नागपुर,22 जनवरी (युआईटीवी)- विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 48 रन से मात देकर पाँच मैचों की सीरीज में 1-0 की अहम बढ़त हासिल कर ली। यह मुकाबला पूरी तरह से भारतीय बल्लेबाजों के नाम रहा,जहाँ शुरुआती झटकों के बावजूद अभिषेक शर्मा और रिंकू सिंह की विस्फोटक पारियों ने मैच की दिशा और दशा दोनों बदल दीं। वहीं गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती और शिवम दुबे ने अहम योगदान देकर न्यूजीलैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
मैच की शुरुआत भारत के लिए कुछ खास नहीं रही। टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को दूसरे ही ओवर में झटका लगा,जब 27 के स्कोर तक टीम ने अपने दो अहम विकेट गंवा दिए। शुरुआती विकेट गिरने से एक समय ऐसा लग रहा था कि न्यूजीलैंड के गेंदबाज मैच पर पकड़ बना लेंगे,लेकिन इसके बाद जो हुआ,उसने दर्शकों को पूरी तरह रोमांच से भर दिया। युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ मिलकर पारी को सँभालते हुए आक्रामक रुख अपनाया। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 47 गेंदों में 99 रन की शानदार साझेदारी हुई,जिसने भारत को संकट से उबारकर मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया।
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने चिर-परिचित अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 22 गेंदों में 1 छक्का और 4 चौकों की मदद से 32 रन बनाए। हालाँकि,वह बड़ी पारी नहीं खेल सके,लेकिन उनका योगदान बेहद अहम रहा क्योंकि उन्होंने अभिषेक को खुलकर खेलने का मौका दिया। दूसरी ओर अभिषेक शर्मा पूरी तरह अलग ही लय में नजर आए। उन्होंने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर जमकर हमला बोलते हुए मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाए। 35 गेंदों में 8 छक्के और 5 चौकों की मदद से 84 रन की उनकी तूफानी पारी ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
अभिषेक के आउट होने के बाद भी भारतीय बल्लेबाजी का आक्रमण थमा नहीं। मध्यक्रम में हार्दिक पंड्या ने जिम्मेदारी निभाते हुए तेजी से 25 रन जोड़े और रन रेट को ऊँचा बनाए रखा। अंतिम ओवरों में रिंकू सिंह ने एक बार फिर साबित किया कि वह टी20 प्रारूप के भरोसेमंद फिनिशर हैं। रिंकू ने महज 20 गेंदों में 3 छक्कों और 4 चौकों की मदद से नाबाद 44 रन बनाए,जिससे भारत निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 238 रन के विशाल स्कोर तक पहुँच गया। न्यूजीलैंड की ओर से जैकब डफी और काइल जैमीसन ने सबसे ज्यादा 2-2 विकेट झटके,लेकिन वे भारतीय बल्लेबाजों को बड़े स्कोर से रोकने में नाकाम रहे।
239 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत भारत से भी खराब रही। पारी की दूसरी ही गेंद पर डेवोन कॉन्वे बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए,जिससे मेहमान टीम पर तुरंत दबाव बन गया। इसके बाद जब टीम का खाता खुला,तब रचिन रवींद्र भी सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती झटकों से न्यूजीलैंड की रनचेज शुरुआत से ही लड़खड़ा गई। हालाँकि,इसके बाद ग्लेन फिलिप्स और टिम रॉबिनसन ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 30 गेंदों में 51 रन की साझेदारी कर टीम को सँभालने की कोशिश की।
टिम रॉबिनसन ने 15 गेंदों में 3 बाउंड्री के साथ 21 रन बनाए,लेकिन उनके आउट होते ही न्यूजीलैंड एक बार फिर दबाव में आ गया। 52 रन तक टीम अपने तीन विकेट गंवा चुकी थी। इसके बाद ग्लेन फिलिप्स ने मोर्चा सँभाला और मार्क चैपमैन के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। दोनों के बीच 42 गेंदों में 79 रन की साझेदारी हुई,जिससे न्यूजीलैंड का स्कोर 131 रन तक पहुँच गया और एक समय मुकाबला रोमांचक होता नजर आया। फिलिप्स ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों में 6 छक्कों और 4 चौकों की मदद से 78 रन की शानदार पारी खेली,जबकि चैपमैन ने 39 रन का योगदान दिया।
हालाँकि,जैसे ही यह साझेदारी टूटी,न्यूजीलैंड की जीत की उम्मीदें भी लगभग खत्म हो गईं। निचले क्रम में डेरिल मिचेल ने 28 रन और कप्तान मिचेल सैंटनर ने नाबाद 20 रन जरूर बनाए,लेकिन जरूरी रन रेट बहुत ज्यादा होने के कारण टीम लक्ष्य के करीब भी नहीं पहुँच सकी। अंततः न्यूजीलैंड की टीम 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 190 रन ही बना सकी और भारत ने मुकाबला 48 रन से अपने नाम कर लिया।
भारतीय गेंदबाजों ने भी सामूहिक प्रदर्शन किया। वरुण चक्रवर्ती और शिवम दुबे ने 2-2 विकेट लेकर न्यूजीलैंड की रनचेज को पटरी से उतार दिया। वहीं अर्शदीप सिंह,हार्दिक पंड्या और अक्षर पटेल को 1-1 सफलता मिली। गेंदबाजों की सटीक लाइन-लेंथ और समय पर विकेटों ने यह सुनिश्चित किया कि न्यूजीलैंड लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव से बाहर न निकल सके।
इस जीत के साथ टीम इंडिया ने न सिर्फ सीरीज में बढ़त बनाई,बल्कि यह भी दिखा दिया कि युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन टी20 क्रिकेट में कितना असरदार हो सकता है। अभिषेक शर्मा और रिंकू सिंह जैसे युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन भारत के भविष्य के लिए शुभ संकेत है,जबकि सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पंड्या जैसे सीनियर खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम को मजबूती देती है। अब सभी की नजरें सीरीज के अगले मुकाबले पर होंगी,जहाँ न्यूजीलैंड वापसी की कोशिश करेगा और भारत अपनी बढ़त को और मजबूत करने उतरेगा।
