नई दिल्ली,20 जुलाई (युआईटीवी)- कांग्रेस नेता एवं हरियाणा के विधायक सुरेंद्र पंवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ‘अवैध’’ खनन से जुड़े धन शोधन मामले में शनिवार को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी शनिवार को आधिकारिक सूत्रों ने दी। काफी समय से ईडी अवैध खनन मामले में जाँच करने में जुटी हुई है। ईडी ने सुरेंद्र पंवार और उनके साथियों के घर पर इस साल की शुरुआत में भी छापा मारा था।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार,शनिवार तड़के 55 वर्षीय सुरेंद्र पंवार को गुरुग्राम से हिरासत में लिया गया। उन्होंने बताया कि अंबाला में धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत में विधायक सुरेंद्र पंवार को पेश किया जाएगा। केंद्रीय एजेंसी अदालत में विधायक को हिरासत में भेजने का अनुरोध करेगी। राज्य के यमुनानगर क्षेत्र में जाँच एजेंसी ने जनवरी में पंवार से जुड़े परिसरों पर ‘‘बड़े पैमाने पर अवैध खनन’’ के आरोप में छापेमारी की थी।
ईडी अपने साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों को लेकर सुरेंद्र पंवार को गिरफ्तार करने के लिए गई थी। हरियाणा पुलिस की ओर से दर्ज की गई कई एफआईआर से धन शोधन का यह मामला सामने आया है। एफआईआर में आरोप लगाया गया कि यमुनानगर और आसपास के जिलों में लीज अवधि के समाप्त होने के बाद और कोर्ट के आदेश के बाद भी रेत,बोल्डर,बजरी इत्यादि का कथित अवैध खनन होता रहा।
सुरेंद्र पंवार को ईडी ने उनके अंबाला स्थित ऑफिस से गिरफ्तार किया है। इससे पहले सुरेंद्र पंवार और उनके साथियों के यहाँ इसी साल जनवरी में यमुनानगर,करनाल और फरीदाबाद में हो रहे अवैध खनन के मामले में छापेमारी की थी। इस छापेमारी में सुरेंद्र के घर से ईडी को कुछ खास नहीं मिला था,लेकिन इनेलो के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह और उनके साथियों के घर,ऑफिस और ठिकानों से अवैध विदेशी हथियार,100 से ज्यादा शराब की बोतलें,300 कारतूस और नकद पाँच करोड़ रुपये मिले थे। खनन में काफी लंबे समय तक सुरेंद्र पंवार और दिलबाग सिंह पार्टनर रहे हैं। ईडी की टीम ने सुरेंद्र पंवार के घर पर लगभग 38 घंटे तक जाँच की थी।
ऑनलाइन पोर्टल ‘ई-रावण’ योजना में कथित धोखाधड़ी की भी केंद्रीय एजेंसी जाँच कर रही है। 2020 में रियाणा सरकार ने रॉयल्टी और करों के संग्रह को आसान बनाने व खनन क्षेत्रों में कर चोरी को रोकने के लिए ऑनलाइन पोर्टल ‘ई-रावण’ योजना को लाया गया था। पंवार ने जुलाई 2022 में विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता को अपने परिवार की सुरक्षा समेत कई व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा सौंप दिया था।
साल 2019 में सुरेंद्र पंवार ने सोनीपत से कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था और उन्होंने उस चुनाव में जीत हासिल की थी। भारतीय जनता पार्टी ने उनके सामने कविता जैन को उतारा था। अपने हलफनामे में सुरेंद्र पंवार ने 27 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की थी। पंवार उस हलफनामे के आधार पर हरियाणा के सबसे अमीर उम्मीदवारों में शामिल थे।

