वॉशिंगटन,27 फरवरी (युआईटीवी)- अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने प्रतिनिधि सभा की निगरानी एवं सरकारी सुधार समिति के समक्ष पेश होकर जेफरी एपस्टीन प्रकरण से जुड़े सवालों का जवाब दिया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें एपस्टीन के अपराधों की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उस कुख्यात फाइनेंसर से अपनी किसी मुलाकात की याद नहीं है और न ही उन्होंने कभी उसके निजी विमान में यात्रा की या उसके द्वीप,आवास अथवा कार्यालय का दौरा किया।
समिति के समक्ष अपने बयान में क्लिंटन ने कहा कि मुझे उसकी आपराधिक गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। मुझे याद नहीं कि मेरी कभी एपस्टीन से मुलाकात हुई हो। मैंने कभी उसके विमान में यात्रा नहीं की और न ही उसके द्वीप,घरों या कार्यालयों का दौरा किया। उन्होंने दोहराया कि जनवरी में दिए गए अपने शपथपत्र के अतिरिक्त उनके पास कहने के लिए कुछ नया नहीं है।
क्लिंटन को रिपब्लिकन नेतृत्व वाली समिति ने समन जारी कर तलब किया था। यह समिति संघीय सरकार द्वारा जेफरी एपस्टीन और उसकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल के खिलाफ की गई जाँच की प्रक्रिया की समीक्षा कर रही है। एपस्टीन की 2019 में यौन तस्करी के आरोपों के बीच हिरासत में मृत्यु हो गई थी,जबकि मैक्सवेल इस समय संघीय जेल में सजा काट रही हैं। समिति का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या जाँच में किसी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात हुआ।
अपने शुरुआती बयान में क्लिंटन ने इस जाँच की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति को यह भलीभांति ज्ञात है कि उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है जो जाँच में सहायक हो सकती है,इसके बावजूद उन्हें गवाही देने के लिए बुलाया गया। उनके अनुसार यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यों से ध्यान भटकाने का प्रयास है। क्लिंटन ने कहा कि वैध सवालों के जवाब देने के बजाय राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए इस तरह की सुनवाई आयोजित की जा रही है।
उन्होंने आगे कहा कि यह जाँच पीड़ितों और बचे लोगों के लिए सच्चाई और न्याय सुनिश्चित करने के बजाय एक राजनीतिक दल और एक सार्वजनिक अधिकारी की रक्षा करने के लिए बनाई गई प्रतीत होती है। क्लिंटन ने यह भी कहा कि उन्हें एपस्टीन से कभी मुलाकात की कोई स्मृति नहीं है और उन्होंने कई बार रिकॉर्ड पर यह बात रखी है।
बंद कमरे में हुई इस सुनवाई के दौरान एक तस्वीर के लीक होकर ऑनलाइन सामने आने से विवाद खड़ा हो गया। सदन के नियमों के अनुसार ऐसी कार्यवाही के दौरान तस्वीरें लेना और उन्हें सार्वजनिक करना प्रतिबंधित है। क्लिंटन ने इस लीक को बेहद परेशान करने वाला बताया और कहा कि इससे यह संकेत मिलता है कि कार्यवाही के अन्य नियमों का भी उल्लंघन किया जा सकता है। उनके अनुसार यदि गोपनीय सुनवाई की शर्तों का सम्मान नहीं किया जाएगा तो निष्पक्षता और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगेंगे।
सुनवाई के बाद पत्रकारों से बातचीत में क्लिंटन ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उन्हें कितनी बार यह दोहराना पड़ा कि वे जेफरी एपस्टीन को नहीं जानतीं। उन्होंने कहा कि यह बात कई बार रिकॉर्ड में दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने पूछताछ को दोहराव वाला और राजनीतिक रंग से प्रेरित बताया।
समिति के रिपब्लिकन अध्यक्ष जेम्स आर. कोमर ने जाँच का बचाव करते हुए कहा कि यह कोई पक्षपातपूर्ण बदले की कार्रवाई नहीं है। कोमर ने कहा कि समिति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संघीय एजेंसियों ने एपस्टीन और मैक्सवेल के मामलों में अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन किया या नहीं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि क्लिंटन दंपति ने प्रारंभ में पेश होने से इनकार किया था,जिसके बाद डेमोक्रेट सदस्यों ने उन्हें कांग्रेस की अवमानना का दोषी ठहराने के प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया।
कोमर ने कहा कि रिपब्लिकन सदस्य क्लिंटन के कुछ जवाबों से संतुष्ट नहीं थे और आगे और स्पष्टीकरण की आवश्यकता है। उन्होंने संकेत दिया कि शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की संभावित गवाही के दौरान और सवाल उठाए जाएँगे। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।
समिति के डेमोक्रेट सदस्यों ने इस प्रक्रिया की आलोचना की है। प्रतिनिधि यास्मीन अंसारी ने इसे एक गैर-गंभीर और तमाशा जैसी कार्यवाही बताया। वहीं प्रतिनिधि रॉबर्ट गार्सिया ने कहा कि क्लिंटन को किसी भी गलत काम की कोई जानकारी नहीं थी और उन्हें अनावश्यक रूप से निशाना बनाया जा रहा है।
क्लिंटन ने समिति से आग्रह किया कि वह एपस्टीन फाइलों को सार्वजनिक करने पर ध्यान केंद्रित करे और उन व्यक्तियों को बुलाए जिनका नाम इन दस्तावेजों में प्रमुखता से सामने आया है। उन्होंने कहा कि समिति ने उन लोगों को तलब करने के लिए बहुत कम प्रयास किए हैं,जो मामले से सीधे तौर पर जुड़े रहे हैं। उनके अनुसार यदि उद्देश्य सच्चाई तक पहुँचना है,तो प्राथमिकता उन तथ्यों और दस्तावेजों को सामने लाने की होनी चाहिए,जो वास्तविक रूप से जाँच में सहायक हों।
इसी बीच सीनेट में डेमोक्रेटिक नेतृत्व ने भी एपस्टीन से जुड़े न्याय विभाग के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और बिना संपादित सामग्री की समीक्षा की माँग की है। सीनेट में अल्पसंख्यक नेता चार्ल्स ई. शूमर ने कहा कि डेमोक्रेट्स न्याय विभाग में शामिल अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने का प्रयास करेंगे यदि किसी प्रकार की लीपापोती या तथ्यों को छिपाने का प्रयास सामने आता है। उन्होंने यह भी कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना कांग्रेस की जिम्मेदारी है।
जेफरी एपस्टीन एक हाई-प्रोफाइल फाइनेंसर था,जिसकी पहुँच राजनीति व्यापार और मनोरंजन जगत के कई प्रभावशाली व्यक्तियों तक थी। 2008 में उसे नाबालिगों से जुड़े यौन अपराधों में दोषी ठहराया गया था,लेकिन 2019 में उस पर संघीय स्तर पर मानव तस्करी के गंभीर आरोप लगाए गए। अदालती प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही न्यूयॉर्क की जेल में उसकी मृत्यु हो गई,जिसने कई सवाल खड़े किए। उसकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल को बाद में दोषी ठहराया गया और वह वर्तमान में जेल की सजा काट रही हैं।
एपस्टीन प्रकरण लंबे समय से अमेरिकी राजनीति में विवाद का विषय बना हुआ है। इसमें प्रभावशाली हस्तियों के संभावित संबंधों,जाँच की पारदर्शिता और न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठते रहे हैं। हिलेरी क्लिंटन की ताजा गवाही ने इस बहस को फिर से तेज कर दिया है। एक ओर रिपब्लिकन इसे जवाबदेही सुनिश्चित करने की प्रक्रिया बता रहे हैं,तो दूसरी ओर डेमोक्रेट्स इसे राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगा रहे हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट है कि एपस्टीन प्रकरण अमेरिकी राजनीतिक परिदृश्य में गहरी विभाजन रेखाएं उजागर कर रहा है। आने वाले दिनों में यदि और गवाहों को तलब किया जाता है या नए दस्तावेज सार्वजनिक होते हैं,तो यह विवाद और भी गहराने की संभावना है।
