भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम (तस्वीर क्रेडिट@SharmaDamo11777)

ऐतिहासिक रन चेज के दम पर भारत अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में, सेमीफाइनल-2 में अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराया

हरारे,5 फरवरी (युआईटीवी)- भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल-2 में ऐसा प्रदर्शन किया,जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर न सिर्फ फाइनल में जगह बनाई,बल्कि अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे बड़ा रन चेज सफलतापूर्वक पूरा कर नया कीर्तिमान भी रच दिया। 311 रनों के विशाल लक्ष्य को टीम इंडिया ने 41.1 ओवरों में हासिल कर लिया,जिससे अब तक का रिकॉर्ड टूट गया।

बुधवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 310 रन बनाए। सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में अफगान बल्लेबाजों ने जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता के साथ खेल दिखाया,उसने मैच को रोमांचक बना दिया। हालाँकि,भारत की बल्लेबाजी ने इस चुनौती को बेहद संयम और आक्रामकता के संतुलन के साथ पार कर लिया।

इस जीत के साथ भारत ने न्यूजीलैंड का 20 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले अंडर-19 वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा सफल रन चेज न्यूजीलैंड के नाम था,जिसने साल 2006 में आयरलैंड के खिलाफ 305 रनों का लक्ष्य हासिल किया था। अब भारत इस सूची में शीर्ष पर पहुँच गया है। इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर साउथ अफ्रीका है,जिसने 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ 294 रन का पीछा किया था,जबकि वेस्टइंडीज ने 2010 में श्रीलंका के खिलाफ 292 रन का सफल चेज किया था।

सेमीफाइनल मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर कुल 621 रन बनाए,जो अंडर-19 वर्ल्ड कप के प्लेऑफ मैचों में दूसरा सबसे बड़ा कुल स्कोर है। इससे पहले साल 2004 में चट्टोग्राम में खेले गए ऑस्ट्रेलिया बनाम आयरलैंड मुकाबले में कुल 631 रन बने थे। ऐसे में हरारे का यह मैच भी टूर्नामेंट के सबसे यादगार मुकाबलों में शामिल हो गया है।

अफगानिस्तान की पारी की बात करें तो टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। 117 रन के कुल स्कोर तक अफगान टीम अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों खालिद अहमदजई और उस्मान सादात के विकेट गंवा चुकी थी। खालिद अहमदजई ने 31 रन की पारी खेली,लेकिन शुरुआती झटकों के बाद अफगानिस्तान को सँभालने का जिम्मा मध्यक्रम ने बखूबी निभाया।

यहाँ से उजैरउल्लाह नियाजी और फैसल शिनोजादा ने पारी को सँभालते हुए भारत के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। दोनों के बीच 130 गेंदों में 148 रनों की शानदार साझेदारी हुई,जिसने अफगानिस्तान को बड़े स्कोर की ओर अग्रसर किया। फैसल शिनोजादा ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 93 गेंदों में 15 चौकों की मदद से 110 रन बनाए। दूसरी ओर,उजैरउल्लाह नियाजी ने भी शतक जड़ते हुए 86 गेंदों में 2 छक्कों और 12 चौकों की मदद से 101 रन की अहम पारी खेली।

भारत की ओर से गेंदबाजी में दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान सबसे सफल रहे। दोनों ने 2-2 विकेट झटके,हालाँकि अफगान बल्लेबाजों की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने भारतीय गेंदबाजों को काफी मेहनत करनी पड़ी। इसके बावजूद भारत ने आखिरी ओवरों में रन गति को काबू में रखते हुए अफगानिस्तान को 310 रन तक सीमित कर दिया।

311 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआत से ही इरादे साफ कर दिए। भारतीय बल्लेबाजों ने दबाव में भी आक्रामक क्रिकेट खेला और रन रेट को लगातार अपने पक्ष में बनाए रखा। इस ऐतिहासिक चेज के हीरो आरोन जॉर्ज रहे,जिन्होंने 104 गेंदों में 2 छक्कों और 15 चौकों की मदद से शानदार 115 रन की पारी खेली। उनकी पारी ने भारत को लक्ष्य के करीब पहुँचाने में निर्णायक भूमिका निभाई।

आरोन जॉर्ज को वैभव सूर्यंवशी का बेहतरीन साथ मिला। वैभव ने सिर्फ 33 गेंदों में 68 रन ठोककर मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने अफगान गेंदबाजों की रणनीति को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। कप्तान आयुष म्हात्रे ने भी जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए 62 रन बनाए और टीम को जीत की दहलीज तक पहुँचाया।

भारतीय टीम ने केवल 41.1 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर यह साबित कर दिया कि दबाव में भी युवा खिलाड़ी कितनी परिपक्वता दिखा सकते हैं। यह जीत न सिर्फ आँकड़ों के लिहाज से खास रही,बल्कि मानसिक मजबूती और टीम वर्क का भी शानदार उदाहरण बनी।

इस जीत के साथ भारत ने 10वीं बार अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में प्रवेश किया है,जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। अब खिताबी मुकाबले में टीम इंडिया का सामना इंग्लैंड से होगा। यह फाइनल मुकाबला 6 फरवरी को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा।

भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सितारों से सजी यह टीम अब खिताब जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है। सेमीफाइनल में दिखाए गए आत्मविश्वास और जुझारूपन ने साफ कर दिया है कि भारत फाइनल में भी पूरे दमखम के साथ उतरेगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या टीम इंडिया इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट का अंत ट्रॉफी के साथ कर पाएगी।