वाशिंगटन,10 मार्च (युआईटीवी)- मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर ईरान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट को रोकने या उसमें किसी तरह की बाधा डालने की कोशिश करता है,तो अमेरिका उसका बेहद कठोर और व्यापक जवाब देगा। ट्रंप की यह चेतावनी ऐसे समय आई है,जब खाड़ी क्षेत्र में सैन्य और रणनीतिक गतिविधियाँ तेज हो रही हैं और वैश्विक ऊर्जा बाजार इस पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ईरान को सीधे संदेश देते हुए कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल के प्रवाह को रोकने की कोशिश की गई तो अमेरिका उस पर अब तक हुए हमलों से बीस गुना ज्यादा ताकत के साथ प्रतिक्रिया करेगा। उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि अगर स्थिति बिगड़ती है,तो अमेरिका ईरान के बुनियादी ढाँचे को निशाना बना सकता है। ट्रंप ने लिखा कि अमेरिका ऐसे टारगेट को खत्म कर सकता है,जिन्हें आसानी से नष्ट किया जा सकता है और इससे ईरान के लिए एक देश के रूप में दोबारा खड़ा होना बेहद मुश्किल हो जाएगा। हालाँकि,उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि स्थिति उस स्तर तक नहीं पहुँचेगी और संघर्ष को टाला जा सकेगा।
इससे पहले ट्रंप ने फ्लोरिडा के मियामी स्थित ट्रंप नेशनल डोरल मियामी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भी इसी मुद्दे पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारों में से एक को खतरे में डालने की अनुमति नहीं देगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस समय अपने सैन्य अभियान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को जारी रखते हुए वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने पर भी पूरा ध्यान दे रहा है।
उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसी सरकार जो आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों का समर्थन करती हो या दुनिया को ऊर्जा आपूर्ति रोककर बंधक बनाने की कोशिश करे,उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ट्रंप के मुताबिक अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहे और वहाँ से तेल और गैस की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रहे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बात पर भी जोर दिया कि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए अमेरिकी नौसेना पहले से ही पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने कहा कि उस क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के कई जहाज तैनात हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें और मजबूत किया जा सकता है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास समुद्री खदानों का पता लगाने और उन्हें हटाने के लिए दुनिया के सबसे उन्नत उपकरण मौजूद हैं और इनका इस्तेमाल करके समुद्री मार्ग को सुरक्षित रखा जाएगा।
ट्रंप के अनुसार अगर स्थिति ज्यादा गंभीर होती है,तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश खाड़ी क्षेत्र में गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए एस्कॉर्ट भी कर सकते हैं। इसका मतलब यह होगा कि सैन्य जहाज व्यापारिक टैंकरों के साथ-साथ चलेंगे,ताकि किसी भी हमले या खतरे से उन्हें बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि अमेरिका कमर्शियल शिपिंग को सीधे समर्थन देने के लिए तैयार है और इस दिशा में कई कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं।
ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे तेल टैंकरों को राजनीतिक जोखिम बीमा देने की तैयारी कर रहा है। उनका कहना था कि अगर इस क्षेत्र में अस्थायी रुकावट आती है,तो अमेरिका जहाज मालिकों और कंपनियों को भरोसा दिलाएगा कि वे बिना डर के व्यापार जारी रख सकें। ट्रंप के मुताबिक यह कदम वैश्विक तेल बाजारों को स्थिर रखने के लिए जरूरी है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखना अमेरिका के लिए जितना महत्वपूर्ण है,उससे कहीं ज्यादा यह एशियाई देशों और ऊर्जा आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका खुद ऊर्जा के मामले में काफी हद तक आत्मनिर्भर है और उसके पास तेल और गैस का बड़ा भंडार मौजूद है। ट्रंप के अनुसार अमेरिका के पास अपनी जरूरत से भी ज्यादा ऊर्जा संसाधन हैं,इसलिए इस मार्ग के बंद होने का असर अमेरिका पर सीमित होगा।
हालाँकि,उन्होंने यह भी कहा कि कई दूसरे देश इस समुद्री मार्ग पर बेहद ज्यादा निर्भर हैं। खासतौर पर उन्होंने चीन का नाम लेते हुए कहा कि चीन जैसे देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आने वाले तेल पर निर्भर करते हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका इस मार्ग को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहा है,तो यह केवल अमेरिका के लिए नहीं बल्कि चीन और अन्य ऊर्जा आयातक देशों के लिए भी एक तरह से मदद है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वैश्विक ऊर्जा बाजारों को स्थिर रखने के लिए कुछ अस्थायी आर्थिक उपायों पर भी विचार कर रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि तेल बाजारों से जुड़े कुछ प्रतिबंधों में सीमित समय के लिए राहत दी जा सकती है,ताकि तेल की कीमतों में तेजी को रोका जा सके और वैश्विक बाजार में घबराहट की स्थिति न बने।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में ईरान और उससे जुड़े समूहों ने समुद्री मार्गों पर कई हमले किए हैं। उनके मुताबिक सैकड़ों व्यापारिक जहाज ऐसे हमलों का निशाना बन चुके हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस तरह के खतरे को हमेशा के लिए खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है और यह सुनिश्चित करेगा कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित रहे।
इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला एक संकरा समुद्री मार्ग है। इसकी चौड़ाई कुछ स्थानों पर बहुत कम है,लेकिन इसके बावजूद यह दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक है।
मध्य पूर्व के कई बड़े तेल उत्पादक देश,जिनमें सऊदी अरब,संयुक्त अरब अमीरात,कुवैत और इराक शामिल हैं,अपने कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग के जरिए वैश्विक बाजारों तक पहुँचाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसियों के अनुसार दुनिया में समुद्री रास्तों से होने वाले तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।
यही वजह है कि इस क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य तनाव या सुरक्षा संकट तुरंत वैश्विक तेल कीमतों को प्रभावित कर सकता है। यदि इस मार्ग में बाधा आती है,तो एशिया,यूरोप और अन्य क्षेत्रों की ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी तरह की रुकावट से वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल आ सकता है और इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध रहे हैं और खाड़ी क्षेत्र कई बार इस टकराव का केंद्र बन चुका है। पिछले वर्षों में कई बार तेल टैंकरों पर हमलों और नौसैनिक तनाव की घटनाएँ सामने आई हैं,जिनके कारण अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ी है।
ट्रंप की ताजा चेतावनी को इस व्यापक रणनीतिक संघर्ष के संदर्भ में देखा जा रहा है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित नहीं रखा गया,तो इससे केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं,बल्कि वैश्विक आर्थिक स्थिरता भी प्रभावित हो सकती है।
इस बीच अंतर्राष्ट्रीय विश्लेषक यह भी मानते हैं कि ट्रंप का बयान केवल ईरान के लिए चेतावनी नहीं है,बल्कि यह वैश्विक ऊर्जा बाजारों और सहयोगी देशों को यह संदेश देने का प्रयास भी है कि अमेरिका समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि अगर स्थिति बिगड़ती है तो खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति और बढ़ सकती है।
फिलहाल दुनिया की नजरें इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं। अगर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ता है या होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी तरह की रुकावट आती है,तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार,अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी गहरा प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस तनाव को कम कर पाते हैं या यह संघर्ष और गंभीर रूप लेता है।
