हिंसक झड़प (तस्वीर क्रेडिट@deepakrajbhar1m)

महाराष्ट्र के नागपुर में हुई दो समूहों के बीच हिंसक झड़प,10 इलाकों में लगाया गया कर्फ्यू ,पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की

नागपुर,18 मार्च (युआईटीवी)- महाराष्ट्र के नागपुर में दो समूहों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद शहर के कई क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। यह हिंसा सोमवार को उस समय भड़क उठी जब एक विवादित फोटो को जलाया गया,जिसके बाद हिंसक भीड़ सड़कों पर आ गई और पथराव, तोड़फोड़ और पुलिस एवं दमकल कर्मियों पर हमले शुरू हो गए। इस घटनाक्रम के बाद शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नागपुर पुलिस ने कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया।

नागपुर पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर कुमार सिंघल ने मंगलवार को एक आदेश जारी करते हुए बताया कि यह कर्फ्यू आधी रात से लागू हो चुका है और अगले आदेश तक इसे जारी रखा जाएगा। कर्फ्यू के तहत नागपुर के 10 पुलिस थाना क्षेत्रों को प्रभावित किया गया है,जिनमें कोतवाली,गणेशपेठ,लकड़गंज,पचपावली,शांतिनगर,सक्करदरा, नंदनवन,इमामबाड़ा,यशोधरा नगर और कपिल नगर शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि कर्फ्यू का उल्लंघन करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

कर्फ्यू लागू करने के साथ ही पुलिस को प्रभावित क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सड़कें बंद करने का अधिकार भी दिया गया है। पुलिस आयुक्त ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “फिलहाल स्थिति शांत है। हिंसा के बाद लोगों ने इकट्ठा होना शुरू किया था। हमने भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की और इस संबंध में कार्रवाई की है। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” पुलिस आयुक्त ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वे प्रशासन के साथ सहयोग करें और अफवाहों से बचें।

पुलिस सूत्रों के अनुसार,अब तक 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। इन लोगों पर पथराव,तोड़फोड़ और पुलिस तथा दमकल कर्मियों पर हमले का आरोप है। पुलिस ने घटनास्थल पर तलाशी अभियान चलाया है,जिसमें एसआरपीएफ और आरएएफ के जवानों की बड़ी टीम को तैनात किया गया है। इस हिंसक झड़प में पुलिस उपायुक्त समेत एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

नागपुर में बढ़ते तनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी है। उन्होंने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है और साथ ही पुलिस को हर संभव सहयोग देने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “नागपुर एक शांतिप्रिय शहर है, जहाँ लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते हैं। इस शहर में कभी भी ऐसी हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। मैं नागरिकों से अपील करता हूँ कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और कानून को अपने हाथ में न लें।”

आगे उन्होंने कहा कि, “महल इलाके में जो कुछ हुआ वह गलत था। भीड़ का एक जगह इकट्ठा होकर पत्थरबाजी करना अनुचित है। ऐसे कृत्य नहीं किए जाने चाहिए। नागपुर के सभी नागरिकों से मैं कानून और व्यवस्था का पालन करने और शांति बनाए रखने का अनुरोध करता हूँ। नागपुर में शांति और सद्भाव कायम रहेगा, इसलिए शांति भंग करने की कोई वजह नहीं होनी चाहिए।” मुख्यमंत्री ने पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और किसी भी आरोपी को बख्शा न जाए।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि कोई पुलिसकर्मी पर हमला करता है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि, “हमारी सरकार किसी भी तरह की हिंसा और अराजकता को बर्दाश्त नहीं करेगी। यदि कोई पुलिसकर्मी पर हमला करता है,तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसलिए मैं सभी से शांति बनाए रखने की अपील करता हूँ।”

वहीं,विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की है। शिवसेना यूबीटी के विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा, “राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले से कहीं अधिक बिगड़ी हुई है। मुख्यमंत्री और गृह मंत्री का गृह नगर नागपुर भी इस समस्या का सामना कर रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नाकामी के कारण यह हिंसा भड़की और नागपुर में शांति की स्थिति बिगड़ी। ठाकरे ने यह भी कहा कि राज्य सरकार को इस स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पाना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

घटना के बाद,प्रशासन और पुलिस की ओर से शांति बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें और संयम बनाए रखें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की कोशिश है कि हिंसा के कारण शहर के सामान्य जीवन पर कोई असर न पड़े और स्थिति को जल्द ही काबू पा लिया जाए।

नागपुर में यह घटना इस समय काफी गंभीर बन चुकी है,क्योंकि इससे न केवल शहर की सुरक्षा और शांति प्रभावित हो रही है,बल्कि नागरिकों के बीच डर और असमंजस का माहौल भी पैदा हो गया है। इस हिंसा के कारण वहाँ की कानून व्यवस्था को बनाए रखने में पुलिस को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन स्थिति को जल्दी काबू में लाता है या हिंसा का दौर और बढ़ता है।

नागपुर में हालात तनावपूर्ण हैं और प्रशासन शांति बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है। मुख्यमंत्री और पुलिस ने नागरिकों से शांति और सहयोग की अपील की है,ताकि शहर में सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।