नई दिल्ली,19 जून (युआईटीवी)- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी ) दिल्ली ने एक बार फिर से अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता और अनुसंधान गुणवत्ता के दम पर वैश्विक मंच पर भारत का परचम लहराया है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 में आईआईटी दिल्ली ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है और दुनिया के शीर्ष 125 विश्वविद्यालयों में स्थान प्राप्त किया है। यह न केवल संस्थान के लिए,बल्कि भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए भी गर्व का क्षण है।
2025 की रैंकिंग में 150वें स्थान पर रहने वाला आईआईटी दिल्ली इस बार छलांग लगाते हुए 123वें स्थान पर पहुँच गया है। यह संस्थान की अब तक की सर्वश्रेष्ठ वैश्विक रैंकिंग है। यह उपलब्धि कई वर्षों की मेहनत,सुधार और निरंतर नवाचार का परिणाम है।
संस्थान की रैंकिंग सेल के प्रमुख और योजना संकायाध्यक्ष प्रोफेसर विवेक बुवा ने इस मौके पर कहा, “यह आईआईटी दिल्ली के लिए अत्यंत गर्व की बात है। मैं 64,000 से अधिक वर्तमान और पूर्व छात्रों,फैकल्टी,शिक्षा मंत्रालय और सभी हितधारकों को धन्यवाद देता हूँ,जिनके सामूहिक प्रयासों ने इस मुकाम को हासिल करना संभव बनाया।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह रैंकिंग न केवल उत्सव का अवसर है,बल्कि आत्ममंथन का भी। इससे यह समझने में सहायता मिलती है कि आगे और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है,ताकि संस्थान विश्व के शीर्ष 100 में अपनी जगह बना सके।
क्यूएस रैंकिंग्स दुनिया भर के विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन कई संकेतकों के आधार पर करती है। आईआईटी दिल्ली ने लगभग हर मानदंड पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
* नियोक्ता प्रतिष्ठा :
इस मानदंड में आईआईटी दिल्ली को दुनिया के शीर्ष 50 संस्थानों में स्थान मिला है। इसका अर्थ यह है कि वैश्विक उद्योग और कॉर्पोरेट जगत में आईआईटी दिल्ली के छात्रों और पूर्व छात्रों की छवि बेहद सशक्त है।
*साइटेशन्स प्रति फैकल्टी :
अनुसंधान और वैज्ञानिक प्रकाशनों की गुणवत्ता के लिए इस संकेतक को देखा जाता है। यहाँ भी आईआईटी दिल्ली शीर्ष 90 संस्थानों में शामिल है,जो इसके रिसर्च आउटकम्स की गहराई को दर्शाता है।
- शैक्षणिक प्रतिष्ठा:
शिक्षाविदों के बीच संस्थान की प्रतिष्ठा को इस संकेतक से आंका जाता है। इस साल आईआईटी दिल्ली वैश्विक स्तर पर शीर्ष 150 में रहा।
* सतत विकास :
पर्यावरणीय,सामाजिक और प्रशासनिक (ईएसजी) गतिविधियों पर आधारित यह एक नया संकेतक है। इसमें भी आईआईटी दिल्ली ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए शीर्ष 175 संस्थानों में स्थान पाया।
क्यूएस रैंकिंग्स 2026 में आईआईटी दिल्ली भारत का नंबर-1 शैक्षणिक संस्थान घोषित किया गया है। न केवल समग्र रैंकिंग में,बल्कि प्रमुख संकेतकों जैसे शैक्षणिक प्रतिष्ठा,एम्प्लॉयर रेप्युटेशन और सतत विकास के क्षेत्र में भी आईआईटी दिल्ली को भारत के शीर्ष दो संस्थानों में गिना गया है।
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 में 8,400 से अधिक विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन किया गया। ऐसे में आईआईटी दिल्ली का शीर्ष 125 में आना इस बात का प्रमाण है कि भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली अब वैश्विक मानकों पर खरी उतर रही है। यह रैंकिंग भारत के लिए एक संदेश है कि यदि रणनीतिक योजना,शोध पर ध्यान और वैश्विक जुड़ाव को प्राथमिकता दी जाए तो भारत के विश्वविद्यालय दुनिया में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर सकते हैं।
प्रो. बुवा और संस्थान के अन्य अधिकारियों का मानना है कि यदि सुधारों की यह प्रक्रिया निरंतर जारी रही तो अगले कुछ वर्षों में आईआईटी दिल्ली दुनिया के टॉप 100 विश्वविद्यालयों की सूची में स्थान बना सकता है। इसके लिए वे इंडस्ट्री-एकेडमिक सहयोग,अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी,रिसर्च इनोवेशन और फैकल्टी डेवलेपमेंट पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
आईआईटी दिल्ली की यह उपलब्धि केवल एक संस्थान की नहीं,बल्कि पूरे देश की है। यह उस दिशा में एक मजबूत कदम है,जहाँ भारत शिक्षा और अनुसंधान में वैश्विक नेतृत्वकर्ता बन सके। क्यूएस रैंकिंग 2026 में आईआईटी दिल्ली की शानदार छलांग एक प्रेरणा है,न केवल अन्य आईआईटी के लिए,बल्कि देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए भी।
यह साबित करता है कि गुणवत्ता, प्रतिबद्धता और नवाचार के बल पर भारतीय शिक्षा प्रणाली वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत छाप छोड़ने में सक्षम है।
