नई दिल्ली,10 फरवरी (युआईटीवी)- भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स गणराज्य के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के बीच सोमवार को राजधानी दिल्ली में अहम द्विपक्षीय मुलाकात हुई। हैदराबाद हाउस में आयोजित इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत–सेशेल्स संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की और सहयोग को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का संकल्प दोहराया। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के लिए 175 मिलियन डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा करते हुए भारत की विकास साझेदारी और रणनीतिक सहयोग की प्रतिबद्धता को एक बार फिर रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त बयान में कहा कि भारत और सेशेल्स के रिश्ते आपसी विश्वास,सम्मान और साझा हितों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए नए अवसरों की तलाश जारी रखने पर सहमत हुए हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि लोकल करेंसी में व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ फिनटेक और डिजिटल समाधानों के क्षेत्र में भी दोनों देश मिलकर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि विकास साझेदारी भारत–सेशेल्स संबंधों की मजबूत नींव रही है और भारत के सभी प्रयास सेशेल्स की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किए जाते हैं। इसी दिशा में भारत ने 175 मिलियन डॉलर के खास आर्थिक पैकेज की घोषणा की है,जो सेशेल्स के समग्र विकास में सहायक होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत सेशेल्स को एक भरोसेमंद मित्र और रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है। उन्होंने बताया कि यह आर्थिक पैकेज बुनियादी ढाँचे,क्षमता निर्माण,डिजिटल कनेक्टिविटी,स्वास्थ्य और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने में मदद करेगा। प्रधानमंत्री के अनुसार,यह पहल हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता,समृद्धि और सतत विकास के साझा लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगी।
सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने भारत यात्रा को अपने लिए विशेष और सम्मानजनक बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी और भारत के लोगों का गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में यह भारत का उनका पहला राजकीय दौरा है और हैदराबाद हाउस में उनका स्वागत सेशेल्स और भारत के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती और आपसी सम्मान को दर्शाता है। राष्ट्रपति हर्मिनी ने इस बात को विशेष रूप से रेखांकित किया कि यह वर्ष दोनों देशों के संबंधों में एक ऐतिहासिक पड़ाव है,क्योंकि जून में भारत और सेशेल्स अपने राजनयिक संबंधों की स्वर्ण जयंती मनाने जा रहे हैं।
राष्ट्रपति हर्मिनी ने कहा कि इस दौरे के दौरान दोनों देशों ने व्यापार,निवेश और आपसी सहयोग की संभावनाओं पर गहन चर्चा की। उन्होंने बताया कि बैठक में व्यापार और निजी क्षेत्र के पहलुओं पर भी ध्यान दिया गया,ताकि दोनों देशों के बीच मौजूद सद्भावना को वास्तविक और सतत आर्थिक गतिविधियों में बदला जा सके। उनके अनुसार,इन आर्थिक लिंकेज को मजबूत करना दोनों देशों के लिए दीर्घकालिक लाभकारी सिद्ध होगा।
स्वास्थ्य सहयोग को भारत–सेशेल्स संबंधों का एक महत्वपूर्ण और तेजी से बढ़ता हुआ रणनीतिक स्तंभ बताते हुए राष्ट्रपति हर्मिनी ने कहा कि यह क्षेत्र इस दौरे का प्रमुख केंद्र रहा। उन्होंने भारत की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने वर्षों से सेशेल्स को स्वास्थ्य सेवाओं,चिकित्सा प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया है। भविष्य में भी इस सहयोग को और विस्तार देने पर सहमति बनी है,ताकि सेशेल्स के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।
राष्ट्रपति हर्मिनी ने आगे बताया कि दोनों नेताओं की बातचीत में आर्थिक जुड़ाव और विकास के समर्थन पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट आधारित सहयोग और लाइन ऑफ क्रेडिट जैसे उपयुक्त विकास सहयोग उपकरणों के माध्यम से प्राथमिक परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की गई। उनके अनुसार,इस तरह का सहयोग सेशेल्स की विकास आवश्यकताओं को पूरा करने और उसकी अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को भारत–सेशेल्स संबंधों का एक प्रमुख आधार बताते हुए राष्ट्रपति हर्मिनी ने कहा कि दोनों देश इस क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक गतिविधियों के बीच भारत और सेशेल्स का सहयोग न केवल दोनों देशों के लिए,बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। समुद्री सुरक्षा,अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी है।
इसके अलावा,राष्ट्रपति हर्मिनी ने कहा कि दोनों नेताओं ने आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए। इनमें हिंद महासागर क्षेत्र में हो रहे विकास,जलवायु परिवर्तन,सतत विकास और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग जैसे विषय शामिल रहे। उन्होंने जी20 और ब्रिक्स जैसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारत वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूती से सामने रख रहा है।
राष्ट्रपति हर्मिनी ने इस बात पर जोर दिया कि शांति,स्थिरता और निरंतर विकास को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच नियमित संवाद और निरंतर जुड़ाव बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ सेशेल्स का संबंध केवल द्विपक्षीय सहयोग तक सीमित नहीं है,बल्कि यह क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर साझा दृष्टिकोण और जिम्मेदारियों को भी दर्शाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की यह मुलाकात भारत–सेशेल्स संबंधों को नई दिशा देने वाली साबित हुई। 175 मिलियन डॉलर के आर्थिक पैकेज की घोषणा के साथ भारत ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि वह हिंद महासागर क्षेत्र में अपने मित्र देशों के विकास और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है। यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा,बल्कि आने वाले वर्षों में भारत और सेशेल्स के बीच रणनीतिक,आर्थिक और मानवीय सहयोग को भी नई गति प्रदान करेगा।
