हाईकोर्ट के जज ने यूएपीए के आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को किया अलग

नई दिल्ली, 10 जनवरी (युआईटीवी/आईएएनएस)- दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल ने मंगलवार को इंडियन मुजाहिदीन के कथित सदस्य मनजेर इमाम की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। इमाम पर आतंकवाद विरोधी कानून, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। न्यायमूर्ति मृदुल ने कहा, उस समय संगठनों पर लगाए गए सभी प्रतिबंधों में मैं सरकार का वरिष्ठ वकील था, इसलिए मैं मामले की सुनवाई नहीं कर सकता।

यह मामला एक अन्य पीठ के समक्ष 13 जनवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अगस्त 2013 में इमाम के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसमें कहा गया था कि उसने और अन्य लोगों ने आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची और देश में महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाने की योजना बनाई।

इमाम को हाल ही में ट्रायल कोर्ट से जमानत मिली है।

न्यायमूर्ति मृदुल ने कहा, सिमी (स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों में दो साल की अवधि के लिए मैं सरकार के लिए एक वरिष्ठ वकील था। क्या मैं इस मामले को सुनूंगा? एक कठिनाई है।

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