ड्रोन हमले (तस्वीर क्रेडिट@ChandanSharmaG)

हमास का नुखबा प्लाटून कमांडर अब्द अल-हादी ड्रोन हमले में मारा गया: इजरायल डिफेंस फोर्सेस

तेल अवीव,1 जनवरी (युआईटीवी)- इजरायल डिफेंस फोर्सेस (आईडीएफ) ने हालिया ड्रोन हमले में हमास के नुखबा प्लाटून कमांडर अब्द अल-हादी सबा के मारे जाने की पुष्टि की है। आईडीएफ के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2023 को किबुत्ज नीर ओज पर हुए हमले का नेतृत्व अब्द अल-हादी सबा ने किया था। आईडीएफ ने अपने बयान में यह भी बताया कि दक्षिणी गाजा के खान यूनिस क्षेत्र में हमास की पश्चिमी खान यूनिस बटालियन के नुखबा प्लाटून कमांडर को मार गिराया गया है। इस हमले को खुफिया जानकारी के आधार पर आईडीएफ और इजरायल सिक्योरिटी एजेंसी (आईएसए) द्वारा अंजाम दिया गया।

आईडीएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,खुफिया जानकारी के आधार पर वेस्टर्न खान यूनिस बटालियन के नुखबा प्लाटून कमांडर अब्द अल-हादी सबा को आईडीएफ और आईएसए के हमले में मार गिराया गया।इसके अलावा,आईडीएफ ने यह भी कहा कि अब्द अल-हादी सबा,जो खान यूनिस में एक शेल्टर से ऑपरेट कर रहे थे, 7 अक्टूबर को किबुत्ज नीर ओज में हुए हमले के दौरान घुसपैठियों का नेतृत्व कर रहे थे।

इस हमले के परिणामस्वरूप अब्द अल-हादी सबा की मृत्यु ने हमास के एक महत्वपूर्ण कमांडर को समाप्त कर दिया,जो 7 अक्टूबर के हमले में सक्रिय रूप से शामिल था। इससे पहले,आईडीएफ ने दावा किया था कि उसने और शिन बेट ने फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद की रॉकेट इकाई के उत्तरी क्षेत्र के कमांडर अनस मुहम्मद सादी मसरी को मार गिराया था। मसरी उत्तरी गाजा से इजरायली सीमावर्ती क्षेत्रों पर रॉकेट हमलों की सक्रिय रूप से कमान संभाल रहे थे और वह इजरायली क्षेत्र में रॉकेट दागने वाले कई गुर्गों की निगरानी कर रहे थे।

आईडीएफ ने पहले यह भी जानकारी दी थी कि शिन बेट के साथ काम करने वाली इकाइयों ने 14 हमास आतंकवादियों को मार गिराया,जिनमें से छह ने 7 अक्टूबर के हमले में भाग लिया था। ये ऑपरेशन आईडीएफ की 162वीं स्टील डिवीजन की गाजा पट्टी में चल रही गतिविधियों का हिस्सा थे। 162वीं डिवीजन ने 7 अक्टूबर के हमले में शामिल आतंकवादियों का पता लगाने और उन्हें समाप्त करने के लिए आईडीएफ और शिन बेट की संयुक्त कार्रवाई के तहत जबालिया और बेत लाहिया के क्षेत्रों में कार्यवाही की।

यह विशेष हमला 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमले का जवाब था,जिसमें हमास ने इजरायल पर एक बड़ा आतंकी हमला किया था। इस हमले में 1,200 से अधिक लोग मारे गए थे और 250 से अधिक लोग बंधक बना लिए गए थे। हालाँकि,इजरायल ने गाजा में हमास के खिलाफ एक मजबूत जवाबी हमला किया था,जिसके परिणामस्वरूप गाजा में 45,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं। इस लगातार बढ़ते संघर्ष और उसके परिणामस्वरूप होने वाली हिंसा ने वैश्विक स्तर पर चिंता का माहौल बना दिया है और युद्ध विराम की माँग में वृद्धि हो रही है।

साथ ही,यमन के हूती विद्रोही और लेबनान के हिजबुल्लाह,जिन्हें अक्सर ईरान का छद्म संगठन माना जाता है,ने इजरायल के खिलाफ अपने हमले तेज कर दिए हैं। इन दोनों समूहों ने इजरायल पर हमले की तीव्रता बढ़ा दी है,जो और भी अधिक तनाव और अंतर्राष्ट्रीय चिंता का कारण बन रही है।

इस समय स्थिति बेहद जटिल हो गई है,क्योंकि एक ओर इजरायल के खिलाफ आतंकवादी हमले बढ़े हैं और दूसरी ओर,इजरायल द्वारा गाजा में की जा रही सैन्य कार्रवाइयाँ भी बड़ी संख्या में नागरिक हताहत कर रही हैं। वैश्विक समुदाय लगातार संघर्ष विराम की अपील कर रहा है,लेकिन फिलहाल कोई ठोस समाधान नजर नहीं आ रहा है। इन घटनाओं से यह स्पष्ट है कि इस संघर्ष का हल सिर्फ सैन्य शक्ति से नहीं निकाला जा सकता,बल्कि कूटनीतिक प्रयासों की आवश्यकता भी है।