नई दिल्ली,21 जनवरी (युआईटीवी)- स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) 2026 के दौरान महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने फिनलैंड के विदेश व्यापार और विकास मंत्री महामहिम विले टैवियो से महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकात की। इस बैठक को भारत और फिनलैंड के बीच रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है,जिसमें महाराष्ट्र को एक प्रमुख भागीदार के रूप में देखा गया। दोनों नेताओं ने वैश्विक आर्थिक बदलावों,सतत विकास और तकनीकी नवाचार के मौजूदा दौर में आपसी साझेदारी को और गहरा करने पर विस्तार से चर्चा की।
इस मुलाकात का मुख्य केंद्र सर्कुलर इकोनॉमी,नवाचार और उन्नत तकनीकों में सहयोग बढ़ाना रहा। बैठक के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से इस चर्चा की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 के दौरान फिनलैंड के विदेश व्यापार और विकास मंत्री विले टैवियो से मिलकर उन्हें बेहद खुशी हुई और दोनों के बीच हुई बातचीत भविष्य के सहयोग के लिए बेहद सकारात्मक रही।
देवेंद्र फडणवीस ने अपने पोस्ट में बताया कि बातचीत का फोकस सर्कुलर इकोनॉमी,इनोवेशन और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी में सहयोग को मजबूत करने पर रहा। उन्होंने कहा कि फिनलैंड इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक अग्रणी देश है और महाराष्ट्र भी सतत विकास तथा हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है। ऐसे में दोनों के बीच साझेदारी से न केवल निवेश और तकनीक का आदान-प्रदान होगा,बल्कि पर्यावरण के अनुकूल विकास मॉडल को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बैठक में मई-जून के दौरान मुंबई में एक बड़े सर्कुलर इकोनॉमी इवेंट के आयोजन की योजनाओं पर चर्चा हुई। इसके साथ ही महाराष्ट्र सरकार द्वारा तैयार की जा रही एक समर्पित सर्कुलर इकोनॉमी पॉलिसी पर भी विचार-विमर्श किया गया। फडणवीस के अनुसार,यह नीति उद्योग,शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने में मददगार साबित होगी और इसमें फिनलैंड के अनुभव और विशेषज्ञता का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है।
बैठक के दौरान सुपरकंप्यूटिंग,डेटा सेंटर और अन्य एडवांस्ड टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में सहयोग पर भी विस्तार से बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि फिनलैंड की प्रमुख कंपनी नोकिया द्वारा आने वाले डेटा सेंटर प्रोजेक्ट पर भी चर्चा की गई,जो महाराष्ट्र में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती दे सकता है। इसके अलावा,दोनों पक्षों ने इस बात पर भी सहमति जताई कि तकनीकी सहयोग के जरिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को और सशक्त किया जाए,जिससे युवाओं को नए अवसर मिल सकें।
देवेंद्र फडणवीस ने अपने पोस्ट में यह भी उल्लेख किया कि फिनलैंड में आयोजित होने वाले ग्लोबल स्टार्टअप फेस्टिवल में महाराष्ट्र की भागीदारी को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई है। इसके लिए एक राज्य-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजने की संभावना पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार,इससे महाराष्ट्र के स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच मिलेगा और फिनलैंड जैसे इनोवेशन-ड्रिवन देश के साथ नेटवर्किंग और साझेदारी के नए रास्ते खुलेंगे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने भरोसा जताया कि दावोस में हुई यह बातचीत भारत और फिनलैंड के संबंधों को और गहराई देगी,जिसमें महाराष्ट्र एक सेतु की भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार,तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग से न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा,बल्कि वैश्विक स्तर पर सतत विकास के साझा लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 का आयोजन 19 से 23 जनवरी तक स्विट्जरलैंड के दावोस में किया जा रहा है। इस वर्ष की बैठक का थीम “संवाद की भावना” रखा गया है,जो वैश्विक चुनौतियों का समाधान आपसी बातचीत और सहयोग के जरिए खोजने पर जोर देता है। इस प्रतिष्ठित मंच पर दुनिया के 130 से अधिक देशों के लगभग 3,000 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं,जिनमें राष्ट्राध्यक्ष,मंत्री,उद्योग जगत के नेता,नीति-निर्माता और विशेषज्ञ शामिल हैं।
डब्ल्यूईएफ 2026 के दौरान हो रही इस तरह की द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों को वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। देवेंद्र फडणवीस और विले टैवियो की मुलाकात भी इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है,जो भारत–फिनलैंड संबंधों को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ महाराष्ट्र को वैश्विक निवेश और नवाचार के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
