नई दिल्ली,27 नवंबर (युआईटीवी)- हांगकांग के ताइपो स्थित एक रिहायशी इलाके वांग फुक कोर्ट में बुधवार को लगी भयावह आग ने पूरे शहर को दहला दिया है। आठ मंजिला इस इमारत में अचानक भड़की आग देखते ही देखते इतनी विकराल हो गई कि उसने आसपास की सात अन्य इमारतों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस विनाशकारी दुर्घटना में अब तक 44 लोगों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है,जबकि 45 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस चुके हैं। हांगकांग पुलिस फोर्स ने गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग में इन आँकड़ों की जानकारी दी और बताया कि शुरुआती जाँच के आधार पर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार,आग लगने की घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया। हालाँकि,आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि फायर सर्विस विभाग को इसे नंबर 5 अलार्म फायर घोषित करना पड़ा,जो कि आपदा स्तर की स्थिति को दर्शाता है। विभाग को बुधवार दोपहर 2:51 बजे घटना की जानकारी मिली,जिसके बाद दमकल कर्मियों ने तेजी से मौके पर पहुँचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया,लेकिन आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि नियंत्रण बनाने में काफी समय लग गया।
हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली ने बताया कि फायरफाइटर्स की कठिन मेहनत और लगातार कोशिशों के बाद अब आग पर धीरे-धीरे काबू पाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और सरकार की ओर से हर संभव मदद प्रदान की जा रही है। उन्होंने विभागों और यूनिट्स को आग बुझाने,फँसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने,घायलों का तुरंत इलाज कराने,पीड़ित परिवारों को आर्थिक और भावनात्मक सहायता देने तथा हादसे की पूरी जाँच तेज़ी से करने के निर्देश दिए हैं।
चीफ एग्जीक्यूटिव ली ने यह भी बताया कि करीब 279 लोग अभी भी लापता हैं,जिनकी तलाश के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। कई इमारतों में धुआं और मलबा जमा होने की वजह से खोजबीन का काम बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। घटना में घायल हुए 29 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है,जिनमें से सात की हालत गंभीर बताई गई है। हांगकांग हॉस्पिटल अथॉरिटी ने इस बड़े हादसे को देखते हुए अपना मेजर इंसिडेंट कंट्रोल सेंटर सक्रिय कर दिया है,ताकि सभी मेडिकल सेवाएं समन्वित तरीके से संचालित की जा सकें।
वांग फुक कोर्ट परिसर में कुल आठ रेजिडेंशियल बिल्डिंग हैं। इनमें से सात इमारतें आग की चपेट में आ गईं,जिसकी वजह से नुकसान का स्तर बेहद व्यापक हो गया। कई परिवारों ने अपना सबकुछ खो दिया और अभी भी बड़ी संख्या में लोग अस्थायी आश्रय गृहों में रह रहे हैं। प्रशासन ने घायलों और विस्थापितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के साथ-साथ उन्हें भोजन,पानी और जरूरी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए इमरजेंसी रेस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय कर दिया है।
एजुकेशन ब्यूरो ने छात्रों और उनके परिवारों पर हुए मनोवैज्ञानिक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए विशेष कदम उठाए हैं। प्रभावित छात्रों को मानसिक और भावनात्मक सहायता प्रदान करने के लिए एजुकेशनल साइकोलॉजिस्ट और संबंधित कर्मचारियों को तुरंत तैनात किया गया है। इसके अलावा,प्रभावित क्षेत्र के कई स्कूलों को गुरुवार के दिन बंद रखने का निर्णय लिया गया,ताकि बच्चों को सुरक्षित रखा जा सके और उन्हें आघात से उबरने का समय मिल सके।
ताइपो केयर टीम के सदस्य और जिला काउंसलर लैम यिक कुएन ने बताया कि कठिन परिस्थितियों के बीच कई स्वयंसेवी संगठन और स्थानीय लोग आगे आए हैं और उन्होंने जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुँचाई है। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी ने एक बार फिर दिखाया है कि संकट के वक्त समाज किस तरह एकजुट होकर पीड़ितों की सहायता करता है। स्थानीय समुदाय की यह मानवीय पहल उन लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है,जो इस हादसे में अपना घर या अपने प्रियजन खो चुके हैं।
हांगकांग पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में तीन लोगों को शक के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। हालाँकि,पुलिस ने इनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है,लेकिन प्राथमिक जाँच में यह संकेत मिले हैं कि आग किसी मानवीय लापरवाही या संभावित आपराधिक गतिविधि का परिणाम हो सकती है। पुलिस इस दिशा में गहराई से जाँच कर रही है और घटनास्थल से प्राप्त सबूतों को फॉरेंसिक टीम द्वारा खंगाला जा रहा है।
इस त्रासदी ने हांगकांग को हिला कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार पीड़ितों के लिए संवेदना व्यक्त कर रहे हैं और बड़ी संख्या में नागरिक रक्तदान के लिए अस्पतालों में पहुँच रहे हैं। सरकार ने आश्वस्त किया है कि रेस्क्यू टीम दिन-रात लोगों को बचाने और लापता लोगों की खोज में लगी रहेगी।
वांग फुक कोर्ट में लगी इस भीषण आग ने न केवल कई जीवन छीन लिए,बल्कि शहर में सुरक्षा और भवन प्रबंधन के नियमों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाने और भवन सुरक्षा मानकों को और सख्त बनाने के संकेत दिए हैं।
हादसे की भयावहता,जनहानि और बड़े पैमाने पर हुए नुकसान ने इसे हांगकांग की सबसे गंभीर आग की घटनाओं में दर्ज कर दिया है। राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है और पूरा शहर उम्मीद कर रहा है कि लापता लोगों में से अधिकतम को सुरक्षित पाया जा सके।

