मप्र में मंत्री ने पूर्व पीएम नेहरू के खिलाफ की बयानबाजी, कांग्रेस आगबबूला !

भोपाल, 3 मार्च (युआईटीवी/आईएएनएस)| मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग द्वारा देश के पहले प्रधानमंत्री पं जवाहर लाल नेहरु द्वारा कथित तौर पर सिगरेट मंगाने के लिए भोपाल से इंदौर भेजे जाने के बयान पर विवाद हो गया है। सारंग ने राजभवन के एक नोट का हवाला दिया है। वहीं कांग्रेस ने मंत्री के बयान को गंदी राजनीति का हिस्सा बताया है। म्ांत्री सारंग ने अपने ट्वीटर पर लिखा है, गजब हैं नेहरू जी, विलायत से कपड़े धुलवाए, गांधीजी का सरनेम चुराया, लेकिन चरित्र नहीं अपनाया और तो और हवाई जहाज से सिगरेट मंगवाए। एमपी राजभवन के दस्तावेजों में लिखा है कि पूर्व पीएम नेहरू के लिये हवाई जहाज से इंदौर से भोपाल सिगरेट मंगाई गई।

सारंग ने इसके ट्वीट के साथ राजभवन के एक नोट को साझा किया। सारंग के इस ट्वीट पर कांग्रेस ने हमला बोला है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने एक बयान जारी कर कहा, “देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को लेकर मंत्री विश्वास सारंग का बयान घटिया राजनीति का हिस्सा है। समूचे देश में महापुरुषों के चरित्र हनन के जो निकृष्ट प्रयास किए जा रहे हैं। उसी साजिश का यह हिस्सा प्रतीत होता है।”

प्रदेश कांग्रेस के मीडिया उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कि, “भाजपा और संघ? अपनी चरित्र हनन की राजनीति को अंजाम देने के लिए राजभवन जैसे संवैधानिक संस्था का दुरुपयोग कर रहे हैं। राजभवन के नाम से वेबसाइट पर जो संस्मरण लिखे गए हैं, क्या वे प्रमाणिक रूप से तत्कालीन गवर्नर विनायक पाटस्कर द्वारा लिखे गए हैं? या किसी लेखक द्वारा लिखवाए गए हैं? यह जांच का विषय है। प्रोटोकॉल के अनुसार कौन प्रधानमंत्री क्या खाता है क्या पहनता है क्या पीता है, इसकी जानकारी क्या डी-क्लासिफाइड की जाती है? क्या अब यह भी सार्वजनिक होना चाहिए कि निजी जीवन में अटल बिहारी क्या खाते थे क्या पीते थे, किसके साथ रहते थे। क्या यह सरकारी डॉक्यूमेंटेशन का हिस्सा हो सकता है? अगर नहीं तो ऐसे दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार पर सरकार को अपना पक्ष रखना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “देश के प्रधानमंत्री अगर सिगरेट पीते थे, तो क्या यह सूचना जिसे स्वयं कभी पंडित नेहरू ने नहीं छुपाया उसका दुरुपयोग चरित्र हनन के लिए किया जाना चाहिए? अटल जी ने स्वयं कहा था कि वह अविवाहित जरूर हैं किंतु कुंवारे नहीं। तो क्या विश्वास सारंग यह भी सार्वजनिक करेंगे कि यह बयान अटल जी ने किनसे संबंध होने के कारण दिया था? निजी जीवन को अपने घिनौने राजनीतिक निंदा अभियानों का हिस्सा बनाना मूर्ति भंजन का निकृष्ट प्रयास है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *