नई दिल्ली,14 मार्च (युआईटीवी)- जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गए हैं। पाकिस्तान सुपर लीग में खेलने का कॉन्ट्रैक्ट होने के बावजूद उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। उनके इस कदम के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने नाराजगी जताई है और अब उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। इस घटनाक्रम ने दोनों प्रमुख टी20 लीगों के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा को भी एक बार फिर उजागर कर दिया है।
दरअसल,ब्लेसिंग मुजरबानी को पाकिस्तान सुपर लीग की फ्रेंचाइजी इस्लामाबाद यूनाइटेड ने इस सीजन के लिए अपनी टीम में शामिल किया था। उन्हें 11 मिलियन पाकिस्तानी रुपये में अनुबंधित किया गया था और टीम ने उन्हें वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की जगह स्क्वाड में जगह दी थी। हालाँकि,हाल ही में उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने अपने स्क्वाड में शामिल कर लिया। इसके बाद मुजरबानी ने पीएसएल की बजाय आईपीएल में खेलने का निर्णय ले लिया।
कोलकाता नाइट राइडर्स ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि ब्लेसिंग मुजरबानी आगामी आईपीएल सीजन में टीम का हिस्सा होंगे। यह खबर सामने आते ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और पीएसएल प्रबंधन में हलचल मच गई। रिपोर्टों के अनुसार पीसीबी इस फैसले को अनुबंध का उल्लंघन मान रही है और इस मामले में कानूनी कार्रवाई की संभावनाओं का आकलन कर रही है।
सूत्रों के अनुसार पीसीबी का मानना है कि किसी खिलाड़ी द्वारा पहले से किए गए अनुबंध को छोड़कर दूसरी लीग में खेलने का फैसला पेशेवर नियमों के खिलाफ हो सकता है। बोर्ड इस बात की जाँच कर रहा है कि क्या मुजरबानी ने पीएसएल के साथ किए गए अपने अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया है। यदि ऐसा पाया जाता है,तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
यह पहली बार नहीं है,जब किसी खिलाड़ी ने पीएसएल के साथ अनुबंध होने के बावजूद आईपीएल को प्राथमिकता दी है। पिछले साल भी ऐसा ही मामला सामने आया था,जब दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कॉर्बिन बॉश ने पीएसएल की टीम पेशावर ज़ल्मी के साथ जुड़ने के बावजूद बाद में आईपीएल की टीम मुंबई इंडियंस के साथ खेलने का फैसला कर लिया था। उस समय भी यह मुद्दा काफी चर्चा में रहा था और दोनों लीगों के शेड्यूल टकराव को लेकर सवाल उठे थे।
ब्लेसिंग मुजरबानी हाल के समय में शानदार फॉर्म में रहे हैं और उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी तेज गेंदबाजी से प्रभावित किया है। हाल ही में संपन्न आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 में उन्होंने जिम्बाब्वे के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। इस टूर्नामेंट में उन्होंने कुल 13 विकेट हासिल किए और अपनी टीम को सुपर-8 चरण तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। खास तौर पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनके चार विकेट वाले प्रदर्शन ने जिम्बाब्वे को ग्रुप चरण में यादगार जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी।
मुजरबानी की ऊँची कद-काठी और तेज गति की गेंदबाजी उन्हें सीमित ओवरों के क्रिकेट में बेहद खतरनाक बनाती है। यही कारण है कि आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें अपने स्क्वाड में शामिल करने का फैसला किया। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि मुजरबानी अपनी तेज गेंदबाजी से टूर्नामेंट में टीम को मजबूती देंगे।
इस पूरे विवाद की एक बड़ी वजह आईपीएल और पीएसएल के शेड्यूल का टकराव भी है। इस साल आईपीएल 28 मार्च से शुरू होने जा रहा है और इसका फाइनल 31 मई को खेला जाएगा। वहीं पाकिस्तान सुपर लीग का कार्यक्रम 26 मार्च से 3 मई तक निर्धारित किया गया है। दोनों लीगों के लगभग एक ही समय में आयोजित होने के कारण खिलाड़ियों के सामने यह मुश्किल स्थिति पैदा हो जाती है कि वे किस टूर्नामेंट में भाग लें।
विशेषज्ञों का मानना है कि आईपीएल की आर्थिक ताकत और वैश्विक लोकप्रियता के कारण कई खिलाड़ी इसे प्राथमिकता देते हैं। दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग मानी जाने वाली आईपीएल में खेलने से खिलाड़ियों को न केवल अधिक आर्थिक लाभ मिलता है,बल्कि उन्हें वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का भी बड़ा अवसर मिलता है।
फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या वास्तव में ब्लेसिंग मुजरबानी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की जाती है। साथ ही यह विवाद एक बार फिर यह सवाल भी खड़ा कर रहा है कि जब दो बड़ी टी20 लीगों के कार्यक्रम आपस में टकराते हैं,तो खिलाड़ियों और बोर्डों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। आने वाले दिनों में इस मामले पर क्रिकेट जगत की नजरें बनी रहेंगी।
