में भी सफलता हासिल की है। उन्होंने ओलंपिक में एकल और युगल दोनों में स्वर्ण पदक जीता है और अपने देश स्पेन को पाँच डेविस कप खिताब दिलाने में मदद की है, जिसमें सबसे हाल ही में 2019 में मिला खिताब शामिल है।

नडाल का संन्यास सिर्फ एक खिलाड़ी का अंत नहीं है, बल्कि यह एक युग का अंत है। उनकी खेल भावना,दृढ़ निश्चय तथा कभी न हार मानने वाली मानसिकता ने उन्हें विश्वभर के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बना दिया है। खासकर क्ले कोर्ट पर उनका दबदबा अद्वितीय रहा है।

राफेल नडाल का करियर एक उदाहरण है कि किस प्रकार मेहनत,समर्पण और दृढ़ता से व्यक्ति विश्वस्तर पर सफलता प्राप्त कर सकता है। उनकी कड़ी मेहनत और प्रेरक खेल यात्रा हमेशा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनी रहेगी।

नडाल के संन्यास से टेनिस जगत में एक बड़ा खालीपन जरूर पैदा होगा,लेकिन उनकी विरासत और उनकी खेल भावना टेनिस इतिहास में हमेशा जीवित रहेगी।