नई दिल्ली,27 नवंबर (युआईटीवी)- बॉलीवुड की ड्रीमगर्ल हेमा मालिनी इन दिनों गहरे दुख और असहनीय पीड़ा से गुजर रही हैं। हिंदी सिनेमा के महान अभिनेता और उनके जीवनसाथी धर्मेंद्र देओल के निधन ने अभिनेत्री के जीवन में एक ऐसा खालीपन छोड़ दिया है,जिसे वह शब्दों में व्यक्त नहीं कर पा रहीं। धर्मेंद्र के देहांत के बाद पहली बार हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक भावुक पोस्ट साझा की,जिसमें उन्होंने अपनी निजी क्षति,जीवनभर के साथ और धर्मेंद्र की व्यक्तित्व की विशेषताओं को याद करते हुए अपने मन का दर्द जगजाहिर किया।
हेमा मालिनी ने अपने संदेश में लिखा, “धरम जी मेरे लिए बहुत कुछ थे। एक प्यारे पति,हमारी दो बेटियों ईशा और अहाना के लाड़ले पिता,एक दोस्त,मार्गदर्शक,कवि और हर मुश्किल समय में मेरे साथ खड़े रहने वाले साथी। वह मेरे लिए सब कुछ थे। उन्होंने जीवन के हर उतार-चढ़ाव में मेरा साथ दिया।” उनकी इन पंक्तियों से यह साफ झलकता है कि धर्मेंद्र सिर्फ एक जीवनसाथी नहीं,बल्कि उनके लिए भावनात्मक सहारा,प्रेरणा और शक्ति के स्रोत थे।
हेमा ने धर्मेंद्र के मिलनसार और सहज स्वभाव को याद करते हुए लिखा कि उन्होंने न सिर्फ उनके परिवार,बल्कि हर उस व्यक्ति को अपना बना लिया,जो उनके संपर्क में आया।उन्होंने लिखा कि,“अपने सहज,मिलनसार व्यवहार से उन्होंने मेरे परिवार के सभी सदस्यों को अपना बना लिया था। सार्वजनिक जीवन में उनकी लोकप्रियता जितनी बड़ी थी,उतने ही विनम्र वह अपने स्वभाव में रहे। उनकी यह विनम्रता ही उन्हें प्रशंसकों और फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गजों के बीच हमेशा के लिए स्थापित करती है। हिंदी सिनेमा में उनकी सफलता और लोकप्रियता हमेशा बनी रहेगी।”
धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की प्रेम कहानी बॉलीवुड की सबसे चर्चित कहानियों में से एक रही है। फिल्मी सेट पर शुरू हुई इस कहानी ने धीरे-धीरे जीवन के हर मोड़ पर संघर्षों का सामना करते हुए एक मजबूत रिश्ते का रूप लिया। धर्मेंद्र,जो पहले से शादीशुदा थे,हेमा के प्रति अपने गहरे स्नेह को व्यक्त करने के लिए फिल्मों में उनके साथ काम करने का अवसर खोजते रहते थे। कई बार निर्माता-निर्देशकों से हेमा मालिनी को साथ लेने का अनुरोध भी करते थे। सेट पर साथ बिताया गया समय दोनों को करीब ले आया और हेमा भी धर्मेंद्र के व्यक्तित्व,स्वभाव और संवेदनशीलता से प्रभावित होकर उनसे प्रेम करने लगीं।
समाज और पारिवारिक स्थितियों में उलझी इस प्रेम कहानी को मुकाम तक पहुँचाने के लिए धर्मेंद्र ने इस्लाम स्वीकार कर हेमा मालिनी से विवाह किया। यह निर्णय आसान नहीं था,पर दोनों ने अपने रिश्ते को बरकरार रखने के लिए हर मुश्किल का सामना किया। हेमा हमेशा कहती रही हैं कि धर्मेंद्र उनके जीवन का सबसे मजबूत स्तंभ रहे हैं।
धर्मेंद्र के निधन की खबर ने फिल्म जगत और देशभर के प्रशंसकों को झकझोर दिया। 24 नवंबर को उन्होंने जुहू स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली। लंबे समय से वह उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और कुछ दिनों पहले ही उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों ने हालत स्थिर होने पर उन्हें घर भेज दिया था,लेकिन कुछ दिनों बाद ही उनका स्वास्थ्य गिर गया और उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन के तुरंत बाद परिवार ने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की,जहाँ परिवार के सदस्य और कुछ करीबी लोग ही मौजूद थे।
सोशल मीडिया पर साझा की गई अपनी पोस्ट में हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के साथ बिताए गए जीवन के उन अनमोल पलों को याद किया,जिन्हें वह अब सिर्फ स्मृतियों में जी पाएँगी। उन्होंने लिखा, “मेरा व्यक्तिगत नुकसान अवर्णनीय है। मेरे जीवन में जो शून्य आया है,वह जीवन भर रहेगा। इतने लंबे साथ के बाद,मेरे पास उन खास पलों को फिर से जीने के लिए सिर्फ यादें ही रह गई हैं।”
हेमा मालिनी ने अपने पोस्ट में धर्मेंद्र के साथ कई पुरानी तस्वीरें भी साझा कीं,जिनमें दोनों की खुशियाँ,प्यार और जीवन के सुंदर क्षण झलकते हैं। इन तस्वीरों में कभी दोनों सेट पर हैं,कभी किसी निजी समारोह में और कभी साथ बैठ हँसते हुए नज़र आ रहे हैं। इन तस्वीरों ने एक बार फिर याद दिला दिया कि फिल्मों के पर्दे पर दिखने वाली उनकी जोड़ी वास्तविक जीवन में भी उतनी ही गहरी,सच्ची और मजबूत थी।
धर्मेंद्र की विदाई न केवल हेमा मालिनी के लिए,बल्कि हिंदी सिनेमा के लिए भी एक युग के अंत जैसा है। ‘ही-मैन’ के नाम से मशहूर धर्मेंद्र ने अपने करियर में ‘शोले’, ‘चुपके चुपके’, ‘अनुपमा’, ‘सत्यकम’, ‘फूल और पत्थर’, ‘धरम वीर’ जैसी कई यादगार फिल्में दीं। उनकी लोकप्रियता किसी एक पीढ़ी तक सीमित नहीं रही,बल्कि वह सदाबहार अभिनेता के रूप में हमेशा याद किए जाएँगे।
हेमा मालिनी की भावुक पोस्ट ने यह साफ कर दिया है कि धर्मेंद्र केवल एक महान अभिनेता ही नहीं थे,बल्कि एक महान इंसान थे,जिनकी अनुपस्थिति उनके जीवन में हमेशा महसूस की जाएगी। उनका जाना हिंदी सिनेमा और उनके प्रियजनों के लिए गहरा आघात है। पर उनके द्वारा बनाई गई विरासत और यादें हमेशा जीवित रहेंगी और हेमा मालिनी के शब्दों में—“धरम जी की सफलता और लोकप्रियता हमेशा स्थाई रहेगी।”

