गांधीनगर,17 अक्टूबर (युआईटीवी)- गुजरात की राजनीति में शुक्रवार का दिन एक बड़ा बदलाव लेकर आया,जब मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 25 नए चेहरों को शामिल किया। नए मंत्रिमंडल की सूची में सबसे अधिक चर्चा भारतीय क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की पत्नी और जामनगर की विधायक रिवाबा जडेजा के नाम की रही,जिन्हें इस बार राज्य की नई कैबिनेट में शामिल किया गया है। रिवाबा का राजनीति में यह अब तक का सबसे बड़ा प्रमोशन माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ जिन 25 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा रही है,उनमें त्रिकम बिजल छंगा,स्वरूपजी सरदारजी ठाकोर,प्रवीण माली,ऋषिकेश पटेल,पीसी बरंडा,दर्शना वाघेला,कांतिलाल अमृतिया,कुंवरजीभाई बावलिया,रिवाबा जडेजा,अर्जुन मोढवाडिया,डॉ. प्रद्युम्न वाजा,कौशिक वेकारिया,परषोत्तम सोलंकी,जीतेंद्र वाघाणी,रमण सोलंकी,कमलेश पटेल,संजय सिंह महीडा,रमेश कटारा,प्रफुल पानसेरिया,हर्ष संघवी,मनीषा वकील और ईश्वर सिंह पटेल जैसे नाम शामिल हैं।
नए मंत्रिमंडल की घोषणा के साथ ही राज्य की राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं। गुजरात भाजपा संगठन की ओर से इसे “जन कल्याण केंद्रित टीम” कहा जा रहा है,जिसका उद्देश्य 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियों को मजबूती देना है। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल के गठन में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी गई है। नए मंत्रियों में ओबीसी,पाटीदार,दलित,आदिवासी और महिला प्रतिनिधियों को शामिल कर पार्टी ने एक व्यापक राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।
गौरतलब है कि इस विस्तार में नौ पुराने मंत्रियों को हटाया गया है,जबकि छह पुराने चेहरों को दोबारा जगह दी गई है। पुराने मंत्रियों में ऋषिकेश पटेल,कनुभाई देसाई,कुंवरजी बावलिया,प्रफुल पानसेरिया,परसोत्तंभाई ओधवजीभाई सोलंकी और हर्ष संघवी को फिर से कैबिनेट में शामिल किया गया है। यह निर्णय अनुभव और युवा जोश के संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया बताया जा रहा है।
रिवाबा जडेजा का शामिल होना न केवल राजनीतिक बल्कि सामाजिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिवाबा,जिन्होंने 2022 के विधानसभा चुनावों में जामनगर नॉर्थ सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी,अपने क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं से जुड़ाव के लिए जानी जाती हैं। उनके पति रविंद्र जडेजा भारतीय क्रिकेट टीम के जाने-माने ऑलराउंडर हैं और गुजरात में उनकी लोकप्रियता काफी अधिक है। रिवाबा को मंत्रिमंडल में शामिल करना भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है,जिसके तहत वह लोकप्रिय चेहरों को संगठनात्मक मजबूती के लिए आगे ला रही है।
कर्नाटक के पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ भाजपा नेता वजुभाई वाला ने इस विस्तार को पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी में हर कार्यकर्ता को इस बात की जानकारी है कि कौन किस स्तर पर योगदान दे रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए मंत्री अपने विभागों में जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे और पार्टी की नीतियों को प्रभावी रूप से लागू करेंगे।
भाजपा नेता भरत पंड्या ने भी मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की नई टीम की सराहना करते हुए कहा कि “यह मंत्रिमंडल अधिकतम जन कल्याण पर ध्यान केंद्रित करेगा। मेरा मानना है कि इसका सकारात्मक प्रभाव आने वाले हर चुनाव में देखने को मिलेगा।” वहीं भाजपा विधायक पंकज देसाई ने कहा कि नया मंत्रिमंडल 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। उन्होंने बताया कि इस विस्तार में सभी समुदायों और जिलों से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है,ताकि राज्य के हर क्षेत्र की आवाज सरकार में शामिल हो सके।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने यह कदम भविष्य की रणनीतिक तैयारी के तहत उठाया है। पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ग्रामीण,शहरी,आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों में समान प्रतिनिधित्व हो। खास बात यह है कि रिवाबा जडेजा जैसी नई पीढ़ी की नेता को शामिल कर भाजपा ने युवाओं और महिलाओं में एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की है।
वहीं विपक्ष ने इस विस्तार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह बदलाव केवल चेहरों का फेरबदल है,नीतियों का नहीं। हालाँकि,भाजपा प्रवक्ताओं ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की टीम गुजरात के विकास मॉडल को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी।
फिलहाल गुजरात विधानसभा में भाजपा के पास 156 सीटें हैं,जबकि कांग्रेस के पास 17 और आम आदमी पार्टी के पास 5 सीटें हैं। इस मजबूत बहुमत के बावजूद भाजपा संगठनात्मक रूप से निरंतर सक्रिय है और पार्टी चाहती है कि 2027 के चुनावों में भी उसका जनाधार और अधिक व्यापक हो।
गुजरात में इस मंत्रिमंडल विस्तार के बाद न केवल राजनीतिक समीकरण बदले हैं,बल्कि यह भी संकेत मिला है कि पार्टी आने वाले वर्षों में नए और लोकप्रिय चेहरों को आगे लाकर जनता से सीधा जुड़ाव बनाए रखना चाहती है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की नई टीम से जनता को उम्मीद है कि यह सरकार विकास और सुशासन के गुजरात मॉडल को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाएगी।
