मुबंई,6 फरवरी (युआईटीवी)- देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर–दिसंबर अवधि के नतीजे गुरुवार को जारी कर दिए। नतीजों में जहाँ एक ओर कंपनी के मुनाफे में तेज गिरावट देखने को मिली, वहीं दूसरी ओर कुल आय,औसत आय प्रति उपयोगकर्ता और डेटा खपत जैसे ऑपरेशनल संकेतकों में मजबूती बरकरार रही। तिमाही नतीजे यह संकेत देते हैं कि ऊँचे बेस और बढ़े हुए खर्च ने मुनाफे पर दबाव डाला है,लेकिन कारोबार की बुनियाद अब भी मजबूत बनी हुई है।
अक्टूबर से दिसंबर 2025 की तिमाही में भारती एयरटेल का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 55 प्रतिशत घटकर 6,630.5 करोड़ रुपए रह गया। एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी ने 14,781.2 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज किया था। कंपनी ने स्पष्ट किया कि इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह पिछले साल का ऊँचा बेस है। दरअसल, वित्त वर्ष 24 की दिसंबर तिमाही में एयरटेल को 7,545.6 करोड़ रुपए का असाधारण लाभ मिला था,जिसने उस तिमाही के मुनाफे को असामान्य रूप से ऊँचा कर दिया था।
इसके अलावा,चालू तिमाही में नए लेबर कोड के लागू होने के चलते कंपनी पर 256.8 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च भी आया,जिसने शुद्ध लाभ को और प्रभावित किया। तिमाही आधार पर भी एयरटेल के मुनाफे में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 26 की सितंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा 6,791.7 करोड़ रुपए था,जो दिसंबर तिमाही में 2.3 प्रतिशत घट गया।
हालाँकि,मुनाफे में गिरावट के बावजूद कंपनी की कुल आय में मजबूत वृद्धि देखने को मिली है। वित्त वर्ष 26 की दिसंबर तिमाही में एयरटेल की कुल आय 54,683.9 करोड़ रुपए रही,जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में दर्ज 45,599 करोड़ रुपए के मुकाबले करीब 19.92 प्रतिशत ज्यादा है। यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि टेलीकॉम सेवाओं की माँग,खासकर डेटा सेवाओं की,लगातार मजबूत बनी हुई है।
कंपनी के खर्च में भी इस दौरान इजाफा हुआ है। दिसंबर तिमाही में एयरटेल का कुल खर्च 23,198.8 करोड़ रुपए रहा,जबकि वित्त वर्ष 25 की दिसंबर तिमाही में यह आँकड़ा 20,532.7 करोड़ रुपए था। इस तरह सालाना आधार पर खर्च में 12.98 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बढ़ते नेटवर्क निवेश,कर्मचारियों से जुड़ी लागत और नियामकीय बदलावों का असर खर्च में बढ़ोतरी के रूप में दिखाई दिया।
एयरटेल के ऑपरेशनल प्रदर्शन की बात करें तो औसत आय प्रति उपयोगकर्ता यानी एआरपीयू में लगातार सुधार देखने को मिला है। दिसंबर तिमाही में कंपनी का एआरपीयू बढ़कर 259 रुपए हो गया,जो सितंबर तिमाही में 256 रुपए और एक साल पहले दिसंबर 2024 में 245 रुपए था। एआरपीयू में यह बढ़ोतरी बेहतर टैरिफ मिक्स,डेटा उपयोग में वृद्धि और प्रीमियम सेवाओं की बढ़ती हिस्सेदारी का नतीजा मानी जा रही है।
डेटा खपत के मोर्चे पर भी एयरटेल ने मजबूत आँकड़ें पेश किए हैं। वित्त वर्ष 26 की दिसंबर तिमाही में कंपनी के नेटवर्क पर कुल 26,056 मिलियन जीबी डेटा का उपयोग हुआ। यह सितंबर तिमाही के 24,446 मिलियन जीबी के मुकाबले 6.6 प्रतिशत और पिछले साल की दिसंबर तिमाही के 20,174 मिलियन जीबी के मुकाबले 29.2 प्रतिशत अधिक है। आँकड़ें यह दिखाते हैं कि ग्राहकों की डिजिटल आदतें तेजी से बदल रही हैं और मोबाइल डेटा का उपयोग लगातार बढ़ रहा है।
प्रति उपयोगकर्ता डेटा खपत में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली है। दिसंबर तिमाही में प्रति उपयोगकर्ता औसतन 29.8 जीबी डेटा प्रति महीने की खपत दर्ज की गई। यह सितंबर तिमाही के 28.3 जीबी प्रति महीने के मुकाबले करीब 5 प्रतिशत और पिछले साल की दिसंबर तिमाही के 24.5 जीबी प्रति महीने के मुकाबले 21.5 प्रतिशत ज्यादा है। यह ट्रेंड वीडियो स्ट्रीमिंग,ऑनलाइन गेमिंग,डिजिटल पेमेंट और वर्क फ्रॉम होम जैसी सेवाओं की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
कर्मचारियों की संख्या के लिहाज से एयरटेल में हल्की कमी देखी गई है। वित्त वर्ष 26 की दिसंबर तिमाही में कंपनी में कुल 24,186 कर्मचारी कार्यरत थे। यह संख्या सितंबर तिमाही के मुकाबले 205 कम है,जबकि वित्त वर्ष 25 की दिसंबर तिमाही की तुलना में 340 कर्मचारियों की कमी आई है। माना जा रहा है कि यह कमी दक्षता बढ़ाने और लागत को नियंत्रित करने के लिए किए गए आंतरिक पुनर्गठन का हिस्सा हो सकती है।
विश्लेषकों के अनुसार,एयरटेल के तिमाही नतीजे दो अलग-अलग तस्वीरें पेश करते हैं। एक ओर मुनाफे में तेज गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन दूसरी ओर आय,एआरपीयू और डेटा खपत में लगातार बढ़ोतरी यह दिखाती है कि कंपनी का मूल कारोबार मजबूत बना हुआ है। ऊँचे बेस और असाधारण लाभ के असर के खत्म होने के बाद आने वाली तिमाहियों में मुनाफे की तस्वीर ज्यादा स्थिर हो सकती है।
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के नतीजे यह संकेत देते हैं कि भारती एयरटेल एक चुनौतीपूर्ण लागत माहौल में भी अपने ग्राहकों से अधिक मूल्य निकालने और नेटवर्क उपयोग बढ़ाने में सफल रही है। आने वाले समय में टैरिफ सुधार,5जी सेवाओं का विस्तार और डिजिटल सेवाओं पर बढ़ता फोकस कंपनी के प्रदर्शन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
