भारतीय महिला कबड्डी टीम (तस्वीर क्रेडिट@RavindraBhati__)

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ढाका में महिला कबड्डी वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीत रचा इतिहास

हैदराबाद,25 नवंबर (युआईटीवी)- भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ढाका में आयोजित महिला कबड्डी वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीतकर एक बार फिर दुनिया को बता दिया है कि इस खेल में भारत की बादशाहत बरकरार है। टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने चीनी ताइपे को 35-28 के अंतर से हराते हुए लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप जीतने का गौरव हासिल किया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने न केवल अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की,बल्कि देश का नाम एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर रोशन किया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि महिला कबड्डी वर्ल्ड कप का आयोजन अब तक केवल दो बार हुआ है और दोनों बार ट्रॉफी भारत के नाम रही है।

पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय टीम ने अपने खेल और रणनीति से हर किसी को प्रभावित किया। शुरुआती मैच से लेकर फाइनल तक,भारतीय खिलाड़ियों ने जिस अनुशासन,दमखम और कौशल का प्रदर्शन किया,उसने दर्शाया कि टीम कितनी मजबूती से तैयार होकर मैदान में उतरी थी। भारत ने चार ग्रुप मैच खेले और सभी में जीत हासिल की। ग्रुप ए में भारतीय टीम ने चार मैचों में चार जीत दर्ज कर 8 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया। दूसरी ओर,चीनी ताइपे ने ग्रुप बी में पाँच में से पाँच मुकाबले जीतकर 10 अंकों के साथ अपने ग्रुप में पहला स्थान हासिल किया। दोनों टीमें जब फाइनल में आमने-सामने आईं तो यह मुकाबला दो अपराजित टीमों की टक्कर बन गया,जिसे देखने के लिए पूरे स्टेडियम में उत्साह चरम पर था।


सेमीफाइनल मुकाबलों की बात करें तो भारत ने ईरान को 33-21 के बड़े अंतर से हराकर फाइनल में जगह पक्की की थी। भारतीय टीम का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि वह शुरुआत से ही खिताब जीतने की प्रबल दावेदार थी। वहीं दूसरी ओर चीनी ताइपे ने मेजबान टीम बांग्लादेश को 25-18 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। टूर्नामेंट में कुल 11 देशों ने हिस्सा लिया,जो यह दर्शाता है कि महिला कबड्डी किस तरह विश्व स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। इस खेल में बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय दिलचस्पी ने भारत की उपलब्धि को और भी ऐतिहासिक बना दिया है।

फाइनल मुकाबले में शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। भारतीय टीम ने पहले हाफ में मजबूत बढ़त बनाने की कोशिश की,लेकिन चीनी ताइपे की टीम भी किसी तरह पीछे हटने को तैयार नहीं थी। दोनों टीमें एक-दूसरे पर रणनीतिक दबाव बनाती रहीं। भारतीय खिलाड़ियों के उत्कृष्ट रेड और मजबूत डिफेंस ने मैच में भारत की पकड़ को धीरे-धीरे मजबूत किया। दूसरे हाफ में भारतीय डिफेंडरों ने चीनी ताइपे के रेडर्स को कई बार सुपर टैकल करके मैच का रुख अपनी ओर मोड़ लिया। अंतिम मिनटों में भारत ने 35-28 की निर्णायक बढ़त बनाकर जीत अपने नाम कर ली। खिलाड़ियों का आत्मविश्वास,टीमवर्क और मानसिक मजबूती हर पल नजर आती रही। कोचिंग स्टाफ की रणनीतियों ने भी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय महिला कबड्डी टीम को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा कि वर्ल्ड कप जीतकर भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे देश को गर्व महसूस कराया है। उन्होंने टीम की हिम्मत,कौशल और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह जीत भारत की युवा पीढ़ी को बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने की प्रेरणा देगी। प्रधानमंत्री के संदेश ने खिलाड़ियों में उत्साह और गर्व की भावना को और मजबूत किया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी भारतीय टीम को बधाई देते हुए कहा कि खिलाड़ियों का साहस,अनुशासन और संघर्ष भारत की असली भावना को दर्शाता है। उन्होंने लिखा कि टीम ने वर्ल्ड कप जीतकर न केवल देश का नाम ऊँचा किया है,बल्कि यह भी साबित किया है कि भारतीय महिलाएँ हर क्षेत्र में सफलता की नई ऊँचाइयाँ छू रही हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी टीम को बधाई देते हुए लिखा कि भारत अपनी बेटियों की शक्ति और दृढ़ निश्चय के दम पर यह शानदार जीत मना रहा है। उन्होंने टीम के लगातार दूसरे खिताब को ऐतिहासिक करार देते हुए इसे भारतीय खेलों के लिए एक स्वर्णिम पल बताया।

गृहमंत्री अमित शाह ने भी महिला कबड्डी टीम को बधाई देते हुए लिखा कि यह भारत के खेल प्रतिभा की चमक दिखाने वाला गर्व से भरा हुआ क्षण है। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों की यह जीत इस बात का प्रमाण है कि भारत की बेटियाँ किसी भी मंच पर कमाल कर सकती हैं। शाह ने टीम के भविष्य के लिए शुभकामनाएँ भी दीं।

भारतीय महिला कबड्डी टीम की इस जीत ने न केवल देश को गर्व का क्षण दिया है,बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि भारतीय खिलाड़ी खेल के हर प्रारूप में विश्व स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं। यह जीत भारत की महिला खेल प्रतिभा के उभरते हुए स्वरूप का प्रतीक है। ढाका में लहराया गया यह ‘विजय तिरंगा’ आने वाले वर्षों में महिला कबड्डी के लिए नई प्रेरणा और उत्साह का स्रोत बना रहेगा।