कोलंबो,10 अक्टूबर(युआईटीवी)- श्रीलंका में भारी बारिश से 71,000 से अधिक लोगों के प्रभावित होने की संभावाना जताई जा रही है। श्रीलंका के आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) ने जानकारी देते हुए कहा कि श्रीलंका में भारी बारिश के कारण बाढ़ आ गई है और इससे 13 जिलों में 71,000 श्रीलंकाई लोग प्रभावित हुए हैं।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,श्रीलंका के आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) ने बताया कि भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है,जिसमें तीन लोगों की मौत भी हो गई है,साथ ही पश्चिमी जिले केगाली में भूस्खलन के बाद 127 लोगों के लापता होने की भी खबर दी है।
हाल के हफ्तों में श्रीलंका में भारी बारिश हुई है और यह बारिश दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता के कारण हुई है। वर्तमान की बरसात के मौसम की स्थिति को देखते हुए नेशनल बिल्डिंग रिसर्च ऑर्गनाइजेशन ने श्रीलंका के कई जिलों में भूस्खलन की चेतावनी दी है और सतर्क रहने की बात कही है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि बारिश ने पिछले 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यह बारिश बंगाल की खाड़ी में हवा के कम दबाव का केंद्र बनने के कारण हो रहा है। श्रीलंका की दुःखद समय में भारत समेत कई देशों ने हरसंभव मदद देने के लिए पेशकश की है। श्रीलंका की मदद करने के लिए भारतीय जहाज आइएनएस सुनयना आवश्यक सामान लेकर कोलंबो बंदरगाह पर पहुँच गया है।
मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटे तक बारिश की संभावाना है और उसके बाद पश्चिमी, सबारागामुवा और दक्षिणी प्रांतों में बारिश कम हो जाएगी।
श्रीलंका के राष्ट्रपति सिरीसेन ने भारी बारिश से प्रभावित लोगों की सहायता करने के लिए अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की आश्रय,नकद राशि,कपड़े तथा सूखा राशन इत्यादि की सहायता के लिए आगे आएँ।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक देश के 22 जिलों के करीब पौने चार लाख इस त्रासदी में विस्थापित हुए हैं। सरकार द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में तीन लाख से अधिक लोगों नेआश्रय लिया है। इस दुःखद समय में विदेशों से भी मदद की पेशकश की जा रही है। बाढ़ प्रभावितों के लिए अमेरिका,ऑस्ट्रेलिया,नेपाल और जापान ने आर्थिक मदद की घोषणा की है।
