आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)

वैश्विक स्तर पर एआई अपनाने में भारत सबसे आगे,30 प्रतिशत कंपनियों की इस क्षेत्र में अहम भूमिका : रिपोर्ट

नई दिल्ली,12 नवंबर (युआईटीवी)- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का विकास दुनिया भर में बहुत ही तेजी से हो रहा है और भारत भी इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक,भारत वैश्विक स्तर पर एआई अपनाने में सबसे आगे है। रिपोर्ट के मुताबिक,एआई की क्षमता को बढ़ाने में देश की 30 प्रतिशत कंपनियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है,जो वैश्विक औसत 26 प्रतिशत से अधिक है।

बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि कम और उच्च-प्रभाव वाली एआई पहलों को भारतीय कंपनियाँ प्राथमिकता देती हैं और इन पहलों को प्रभावी ढंग से लागू भी करती हैं।

भारत की कंपनियां इन प्रयासों को दूसरों की तुलना में 1.7 गुना अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाती हैं और उन्होंने वैश्विक प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले निवेश पर 2.1 गुना अधिक रिटर्न (रिटर्न ऑन इंवेस्टमेंट) प्राप्त किया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत की कंपनियाँ एआई के साथ सक्रिय रूप से प्रयोग कर रही हैं,जिससे वह वैश्विक स्तर पर एआई की क्षमता को सबसे अधिक उपयोग करने में सफल हो रही हैं।

यह रिपोर्ट एशिया,यूरोप और उत्तरी अमेरिका के 59 देशों के 1,000 से अधिक सीएक्सओ और वरिष्ठ अधिकारियों के सर्वेक्षण पर आधारित है,जिसमें 20 से अधिक उद्योगों का प्रतिनिधित्व किया गया है। रिपोर्ट से यह भी सामने आया कि एआई के निरंतर विस्तार के बावजूद,वैश्विक स्तर पर केवल 26 प्रतिशत कंपनियाँ ही एआई की क्षमता को पूरी तरह से उपयोग कर पाई हैं।

बीसीजी के इंडिया लीडर,टेक्नोलॉजी एंड डिजिटल एडवांटेज प्रैक्टिस,सैबल चक्रवर्ती ने एआई को अपनाने के बारे में कहा कि, “एआई को भारत द्वारा तेजी से अपनाना वैश्विक प्रतिस्पर्धा में इसकी स्थिति को फिर से परिभाषित कर रहा है। 30 प्रतिशत भारतीय कंपनियों ने एआई की मूल्य क्षमता को अधिकतम किया है,जो वैश्विक औसत से काफी अधिक है,क्योंकि वैश्विक औसत 26 प्रतिशत है।

चक्रवर्ती ने आगे कहा कि, पारंपरिक और डिजिटल दोनों ही क्षेत्रों में भारत के एआई लीडर्स की परिपक्वता फैली हुई है। यह एक व्यापक रूप से अपनाए गए अडॉप्शन को दर्शाता है,जो सिर्फ टेक-ड्रिवन इंडस्ट्री से हटकर वैल्यू को बढ़ाता है। उन्होंने यह भी कहा कि “भारत के एआई लीडर्स अब उत्पादकता से आगे बढ़कर नए व्यापार मॉडल का निर्माण कर रहे हैं और उन्हें पुनर्निर्मित कर रहे हैं। इसलिए भारत न सिर्फ एआई को अपनाने में अग्रणी है,बल्कि सोच-समझकर कदम उठाने में भी तैयार है।

इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि भारत एआई के क्षेत्र में दुनिया में सबसे आगे है और इसका प्रभावी उपयोग देश की कंपनियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बेहतर स्थिति में रख रहा है।