इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’ मामला (तस्वीर क्रेडिट@OrissaPOSTLive)

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’ मामला: युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार,सात दिन की कस्टडी की माँग

नई दिल्ली,24 फरवरी (युआईटीवी)- राजधानी दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’ प्रकरण में दिल्ली पुलिस ने इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई पिछले सप्ताह भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में की गई है। पुलिस ने मंगलवार सुबह चिब को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया।

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में पेशी के दौरान सात दिन की कस्टडी की माँग की। पुलिस का कहना है कि इस मामले में देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग जुड़े हुए हैं और जाँच के लिए आरोपियों को विभिन्न स्थानों पर ले जाना आवश्यक है। अधिकारियों के अनुसार यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रदर्शन के पीछे कोई संगठित योजना थी या यह अचानक लिया गया निर्णय था। फिलहाल मामले की जाँच जारी है और पुलिस डिजिटल साक्ष्यों तथा अन्य सामग्रियों की भी पड़ताल कर रही है।

इससे पहले सोमवार को पुलिस ने इस मामले में जितेंद्र यादव,राजा गुर्जर और अजय कुमार समेत अन्य लोगों को ग्वालियर सहित अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया था। इन सभी के खिलाफ तिलक मार्ग थाने में सार्वजनिक शांति भंग करने और अन्य प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। अब तक इस प्रकरण में कुल आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है,जिनमें उदय भानु चिब का नाम भी शामिल है।

पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने कार्यक्रम स्थल में प्रवेश के लिए पहले से योजना बनाई थी। जाँच में सामने आया है कि आरोपियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कर क्यूआर कोड प्राप्त किया,जिसके माध्यम से वे समिट स्थल में प्रवेश कर सके। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक,प्रदर्शनकारियों ने पहले काले रंग की छतरियों पर स्टिकर चिपकाकर उन्हें कार्यक्रम स्थल के भीतर ले जाने की योजना बनाई थी। हालाँकि,उन्हें आशंका हुई कि काले छाते प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं,इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी। बाद में उन्होंने टी-शर्ट पर स्टिकर छपवाए और उन्हें अपनी शर्ट के नीचे पहनकर अंदर प्रवेश किया।

घटना उस समय चर्चा में आई,जब एआई समिट के दौरान कुछ युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अचानक अपनी शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक,कार्यकर्ता हॉल नंबर-5 के लॉबी क्षेत्र में पहुँचे और अपनी शर्ट के नीचे पहनी टी-शर्ट उतारकर या हाथों में पकड़कर नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों,बढ़ती बेरोजगारी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध जताया। कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया,जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया।

समिट में देश-विदेश के तकनीकी विशेषज्ञ,नीति-निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल थे। ऐसे प्रतिष्ठित कार्यक्रम में अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब यह भी जाँच कर रही है कि कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा में कोई चूक तो नहीं हुई और क्या प्रदर्शनकारियों को अंदर से किसी प्रकार की मदद मिली थी।

युवा कांग्रेस की ओर से अभी तक इस गिरफ्तारी पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है,लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह विरोध शांतिपूर्ण तरीके से किया गया था और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के दायरे में देखा जाना चाहिए। वहीं पुलिस का तर्क है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में इस तरह का प्रदर्शन सार्वजनिक शांति भंग करने और सुरक्षा व्यवस्था को बाधित करने के दायरे में आता है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पुलिस यह साबित कर पाती है कि प्रदर्शन पूर्व नियोजित था और इसमें सुरक्षा प्रोटोकॉल को दरकिनार किया गया,तो आरोपियों पर गंभीर धाराएँ लग सकती हैं। दूसरी ओर,यदि यह प्रदर्शन केवल प्रतीकात्मक विरोध के रूप में देखा जाता है,तो मामला जमानती धाराओं तक सीमित रह सकता है। फिलहाल अदालत में पुलिस की कस्टडी माँग पर सुनवाई के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।

इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है। एक ओर विपक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा बता रहा है,तो दूसरी ओर सरकार और प्रशासन इसे सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के रूप में देख रहे हैं। आने वाले दिनों में जाँच की दिशा और अदालत के निर्णय से यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में किस स्तर तक जिम्मेदारी तय की जाती है।

फिलहाल दिल्ली पुलिस की जाँच जारी है और अधिकारी इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह प्रदर्शन केवल स्थानीय स्तर पर संगठित था या इसके पीछे व्यापक रणनीति थी। उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के बाद यह मामला और अधिक राजनीतिक महत्व का हो गया है,जिस पर राष्ट्रीय स्तर पर नजरें टिकी हुई हैं।