यरूशलम,9 अक्टूबर (युआईटीवी)- हिजबुल्लाह और इजरायली सेना के बीच जारी जंग में इजरायली मिलिट्री ऑपरेशन लगातार तेज हो रहा है। इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ने मंगलवार को घोषणा की कि उन्होंने लेबनान में हिजबुल्लाह के कई भूमिगत कमांड सेंटरों पर हवाई हमले किए हैं,जिसमें 50 से अधिक आतंकवादी मारे गए। मंगलवार को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इजराइल रक्षा बल (आईडीएफ) के प्रवक्ता डैनियल हगारी ने कहा कि इन हमलों के दौरान हिजबुल्लाह के दक्षिणी फ्रंट के कई भूमिगत कमांड सेंटर्स को पूरी तरह से तबाह कर दिया गया है। इन सेंटर्स को तबाह करने का मकसद बताते हुए कहा की इन सेंटर्स में इजरायल के खिलाफ लड़ाई को नेतृत्व देने वाले कमांडर तैनात थे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के खबरों के मुताबिक, इन हवाई हमलों में हिजबुल्लाह के दक्षिणी फ्रंट और राडवान फोर्सेज के छह सीनियर कमांडर मारे गए हैं। इन हवाई हमलों में जिन सीनियर कमांडर की मौत हुई है,उनमें अली अहमद इस्माइल तथा अहमद हसन नाजल प्रमुख थे। बिंट जेबिल इलाके में अली अहमद इस्माइल हिजबुल्लाह के तोपखाने का प्रमुख था। बिंट जेबिल इलाके में नाजल राडवान फोर्सेज की स्पेशल कमांडो यूनिट के लिए अटैक सेक्टर का नेतृत्व कर रहा था।
आईडीएफ के प्रवक्ता के अनुसार, हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में अंडरग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर और कमांड सेंटर्स का एक व्यापक नेटवर्क बना रखा है। इस नेटवर्क का उपयोग जमीन पर इजरायली सैनिकों पर हमले करने और इजरायली नागरिकों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है। इजरायली हवाई हमलों में उन सभी इलाकों को निशाना बनाया गया, जहाँ हिजबुल्लाह का दक्षिणी फ्रंट और राडवान फोर्सेज एक साथ काम कर रहे थे।
आईडीएफ ने दावा किया है कि उन्होंने पिछले 24 घंटों में दक्षिणी लेबनान में 125 से अधिक ठिकानों पर हमला किया है। वहीं, इजरायल के आँकड़ों के मुताबिक, हिजबुल्लाह ने मंगलवार को सीमा पार से 170 से अधिक रॉकेट इजरायल की तरफ दागे। इजरायल का कहना है कि वह लेबनान में हिजबुल्लाह के आतंकवादियों को खत्म करने के लिए सैन्य कार्रवाई कर रहा है, लेकिन इन हमलों के कारण भारी तबाही मची है।
लेबनान में इजरायली हमलों की शुरुआत के बाद से वहाँ की स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, लेबनान में अब तक 12 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। वहीं, लेबनानी अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों में मरने वालों की संख्या 2,100 से अधिक हो गई है और 10,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
यह संघर्ष अब तक बहुत अधिक जान-माल की हानि का कारण बना है और इसके खत्म होने की कोई साफ दिशा नजर नहीं आ रही है।